
इसलिए यह चरण और आचरण पूज्य हैं
दिगम्बर जैन संत का जीवन कितना कठिन है। पूज्य मुनिश्री अक्षयसागर जी महाराज मुम्बई से पदविहार करते हुए मप्र के दमोह जिले के कुंडलपुर पहुंच रहे हैं। 24 घंटे में सिर्फ एक बार खड़े होकर अंजुली में आहार पानी लेकर भी मुनिश्री प्रतिदिन 30 किलोमीटर पैदल चलकर कल दमोह पहुंचे तो किसी भक्त ने उनके पैरों का यह फोटो खींचा। जैन समाज सौभाग्यशाली है कि उनके संत कठोर दिनचर्या का पालन करते हुए सभी के कल्याण की भावना रखते हैं। इसीलिए उनके चरण और आचरण पूज्य हैं।
[पत्रकार श्री जैन की वॉल से साभार]
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