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|| जय श्री राधे ||
???????? महर्षि पाराशर पंचांग ????????
???????????? अथ पंचांगम् ????????????
ll जय श्री राधे ll
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दिनांक:- 17/12/2024, मंगलवार
द्वितीया, कृष्ण पक्ष,
पौष
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि———- द्वितीया 10:55:39 तक
पक्ष————————–कृष्ण
नक्षत्र——— पुनर्वसु 24:43:08
योग————– ब्रह्म 21:09:47
करण————– गर 10:55:39
करण———– वणिज 22:25:01
वार——————— मंगलवार
माह————————– पौष
चन्द्र राशि—– मिथुन 18:46:38
चन्द्र राशि—————– कर्क
सूर्य राशि——————- धनु
रितु————————- हेमंत
आयन—————–दक्षिणायण
संवत्सर (उत्तर) ————–कालयुक्त
विक्रम संवत—————- 2081
गुजराती संवत————– 2081
शक संवत——————1946
कलि संवत—————– 5125
वृन्दावन
सूर्योदय————– 07:04:45
सूर्यास्त————— 17:26:18
दिन काल———— 10:21:33
रात्री काल————- 13:39:00
चंद्रोदय————– 19:23:31
चंद्रास्त—————- 31:23:57
लग्न—- धनु 1°24′ , 241°24′
सूर्य नक्षत्र—————— मूल
चन्द्र नक्षत्र—————- पुनर्वसु
नक्षत्र पाया—————— रजत
???????????? पद, चरण ????????????
को—- पुनर्वसु 12:52:46
हा—- पुनर्वसु 18:46:38
ही—- पुनर्वसु 24:43:08
हु—- पुष्य 30:42:24
???????????? ग्रह गोचर ????????????
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
सूर्य= वृश्चिक 01°45, मूल 1 ये
चन्द्र=मिथुन 32°30 , पुनर्वसु 2 को
बुध =वृश्चिक 12°52 ‘ अनुराधा 3 नू
शु क्र= मकर 17°05, श्रवण’ 3 खे
मंगल=कर्क 11°30 ‘ पुष्य ‘ 3 हो
गुरु=वृषभ 20°30 रोहिणी, 4 वू
शनि=कुम्भ 19°50 ‘ शतभिषा , 4 सू
राहू=(व) मीन 10°10 उo भा o, 2 थ
केतु= (व)कन्या 10°10 उ o फा o 4 पी
???????????? शुभा$शुभ मुहूर्त ????????????
राहू काल 14:51 – 16:09 अशुभ
यम घंटा 09:40 – 10:58 अशुभ
गुली काल 12:16 – 13: 33अशुभ
अभिजित 11:55 – 12:36 शुभ
दूर मुहूर्त 09:09 – 09:51 अशुभ
दूर मुहूर्त 22:54 – 23:35 अशुभ
वर्ज्यम 12:53 – 14:27 अशुभ
प्रदोष 17:26 – 20:13 शुभ
????चोघडिया, दिन
रोग 07:05 – 08:22 अशुभ
उद्वेग 08:22 – 09:40 अशुभ
चर 09:40 – 10:58 शुभ
लाभ 10:58 – 12:16 शुभ
अमृत 12:16 – 13:33 शुभ
काल 13:33 – 14:51 अशुभ
शुभ 14:51 – 16:09 शुभ
रोग 16:09 – 17:26 अशुभ
????चोघडिया, रात
काल 17:26 – 19:09 अशुभ
लाभ 19:09 – 20:51 शुभ
उद्वेग 20:51 – 22:33 अशुभ
शुभ 22:33 – 24:16* शुभ
अमृत 24:16* – 25:58* शुभ
चर 25:58* – 27:41* शुभ
रोग 27:41* – 29:23* अशुभ
काल 29:23* – 31:05* अशुभ
????होरा, दिन
मंगल 07:05 – 07:57
सूर्य 07:57 – 08:48
शुक्र 08:48 – 09:40
बुध 09:40 – 10:32
चन्द्र 10:32 – 11:24
शनि 11:24 – 12:16
बृहस्पति 12:16 – 13:07
मंगल 13:07 – 13:59
सूर्य 13:59 – 14:51
शुक्र 14:51 – 15:43
बुध 15:43 – 16:35
चन्द्र 16:35 – 17:26
????होरा, रात
शनि 17:26 – 18:35
बृहस्पति 18:35 – 19:43
मंगल 19:43 – 20:51
सूर्य 20:51 – 21:59
शुक्र 21:59 – 23:08
बुध 23:08 – 24:16
चन्द्र 24:16* – 25:24
शनि 25:24* – 26:32
बृहस्पति 26:32* – 27:41
मंगल 27:41* – 28:49
सूर्य 28:49* – 29:57
शुक्र 29:57* – 31:05
???? उदयलग्न प्रवेशकाल ????
वृश्चिक > 03:30 से 06:08 तक
धनु > 06:08 से 08:20 तक
मकर > 08:20 से 09:48 तक
कुम्भ > 09:48 से 11:20 तक
मीन > 11:20 से 12:50 तक
मेष > 12:50 से 14:30 तक
वृषभ > 14:30 से 16:28 तक
मिथुन > 16:28 से 18:40 तक
कर्क > 18:40 से 20:58 तक
सिंह > 20:58 से 23:08 तक
कन्या > 23:08 से 01:34 तक
तुला > 01:34 से 03:36 तक
????विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
????दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
???? अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
15 + 2 + 3 + 1 = 21 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l
???????? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ????????
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
मंगल ग्रह मुखहुति
???? शिव वास एवं फल -:
17 + 17 + 5 = 39 ÷ 7 = 4 शेष
सभायां = संताप कारक
????भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
रात्रि 22:25 से प्रारम्भ
मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी
???????? विशेष जानकारी ????????
???????????? शुभ विचार ????????????
ते पुत्रा ये पितुर्भक्ताः स पिता यस्तु पोषकः ।
तन्मित्रंयत्रविश्वासःसा भार्या यत्र निर्वृतिः ।।
।। चा o नी o।।
पुत्र वही है जो पिता का कहना मानता हो, पिता वही है जो पुत्रों का पालन-पोषण करे, मित्र वही है जिस पर आप विश्वास कर सकते हों और पत्नी वही है जिससे सुख प्राप्त हो।
???????????? सुभाषितानि ????????????
गीता -: भक्तियोग अo-12
मय्यावेश्य मनो ये मां नित्ययुक्ता उपासते ।,
श्रद्धया परयोपेतास्ते मे युक्ततमा मताः ॥,
श्री भगवान बोले- मुझमें मन को एकाग्र करके निरंतर मेरे भजन-ध्यान में लगे हुए (अर्थात गीता अध्याय 11 श्लोक 55 में लिखे हुए प्रकार से निरन्तर मेरे में लगे हुए) जो भक्तजन अतिशय श्रेष्ठ श्रद्धा से युक्त होकर मुझ सगुणरूप परमेश्वर को भजते हैं, वे मुझको योगियों में अति उत्तम योगी मान्य हैं॥,2॥,
???????? दैनिक राशिफल ????????
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
????मेष
समाज में आपके कार्यों की आलोचना होगी। राजकीय सहयोग मिलेगा एवं इस क्षेत्र के व्यक्तियों से संबंध बढ़ेंगे। वाणी पर संयम रखें। दौड़धूप अधिक रहेगी। बुरी खबर मिल सकती है। वाणी पर नियंत्रण रखें। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं।
????वृष
विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी। व्यापार अच्छा चलेगा। कार्य निर्णय बहुत शांति से विचार करके करना ही शुभ है। मेहनत सफल रहेगी। कार्य की प्रशंसा होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। ऐश्वर्य के साधन मिलेंगे।
????????मिथुन
नौकरी में मनचाही पदोन्नति मिलने के योग बनेंगे। स्वास्थ्य की ओर ध्यान दें। रुका धन मिलेगा। व्यापार में नए अनुबंध होंगे। पुराने मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। स्वाभिमान बना रहेगा। अजनबियों पर विश्वास न करें।
????कर्क
धर्म के कार्यों में रुचि आपके मनोबल को ऊंचा करेगी। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। जोखिम न उठाएं। प्रसन्नता रहेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावना है। व्ययों में कमी करना चाहिए।
????सिंह
दूसरों पर अतिविश्वास न करें। वस्तुएं संभालकर रखें। आपकी मिलनसारिता व धैर्यवान प्रवृत्ति आपके जीवन में आनंद का संचार करेगी। फालतू खर्च होगा। शारीरिक कष्ट संभव है। स्थायी संपत्ति में वृद्धि होगी। व्यापार अच्छा चलेगा।
????♀️कन्या
व्यवसाय ठीक चलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। सार्वजनिक कार्यों में समय व्यतीत होगा। डूबी हुई रकम प्राप्त होगी। संतान की ओर से शुभ समाचार मिलेंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। रोजगार के क्षेत्र में उन्नति होगी।
⚖तुला
उत्तम मनोबल आपकी सभी समस्याओं को हल कर देगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। योजना फलीभूत होगी। नए अनुबंध होंगे, प्रयास करें। प्रसन्नता रहेगी। प्रतिष्ठित जनों से मेलजोल बढ़ेगा। व्यापार में नए प्रस्ताव मिलेंगे।
????वृश्चिक
अपनी वस्तुएं संभालकर रखें। जीवनसाथी से मतभेद। व्यवहारकुशलता से समस्या का समाधान हो सकेगा। राजकीय बाधा दूर होगी। पूजा-पाठ में मन लगेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। प्रसन्नता रहेगी। वाहन सावधानी से चलाएं।
????धनु
विवाद को बढ़ावा न दें। कुसंगति से हानि होगी। आय कम होगी। नए संबंध लाभदायी सिद्ध होंगे। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। व्यावसायिक क्षेत्र में सफलता का विशेष योग है। व्यापारिक निर्णय जल्दबाजी में न लें।
????मकर
व्यवसाय ठीक चलेगा। चिंता रहेगी। प्रमाद न करें। परेशानियों का मुकाबला करके भी लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे। राजकीय बाधा दूर होगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। शिक्षा व ज्ञान में वृद्धि होगी। अधूरे पड़े काम पूरे होने के योग हैं।
????कुंभ
यात्रा, नौकरी व निवेश लाभदायक रहेंगे। व्यापार में कर्मचारियों पर अधिक विश्वास न करें। संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। शत्रु परास्त होंगे। बेरोजगारी दूर होगी। आर्थिक स्थिति कमजोर रहेगी। संतान की शिक्षा संबंधी समस्या रह सकती है।
????मीन
व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता बनी रहेगी। आय में अधिक व्यय से मनोबल कमजोर पड़ सकता है। यात्रा मनोरंजक रहेगी। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। कार्य, व्यवसाय के क्षेत्र में विभिन्न बाधाओं से मन अशांत रहेगा।
????आपका दिन मंगलमय हो????
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09027214416











