दूसरे शहरों से कई सालों बाद बापस लौटे सागरवासी लाखा बंजारा झील और गंगा आरती देखकर हुए आश्चर्यचकित व रोमांचित

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दूसरे शहरों से कई सालों बाद बापस लौटे सागरवासी लाखा बंजारा झील और गंगा आरती देखकर हुए आश्चर्यचकित व रोमांचित

लाखा बंजारा झील किनारे चकराघाट स्थित विट्ठल मंदिर के सामने हुई मां गंगा जी की आरती

सागर /ननि/16.12.24/

सागर की पहचान और ऐतिहासिक धरोहर लाखा बंजारा झील का सुंदर कायाकल्प और जल गंगा आरती का सांस्कृतिक आयोजन बड़ी संख्या में आगनतुकों को आकर्षित कर रहा है। झील को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने एवं नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जन-जागरुकता विकसित करने के उद्देश्य से स्मार्ट सिटी सह कार्यकारी निदेशक एवं नगर निगम आयुक्त श्री राजकुमार खत्री द्वारा प्रारंभ कराई गई मां गंगा जी की आरती सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति में लाखा बंजारा झील किनारे चकराघाट स्थित विट्ठल मंदिर के सामने की गई। कई सालों बाद दूसरे शहर से सागर लौटे सागरवासी सोमवार को एक लम्बे अरसे के बाद झील किनारे पहुँचे और श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ इस मनमोहक आरती में शामिल हुए। उन्होंने परिवार सहित झील किनारे चकराघाट से गणेशघाट तक विकास कार्यों सहित झील की आकर्षक लाइटिंग आदी देखी और आश्चर्यचकित होकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने 7 बजे प्रारम्भ हुई जल गंगा आरती के दिव्य वातावरण का अनुभव किया और रोमांचित हुए।
गंगा आरती में बड़ी संख्या में शामिल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र नवग्रह मंडपम रहे। मनमोहक नवग्रह मंडपम से लेकर सम्पूर्ण घाट पर घूमने के लिए नागरिकों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है।शंख-झालर ,संगीत की मधुर ध्वनि एवं मंत्रोच्चार के साथ पूजा -अर्चना की गई। उल्लेखनीय है कि सागर शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने हेतु नागरिकों में जनजागरुकता विकसित करने के उद्देश्य से प्रत्येक सप्ताह सोमवार को चकराघाट के पास घाटों पर मां गंगा जी की आरती जीरो वेस्ट आयोजन के रूप में की जा रही है। स्मार्ट सिटी एवं नगर निगम द्वारा नेशनल क्लीन एयर प्रोगाम के अंतर्गत शहर की साफ-सफाई और स्वच्छ पर्यावरण हेतु नागरिकों को जागरुक करने व झील को हमेशा साफ रखने में रहवासियों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए यह कार्य लगातार किया जा रहा है।

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