शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय अग्रणी सागर

शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय अग्रणी सागर

ध्यान के द्वारा स्वस्थ शरीर, शुद्ध मन और तीव्र बुद्धि से विद्यार्थी वर्ग किसी भी लक्ष्य को हासिल करने में सक्षम हो सकता है –

जीवन की भागम-भाग व भौतिकता की अंधी दौड़ में हर व्यक्ति मानसिक तनाव से पीड़ित : ध्यान के द्वारा तनाव को खत्म करना संभव –
योगाचार्य विष्णु आर्य

सनातन ज्ञान परम्परा से संबद्ध ध्यान की क्रिया से जीवन के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है – डॉ सरोज गुप्ता

सागर/ विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय अग्रणी सागर द्वारा छात्र छात्राओं के लिए तनाव मुक्ति एवं ध्यान सत्र का आयोजन कर ध्यान के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक किया गया।महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ सरोज गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में प्रसिद्ध योगाचार्य विष्णु आर्य ने विद्यार्थी जीवन में ध्यान योग की महत्ता को रेखांकित किया।
मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश पर आयोजित विश्व ध्यान दिवस कार्यक्रम में योगाचार्य विष्णु आर्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन की भागम-भाग और भौतिकता की अंधी दौड़ में आज समाज का हर व्यक्ति मानसिक तनाव में है। इसी तनाव के कारण लोग हार्ट, ब्लड प्रेशर, शुगर जैसी गंभीर बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। बहुत से लोग धन कमाने के लोभ में जरूरत से ज्यादा भागम-भाग करते हैं। लेकिन इस तरह की जिंदगी तनाव को जन्म देती है और यह पैसा डॉक्टर और दवाइयों पर खर्च होता है। उन्होंने कहा कि ठीक तरह से आसान लगा कर बैठने से शरीर के सभी अंग भी ठीक तरह से काम करते हैं। योगाचार्य ने कहा कि हमारे दिमाग में कई तरह की गंदगी भरी रहती है। ध्यान के द्वारा इसे खाली कर मन और आत्मा को शुद्ध बनाया जाता है। प्रत्येक विद्यार्थी के लिए जरूरी है कि उसका शरीर स्वस्थ हो, मन प्रसन्न हो और बुद्धि तीव्र हो तभी व्यक्ति का विकास संभव है। उन्होंने विद्यार्थियों तथा महाविद्यालय के सभी शिक्षकों को ध्यान योग को नियमित दिनचर्या में लाकर अपनी बुद्धि, मन और शरीर को स्वस्थ रखने का प्रशिक्षण भी दिया।
विश्व ध्यान योग दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ सरोज गुप्ता ने कहा कि ध्यान और योग हमारी सनातन ज्ञान परम्परा का अंग है। ध्यान के माध्यम से विद्यार्थी अपने बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए जीवन में एकाग्रता को लाकर अपने लक्ष्य को हासिल कर सकता है। आज का विद्यार्थी अपनी पढ़ाई को लेकर तनावग्रस्त रहता है। जिसका सीधा असर उसके परीक्षा परिणाम पर आता है और वह अच्छे नंबर प्राप्त करने से वंचित रह जाता है। इसका सबसे सरल और अच्छा रास्ता ध्यान योग ही है जिसके माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन के लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में प्राचार्य डॉ सरोज गुप्ता ने योगाचार्य विष्णु आर्य का पुष्प गुच्छ, श्रीफल और शॉल के द्वारा स्वागत व सम्मान किया। इस दौरान मंच पर वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ गोपा जैन व डॉ विनय शर्मा मुख्य रूप से मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ संदीप सबलोक योगाचार्य विष्णु आर्य द्वारा योग और ध्यान के क्षेत्र में सागर शहर से लेकर प्रांत देश और दुनिया में दिए जा रहे योगदान से विद्यार्थियों को परिचित कराया। इस दौरान डॉ भरत शुक्ला ने भी योग की महत्ता पर प्रकाश डाला। आभार ज्ञापन डॉ संदीप सबलोक ने किया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रशासनिक अधिकारी डॉ शुचिता अग्रवाल, डॉ अमर कुमार जैन, डॉ संगीता मुखर्जी, डॉ प्रतिभा जैन, डॉ संगीता कुंभारे, डॉ अभिलाषा जैन, डॉ दीपक जॉनसन, डॉ राणा कुंजर सिंह, डॉ रेणु सोलंकी, डॉ अंकुर गौतम, डॉ कनिष्क तिवारी, डॉ शैलेन्द्र सिंह राजपूत, सुमित बड़ी संख्या में उपस्थित छात्र-छात्राओं ने ध्यान की क्रियाओं में हिस्सा लिया।
प्राचार्य जी के निर्देशानुसार
भवदीय
डॉ संदीप सबलोक

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