
सागर जिले की देवरी विकासखंड की तीतरपानी गौशाला में गायों को खिलाया जा रहा गन्ने का छुकला एवं सोयाबीन के डंठल
पशु चिकित्सालय मंत्रालय द्वारा ₹20 दिन प्रति गाय के हिसाब से शासन दे रहा है समूह संचालक को
फिर भी गौशाला में नहीं हो रही है गायों की देख-देख
ग्रामीणों ने की समूहों पर कार्रवाई की मांग
देवरी कला। देवरी विकासखंड की तीतरपानी गौशाला में गायों की दुर्दशा काफी चिंताजनक है
सड़कों पर घूमते गौ वंशों को आश्रय देने को गोशाला तो बना दी गई हैं, और गौवंश के संरक्षण के लिए अभियान तो चलाए जाते हैं गौशालाएं भी बनाई गई हैं लेकिन इन्हीं गौशालाओं में यह गायें सुरक्षित नहीं है।
सरकार को इस मामले पर संज्ञान में लेकर के कार्रवाई करने की जरूरत है । और इसी गंभीर मामले को लेकर के आप तस्वीरों को देखकर स्वयं अंदाजा लगा सकते हैं कि गायों की दुर्दशा क्या है। क्या व्यवस्थाएं गौशाला संचालक द्वारा की जा रही है।
आपको बता दें कि देवरी विकासखंड अंतर्गत तीतरपानी गौशाला में गोवंश को खिलाया जा रहा सोयाबीन के डंठल और सूखा भूसा। मीडिया टीम द्वारा निरीक्षण के दौरान खुली पोल । जबकि नियम अनुसार हरा चारा , सूखा चारा जैसे गेहूं का भूसा, मक्का या ज्वार की कड़वी , अरहर की भूसी , दाना , मिनरल मिक्सचर, नमक , गुड़, चोकर आदि गोवंश को आहार उपलब्ध कराना चाहिए। लेकिन सागर जिले के देवरी विकासखंड अंतर्गत तीतरपानी गौशाला में गौवंश की ठीक से देखरेख नहीं हो रही। उन्हें न तो मानक के अनुरूप आहार दिया जा रहा और न ही समुचित सफाई व्यवस्था की जा रही। सूखे भूसे के कारण गोवंश अत्यंत कमजोर हो रहे हैं। इसकी वजह से गोवंश दम तोड़ देते हैं ।
तीतरपानी गौशाला में गायों की संख्या करीब 90 से अधिक है वहां मीडिया द्वारा निरीक्षण में पता चला कि गोवंश को सूखा भूसा दिया जा रहा है, और गौशाला में समूह द्वारा साफ सफाई नियमित रूप से नहीं की जा रही है, कुछ गौ वंश तो वहां पर कमजोर नजर आये। और ना ही तो गौशाला में कभी कोई कर्मचारी नजर आता है बाहर से गौशाला संचालक द्वारा ताला डाल दिया जाता है और वह अपने निजी कामों में व्यस्त रहते हैं । आपको बता दे कि गौशाला का संचालक के यहां पर गुड़ का व्यवसाय है जिसके चलती गायों के लिए गन्ने के छिलके खिलाने के लिए डाल दिए जाते हैं ।
तीतरपानी गौशाला संचालक द्वारा गायों के प्रति भारी लापरवाही वरती जा रही है । ग्राम के कुछ जिम्मेदार नागरिकों ने बताया कि तीतरपानी गौशाला संचालक द्वारा गायों के प्रति देखरेख करने की भावना नहीं है जिस कारण से गायों के लिए भरपेट आहार भी उपलब्ध नहीं हो पाता है और सोयाबीन की फसल के डंठल खिलाये जा रहे हैं। और गौशाला संचालक के यहां पर गुड़ का व्यवसाय चलता है।
जो गन्ने के छिलके उसमें से निकलते हैं वहीं गायों के लिए आहार के रूप में दिया जा रहा है जो शासन के नियम अनुसार आहार रहता है वह बिल्कुल भी आज तक नहीं दिया गया है ।
और न ही नियमित रूप से साफ सफाई की जाती है। और जिसमें गायों के लिए पानी पीने की व्यवस्था रहती है उसके लिए भी महीनों महीनों सफाई नहीं की जाती है उसमें गंदगी का आलम पसरा हुआ है जिस कारण से गायों के लिए गंदा पानी पीने से बीमारियों का खतरा बना रहता है । इस गौशाला की अधिकारियों द्वारा जांच कर कार्रवाई होनी चाहिये
इनका कहना कि
उनके लिए बताया भी था साफ सफाई रखे यदि उनके द्वारा सुधार नहीं किया गया तो उनके ऊपर कार्रवाई की जायेगी।
डॉ. महेंद्र पटेल
पशुपालन विभाग देवरी











