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|| जय श्री राधे ||
???????? महर्षि पाराशर पंचांग ????????
???????????? अथ पंचांगम् ????????????
ll जय श्री राधे ll
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दिनांक:- 05/01/2025, रविवार
षष्ठी, शुक्ल पक्ष,
पौष
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि————- षष्ठी 20:14:42 तक
पक्ष———————— शुक्ल
नक्षत्र——— पू oभाo20:16:51
योग———- व्यतिपत 07:30:54
योग———- वरियान 28:49:38
करण———- कौलव 09:08:24
करण———– तैतुल 20:14:42
वार———————– रविवार
माह———————— पौष
चन्द्र राशि—– कुम्भ 14:33:51
चन्द्र राशि—————— मीन
सूर्य राशि——————- धनु
रितु———————- शिशिर
आयन—————– उत्तरायण
संवत्सर (उत्तर) ————कालयुक्त
विक्रम संवत————– 2081
गुजराती संवत———— 2081
शक संवत—————- 1946
कलि संवत————— 5125
वृन्दावन
सूर्योदय————– 07:12:00
सूर्यास्त————— 17:37:31
दिन काल———— 10:25:31
रात्री काल————- 13:34:37
चंद्रोदय————– 10:59:05
चंद्रास्त—————- 23:13:33
लग्न—- धनु 20°46′ , 260°46′
सूर्य नक्षत्र————- पूर्वाषाढा
चन्द्र नक्षत्र———– पूर्वा भाद्रपदा
नक्षत्र पाया——————- ताम्र
???????????? पद, चरण ????????????
सो—- पूर्वा भाद्रपदा 08:50:27
दा—- पूर्वा भाद्रपदा 14:33:51
दी—- पूर्वा भाद्रपदा 20:16:51
दू—- उत्तरा भाद्रपदा 25:59:30
???????????? ग्रह गोचर ????????????
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
सूर्य= वृश्चिक 10°40, पू o षा o 2 धा
चन्द्र=कुम्भ 25°30 , पू oभा o 2 सो
बुध =धनु 01°52 ‘ ज्येष्ठा 1 ये
शु क्र= कुम्भ 07°05, शतभिषा ‘ 1 गे
मंगल=कर्क 06°30 ‘ पुष्य ‘ 1 हु
गुरु=वृषभ 18°30 रोहिणी, 3 वी
शनि=कुम्भ 20°28 ‘ पू o भा o , 1 से
राहू=(व) मीन 07°10 उo भा o, 2 थ
केतु= (व)कन्या 07°10 उ oफा o 4 पी
???????????? शुभा$शुभ मुहूर्त ????????????
राहू काल 16:19 – 17:38 अशुभ
यम घंटा 12:25 – 13:43 अशुभ
गुली काल 15:01 – 16: 19अशुभ
अभिजित 12:04 – 12:46 शुभ
दूर मुहूर्त 16:14 – 16:56 अशुभ
वर्ज्यम 29:25* – 30:56* अशुभ
प्रदोष 17:38 – 20:23 शुभ
????पंचक ³ अहोरात्र अशुभ
????चोघडिया, दिन
उद्वेग 07:12 – 08:30 अशुभ
चर 08:30 – 09:48 शुभ
लाभ 09:48 – 11:07 शुभ
अमृत 11:07 – 12:25 शुभ
काल 12:25 – 13:43 अशुभ
शुभ 13:43 – 15:01 शुभ
रोग 15:01 – 16:19 अशुभ
उद्वेग 16:19 – 17:38 अशुभ
????चोघडिया, रात
शुभ 17:38 – 19:19 शुभ
अमृत 19:19 – 21:01 शुभ
चर 21:01 – 22:43 शुभ
रोग 22:43 – 24:25* अशुभ
काल 24:25* – 26:07* अशुभ
लाभ 26:07* – 27:48* शुभ
उद्वेग 27:48* – 29:30* अशुभ
शुभ 29:30* – 31:12* शुभ
????होरा, दिन
सूर्य 07:12 – 08:04
शुक्र 08:04 – 08:56
बुध 08:56 – 09:48
चन्द्र 09:48 – 10:41
शनि 10:41 – 11:33
बृहस्पति 11:33 – 12:25
मंगल 12:25 – 13:17
सूर्य 13:17 – 14:09
शुक्र 14:09 – 15:01
बुध 15:01 – 15:53
चन्द्र 15:53 – 16:45
शनि 16:45 – 17:38
????होरा, रात
बृहस्पति 17:38 – 18:45
मंगल 18:45 – 19:53
सूर्य 19:53 – 21:01
शुक्र 21:01 – 22:09
बुध 22:09 – 23:17
चन्द्र 23:17 – 24:25
शनि 24:25* – 25:33
बृहस्पति 25:33* – 26:41
मंगल 26:41* – 27:48
सूर्य 27:48* – 28:56
शुक्र 28:56* – 30:04
बुध 30:04* – 31:12
???? उदयलग्न प्रवेशकाल ????
धनु > 04:48 से 06:46 तक
मकर > 06:46 से 08:36 तक
कुम्भ > 08:36 से 10:08 तक
मीन > 10:08 से 11:38 तक
मेष > 11:38 से 13:18 तक
वृषभ > 13:18 से 15:16 तक
मिथुन > 15:16 से 17:28 तक
कर्क > 17:32 से 19:50 तक
सिंह > 19:50 से 22:00 तक
कन्या > 22:00 से 00:26 तक
तुला > 00:26 से 02:26 तक
वृश्चिक > 02:26 से 04:40 तक
????विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
????दिशा शूल ज्ञान————-पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौंजी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
???? अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
6 + 1 + 1 = 8 ÷ 4 = 0 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l
???????? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ????????
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
बुध ग्रह मुखहुति
???? शिव वास एवं फल -:
6 + 6 + 5 = 17 ÷ 7 = 3 शेष
वृषभारूढ़ = शुभ कारक
????भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
???????? विशेष जानकारी ????????
*सर्वार्थ सिद्धि योग 20:17 से
???????????? शुभ विचार ????????????
सत्कुले योजयेत्कन्यां पुत्रं विद्यासु योजतेत् ।
व्यसने योजयेच्छत्रुं मित्रं धर्मे नियोजयेत् ।।
।। चा o नी o।।
लड़की का बयाह अच्छे खानदान मे करना चाहिए. पुत्र को अचछी शिक्षा देनी चाहिए, शत्रु को आपत्ति और कष्टों में डालना चाहिए, एवं मित्रों को धर्म कर्म में लगाना चाहिए.
???????????? सुभाषितानि ????????????
गीता -: क्षेत्र-क्षेत्रज्ञविभागयोग अo-13
तत्क्षेत्रं यच्च यादृक्च यद्विकारि यतश्च यत्।,
स च यो यत्प्रभावश्च तत्समासेन मे श्रृणु॥,
वह क्षेत्र जो और जैसा है तथा जिन विकारों वाला है और जिस कारण से जो हुआ है तथा वह क्षेत्रज्ञ भी जो और जिस प्रभाववाला है- वह सब संक्षेप में मुझसे सुन॥,3॥,
???????? दैनिक राशिफल ????????
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
????मेष
समाज में आपके कार्यों की आलोचना होगी। राजकीय सहयोग मिलेगा एवं इस क्षेत्र के व्यक्तियों से संबंध बढ़ेंगे। वाणी पर संयम रखें। दौड़धूप अधिक रहेगी। बुरी खबर मिल सकती है। वाणी पर नियंत्रण रखें। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं।
????वृष
विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी। व्यापार अच्छा चलेगा। कार्य निर्णय बहुत शांति से विचार करके करना ही शुभ है। मेहनत सफल रहेगी। कार्य की प्रशंसा होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। ऐश्वर्य के साधन मिलेंगे।
????????मिथुन
नौकरी में मनचाही पदोन्नति मिलने के योग बनेंगे। स्वास्थ्य की ओर ध्यान दें। रुका धन मिलेगा। व्यापार में नए अनुबंध होंगे। पुराने मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। स्वाभिमान बना रहेगा। अजनबियों पर विश्वास न करें।
????कर्क
धर्म के कार्यों में रुचि आपके मनोबल को ऊंचा करेगी। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। जोखिम न उठाएं। प्रसन्नता रहेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावना है। व्ययों में कमी करना चाहिए।
????सिंह
दूसरों पर अतिविश्वास न करें। वस्तुएं संभालकर रखें। आपकी मिलनसारिता व धैर्यवान प्रवृत्ति आपके जीवन में आनंद का संचार करेगी। फालतू खर्च होगा। शारीरिक कष्ट संभव है। स्थायी संपत्ति में वृद्धि होगी। व्यापार अच्छा चलेगा।
????♀️कन्या
व्यवसाय ठीक चलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। सार्वजनिक कार्यों में समय व्यतीत होगा। डूबी हुई रकम प्राप्त होगी। संतान की ओर से शुभ समाचार मिलेंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। रोजगार के क्षेत्र में उन्नति होगी।
⚖तुला
उत्तम मनोबल आपकी सभी समस्याओं को हल कर देगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। योजना फलीभूत होगी। नए अनुबंध होंगे, प्रयास करें। प्रसन्नता रहेगी। प्रतिष्ठित जनों से मेलजोल बढ़ेगा। व्यापार में नए प्रस्ताव मिलेंगे।
????वृश्चिक
अपनी वस्तुएं संभालकर रखें। जीवनसाथी से मतभेद। व्यवहारकुशलता से समस्या का समाधान हो सकेगा। राजकीय बाधा दूर होगी। पूजा-पाठ में मन लगेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। प्रसन्नता रहेगी। वाहन सावधानी से चलाएं।
????धनु
विवाद को बढ़ावा न दें। कुसंगति से हानि होगी। आय कम होगी। नए संबंध लाभदायी सिद्ध होंगे। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। व्यावसायिक क्षेत्र में सफलता का विशेष योग है। व्यापारिक निर्णय जल्दबाजी में न लें।
????मकर
व्यवसाय ठीक चलेगा। चिंता रहेगी। प्रमाद न करें। परेशानियों का मुकाबला करके भी लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे। राजकीय बाधा दूर होगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। शिक्षा व ज्ञान में वृद्धि होगी। अधूरे पड़े काम पूरे होने के योग हैं।
????कुंभ
यात्रा, नौकरी व निवेश लाभदायक रहेंगे। व्यापार में कर्मचारियों पर अधिक विश्वास न करें। संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। शत्रु परास्त होंगे। बेरोजगारी दूर होगी। आर्थिक स्थिति कमजोर रहेगी। संतान की शिक्षा संबंधी समस्या रह सकती है।
????मीन
व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता बनी रहेगी। आय में अधिक व्यय से मनोबल कमजोर पड़ सकता है। यात्रा मनोरंजक रहेगी। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। कार्य, व्यवसाय के क्षेत्र में विभिन्न बाधाओं से मन अशांत रहेगा।
????आपका दिन मंगलमय हो????
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09027214416











