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|| जय श्री राधे ||
???????? महर्षि पाराशर पंचांग ????????
???????????? अथ पंचांगम् ????????????
ll जय श्री राधे ll
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दिनांक:- 09/01/2025, गुरुवार
दशमी, शुक्ल पक्ष,
पौष
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि————दशमी 12:21:56 तक
पक्ष———————— शुक्ल
नक्षत्र———– भरणी 15:06:04
योग———– साध्य 17:28:09
करण————– गर 12:21:56
करण———– वणिज 23:20:13
वार———————- गुरूवार
माह————————- पौष
चन्द्र राशि———-मेष 20:45:26
चन्द्र राशि—————– वृषभ
सूर्य राशि—————— धनु
रितु———————- शिशिर
आयन—————यउत्तरायण
संवत्सर (उत्तर)————- कालयुक्त
विक्रम संवत—————- 2081
गुजराती संवत————– 2081
शक संवत—————— 1946
कलि संवत—————– 5125
वृन्दावन
सूर्योदय————– 07:12:27
सूर्यास्त————— 17:40:31
दिन काल———— 10:28:04
रात्री काल————- 13:31:58
चंद्रोदय————– 13:20:40
चंद्रास्त—————- 27:33:45
लग्न—- धनु 24°50′ , 264°50′
सूर्य नक्षत्र—————पूर्वाषाढा
चन्द्र नक्षत्र—————— भरणी
नक्षत्र पाया—————— स्वर्ण
???????????? पद, चरण ????????????
ले—- भरणी 09:26:45
लो—- भरणी 15:06:04
अ—- कृत्तिका 20:45:26
ई—-कृत्तिका 26:24:55६
???????????? ग्रह गोचर ????????????
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
सूर्य= धनु 24°40, पू o षा o 4 ढा
चन्द्र=मेष 21°30 , भरणी 3 ले
बुध =धनु 06°52 ‘ मूल 3 भा
शु क्र= कुम्भ 12°05, शतभिषा ‘ 2 सा
मंगल=कर्क 04°30 ‘ पुष्य ‘ 1 हु
गुरु=वृषभ 18°30 रोहिणी, 3 वी
शनि=कुम्भ 20°28 ‘ पू o भा o , 1 से
राहू=(व) मीन 06°55 उo भा o, 2 थ
केतु= (व)कन्या 06°55 उ oफा o 4 पी
???????????? शुभा$शुभ मुहूर्त ????????????
राहू काल 13:45 – 15:04 अशुभ
यम घंटा 07:12 – 08:31 अशुभ
गुली काल 09:49 – 11: 08अशुभ
अभिजित 12:06 – 12:47 शुभ
दूर मुहूर्त 10:42 – 11:24 अशुभ
दूर मुहूर्त 14:53 – 15:35 अशुभ
वर्ज्यम 26:25* – 27:55* अशुभ
प्रदोष 17:41 – 20:26 शुभ
????चोघडिया, दिन
शुभ 07:12 – 08:31 शुभ
रोग 08:31 – 09:49 अशुभ
उद्वेग 09:49 – 11:08 अशुभ
चर 11:08 – 12:26 शुभ
लाभ 12:26 – 13:45 शुभ
अमृत 13:45 – 15:04 शुभ
काल 15:04 – 16:22 अशुभ
शुभ 16:22 – 17:41 शुभ
????चोघडिया, रात
अमृत 17:41 – 19:22 शुभ
चर 19:22 – 21:04 शुभ
रोग 21:04 – 22:45 अशुभ
काल 22:45 – 24:27* अशुभ
लाभ 24:27* – 26:08* शुभ
उद्वेग 26:08* – 27:50* अशुभ
शुभ 27:50* – 29:31* शुभ
अमृत 29:31* – 31:12* शुभ
????होरा, दिन
बृहस्पति 07:12 – 08:05
मंगल 08:05 – 08:57
सूर्य 08:57 – 09:49
शुक्र 09:49 – 10:42
बुध 10:42 – 11:34
चन्द्र 11:34 – 12:26
शनि 12:26 – 13:19
बृहस्पति 13:19 – 14:11
मंगल 14:11 – 15:04
सूर्य 15:04 – 15:56
शुक्र 15:56 – 16:48
बुध 16:48 – 17:41
????होरा, रात
चन्द्र 17:41 – 18:48
शनि 18:48 – 19:56
बृहस्पति 19:56 – 21:04
मंगल 21:04 – 22:11
सूर्य 22:11 – 23:19
शुक्र 23:19 – 24:27
बुध 24:27* – 25:34
चन्द्र 25:34* – 26:42
शनि 26:42* – 27:50
बृहस्पति 27:50* – 28:57
मंगल 28:57* – 30:05
सूर्य 30:05* – 31:12
???? उदयलग्न प्रवेशकाल ????
धनु > 04:32 से 06:30 तक
मकर > 06:30 से 08:20 तक
कुम्भ > 08:20 से 09:52 तक
मीन > 09:52 से 11:22 तक
मेष > 11:22 से 13:02 तक
वृषभ > 13:02 से 15:00 तक
मिथुन > 15:00 से 17:12 तक
कर्क > 17:12 से 19:34 तक
सिंह > 19:34 से 21:44 तक
कन्या > 21:44 से 00:10 तक
तुला > 00:10 से 02:10 तक
वृश्चिक > 02:10 से 04:24 तक
????विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
????दिशा शूल ज्ञान————-दक्षिण
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा केशर खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
???? अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
10 + 5 + 1 = 16 ÷ 4 = 0 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l
???????? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ????????
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
शनि ग्रह मुखहुति
???? शिव वास एवं फल -:
10 + 10 + 5 = 25 ÷ 7 = 4 शेष
सभायां = संताप कारक
????भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
रात्रि 23:20 से प्रारम्भ
स्वर्ग लोक = शुभ कारक
???????? विशेष जानकारी ????????
*प्रवासी दिवस
*सांब दशमी
???????????? शुभ विचार ????????????
मूर्खस्तु परिहर्त्तव्यः प्रत्यक्षो द्विपदः पशुः ।
भिद्यते वाक्यशूलेन अदृश्यं कण्टकं यथा ।।
।। चा o नी o।।
मूर्खो के साथ मित्रता नहीं रखनी चाहिए उन्हें त्याग देना ही उचित है, क्योंकि प्रत्यक्ष रूप से वे दो पैरों वाले पशु के सामान हैं,जो अपने धारदार वचनो से वैसे ही हदय को छलनी करता है जैसे अदृश्य काँटा शारीर में घुसकर छलनी करता है .
???????????? सुभाषितानि ????????????
गीता -: क्षेत्र-क्षेत्रज्ञविभागयोग अo-13
अमानित्वमदम्भित्वमहिंसा क्षान्तिरार्जवम् ।,
आचार्योपासनं शौचं स्थैर्यमात्मविनिग्रहः ॥,
श्रेष्ठता के अभिमान का अभाव, दम्भाचरण का अभाव, किसी भी प्राणी को किसी प्रकार भी न सताना, क्षमाभाव, मन-वाणी आदि की सरलता, श्रद्धा-भक्ति सहित गुरु की सेवा, बाहर-भीतर की शुद्धि (सत्यतापूर्वक शुद्ध व्यवहार से द्रव्य की और उसके अन्न से आहार की तथा यथायोग्य बर्ताव से आचरणों की और जल-मृत्तिकादि से शरीर की शुद्धि को बाहर की शुद्धि कहते हैं तथा राग, द्वेष और कपट आदि विकारों का नाश होकर अन्तःकरण का स्वच्छ हो जाना भीतर की शुद्धि कही जाती है।,) अन्तःकरण की स्थिरता और मन-इन्द्रियों सहित शरीर का निग्रह॥,7॥,
???????? दैनिक राशिफल ????????
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
????मेष
पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। रचनात्मक कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। प्रबुद्धजनों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। नया कार्य करने करने की योजना बनेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। शारीरिक कष्ट संभव है। अनहोनी की आशंका रहेगी। धैर्य रखें। शुभ समय।
????वृष
यात्रा मनोरंजक रहेगी। कुछ अनहोनी की आशंका रहेगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। प्रभावशाली व्यक्ति से संपर्क बढ़ेगा। सहयोग मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। निवेश शुभ रहेगा। परिवार में कोई मांगलिक कार्य हो सकता है। प्रसन्नता में वृद्धि होगी।
????मिथुन
दूसरों से अपेक्षा न करें। कोई भी बड़ा निर्णय सोच-समझकर करें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। आय में निश्चितता रहेगी। जोखिम न लें। पुरानी व्याधि उठ सकती है। शोक समाचार मिल सकता है। भागदौड़ रहेगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। बनते कामों में व्यवधान संभव है। चिंता तथा तनाव रहेंगे।
????कर्क
भूमि, भवन, दुकान व शोरूम आदि की खरीद-फरोख्त की योजना बनेगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। यश प्राप्ति के योग हैं। सामाजिक कार्य करने का मन बनेगा। लाभ होगा। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य खराब हो सकता है। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। चोट व दुर्घटना से हानि संभव है।
????सिंह
भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। आय में वृद्धि होगी। कोई बड़ी समस्या का हल सहज ही मिलेगा। अप्रत्याशित लाभ के योग हैं। प्रमोशन व इनाम आदि मिलने की संभावना है। यात्रा मनोरंजक रहेगी। घर-परिवार में समय प्रसन्नता के साथ व्यतीत होगा। विवाद न करें। थकान रहेगी। चिंता रहेगी।
????♀️कन्या
व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। सही बात का भी विरोध हो सकता है, धैर्य रखें। स्थिति अनुकूल होगी। शारीरिक कष्ट संभव है। स्वास्थ्य को अनदेखा न करें। प्रसन्नता बनी रहेगी। प्रयास सफल रहेंगे। मित्रों की सहायता कर पाएंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
⚖️तुला
स्वास्थ्य पर अधिक व्यय हो सकता है। विवाद को बढ़ावा न दें। धैर्य रखें। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। नौकरी में कार्यभार रहेगा। किसी विशिष्ट व्यक्ति से मार्गदर्शन प्राप्त होगा। आय में निश्चितता रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। धनहानि होने के योग हैं। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें।
????वृश्चिक
पराक्रम व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। सुख के साधन जुटेंगे। संतान पक्ष की चिंता रहेगी। अज्ञात भय सताएगा। व्यवसाय-व्यापार मनोनुकूल लाभ देगा। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। समय सुखमय व्यतीत होगा। जल्दबाजी न करें। लेन-देन में सावधानी रखें। प्रमाद न करें।
????धनु
विवाद को बढ़ावा न दें। राजभय बना रहेगा। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। दूसरों के कार्य में दखल न दें। समय पर कार्य न होने से तनाव रहेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। परिवार के वरिष्ठजनों के स्वास्थ्य की चिंता बनी रहेगी।
????मकर
नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। काफी समय से अटके काम पूर्ण होने के योग हैं। मित्रों तथा परिवार के साथ समय सुखमय व्यतीत होगा। स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। लापरवाही न करें। प्रतिद्वंद्वी परेशानी का कारण बन सकते हैं। व्यापार, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। धनार्जन होगा।
????कुंभ
अधिक धनलाभ के योग बनते हैं। प्रमाद न कर प्रयास करें। नौकरी में अधिकार वृद्धि हो सकती है। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देंगे। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। भाग्य का साथ बना रहेगा। तीर्थयात्रा की योजना सफल रहेगी। सत्संग का लाभ मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी।
????मीन
घर में अतिथियों का आगमन होगा। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। मनोरंजन के अवसर प्राप्त होंगे। मित्रों के साथ समय अच्छा व्यतीत होगा। व्यस्तता रहेगी। शत्रुभय रहेगा। शारीरिक पीड़ा रह सकती है। नए मित्रों से संपर्क बढ़ेगा।
????आपका दिन मंगलमय हो????
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09027214416











