ऐसे आयोजन से संस्कृति और सनातन धर्म की पहचान अभी भी स्थापित है: शैलेंद्र जैन विधायक

ऐसे आयोजन से संस्कृति और सनातन धर्म की पहचान अभी भी स्थापित है: शैलेंद्र जैन विधायक

संस्कृत महाविद्यालय धर्मश्री सागर में उपनयन संस्कार सम्पन्न

सागर.

130 वर्ष प्राचीन संस्कृत महाविद्यालय धर्मश्री में हर वर्ष होने वाला ब्राह्मण बालकों का उपनयन संस्कार गुरुवार को संपन्न हुआ। आरंभ में वैदिक मंत्रों के द्वारा देव पूजन किया गया। सरस्वती एवं गायत्री देवी का पूजन करते हुए विद्वान पंडितों ने 44 बटुक बालकों को यज्ञोपवीत पहनाकर संस्कारित किया और उन बालकों को संस्कार के द्वारा विप्र से द्विज संज्ञा प्रदान करते हुए नए ज्ञानात्मक स्वरूप को प्रदान किया।

यह कार्यक्रम विशुद्ध वैदिक परंपरा के अनुसार किया गया इस विधि के आचार्य डॉ. पं. रामकुमार खम्परिया एवं उपाचार्य पं.वासुदेव प्रसाद द्विवेदी रहे। इन बातों को संस्कार के बाद वेद मंत्रों की शिक्षा और वेद मंत्रों का पाठन किया गया और शास्त्र सम्मत शिक्षा प्रदान की गई और इन बटुकों को भिक्षा भी प्रदान की। ब्राह्मण बालकों को भिक्षा देने के लिए बटुकों के परिवार जन तो थे ही अन्य माता बहनों और नगर के प्रबुद्ध जनों ने भिक्षा प्रदान की तथा उनके भविष्य के लिए मंगल आशीर्वाद भी दिया। आयोजन में मुख्य अतिथि के तौर पर नगर विधायक शैलेंद्र जैन उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथि सुखदेव तिवारी रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक शैलेंद्र ने कहा कि इस तरह के आयोजन से संस्कृति और सनातन धर्म की पहचान अभी भी स्थापित है। इस प्राचीन महाविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर चुके विद्वान छात्र सनातन धर्म को अपने बौद्धिक ज्ञान से आगे बढ़ा रहे हैं।
आशीर्वाद सभा की अध्यक्षता स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अनिल तिवारी ने की। स्वागत भाषण संस्था के अध्यक्ष केके सिलाकारी ने दिया। इस कार्यक्रम के आयोजक एवं व्यवस्थापक पंडित ज्वाला प्रसाद रिछारिया, संस्था के प्राचार्य पंडित उमाकांत गौतम के द्वारा पूजन अर्चन की व्यवस्था की गई। आभार वासुदेव प्रसाद द्विवेदी ने प्रकट किया।
इस दौरान घनश्याम प्रसाद द्विवेदी, पुरुषोत्तम चौबे, राकेश चौबे, देवेंद्र पाराशर, निशिकांत सिलकारी, टीकाराम त्रिपाठी, एमडी त्रिपाठी, रामकृष्ण गर्ग, रमाकांत त्रिवेदी, रामेश्वर प्रसाद दुबे, मेहर आचार्य देवाशीष प्यासी, शक्ति मिश्र, राम दुबे, शिव नारायण शास्त्री, अमित कटारे, विपिन बिहारी, कृष्णकांत दुबे, राम चरण शास्त्री, श्रीहरि चंद्रभान तिवारी, बालमुकुंद तिवारी, जय राम उपाध्याय, प्रमोद चौबे, आशीष दुबे, दीपेश मिश्रा, रामाधार मिश्रा, शुभम पांडे, अभिषेक तिवारी, गणेश कौतु, अजिंक्य सरवटे, शुभम त्रिपाठी, रामबाबू पांडे, कुणाल नायक, चित्रांश कन्हौआ आदि सभी विप्रजन मौजूद रहे। रिंकू नामदेव ने अंत में संस्था की ओर से सभी को भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई।

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