संपूर्ण पंचांग  दैनिक राशिफल           जय श्री राधे                                  महर्षि पाराशर पंचांग अथ पंचांगम।   जय श्री राधे

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|| जय श्री राधे ||
???????? महर्षि पाराशर पंचांग ????????
???????????? अथ पंचांगम् ????????????
ll जय श्री राधे ll
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दिनाँक:-06/04/2024, शनिवार
द्वादशी, कृष्ण पक्ष,
चैत्र
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि———- द्वादशी 10:18:47 तक
पक्ष————————– कृष्ण
नक्षत्र——— शतभिषा 15:38:35
योग————- शुभ 06:13:35
योग———— शुक्ल 26:18:29
करण———- तैतुल 10:18:47
करण————– गर 20:37:33
वार———————– शनिवार
माह————————— चैत्र
चन्द्र राशि——————- कुम्भ
सूर्य राशि——————– मीन
रितु————————- वसंत
आयन—————— उत्तरायण
संवत्सर—————— शोभकृत
संवत्सर (उत्तर)—————– पिंगल
विक्रम संवत—————- 2080
गुजराती संवत————– 2080
शक संवत—————— 1945
कलि संवत—————– 5124

वृन्दावन
सूर्योदय————— 06:05:09
सूर्यास्त—————- 18:38:09
दिन काल————- 12:33:00
रात्री काल———— 11:25:54
चंद्रास्त—————- 16:07:18
चंद्रोदय—————- 29:02:23

लग्न—- मीन 22°31′ , 352°31′

सूर्य नक्षत्र—————— रेवती
चन्द्र नक्षत्र—————- शतभिषा
नक्षत्र पाया——————– ताम्र

???????????? पद, चरण ????????????

सी—- शतभिषा 10:17:02

सू—- शतभिषा 15:38:35

से—- पूर्वा भाद्रपदा 20:59:15

सो—-पूर्वा भाद्रपदा 26:19:11

???????????? ग्रह गोचर ????????????

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य= मीन 22:10, रेवती 2 दो
चन्द्र=मकर 14:30 , शतभिषा 3 सी
बुध =मेष 02:53′ अश्विनी 1 चू
शु क्र= मीन 06°05, उ o भाo ‘ 2 थ
मंगल=कुम्भ 16°30 ‘ शतभिषा’ 3 सी
गुरु=मेष 24°30 भरणी , 4 लो
शनि=कुम्भ 20°50 ‘ शतभिषा ,4 सू
राहू=(व) मीन 21°40 रेवती , 2 दो
केतु=(व) कन्या 21°40 हस्त , 4 ठ

???????????? शुभा$शुभ मुहूर्त ????????????

राहू काल 09:13 – 10:48 अशुभ
यम घंटा 13:56 – 15:30 अशुभ
गुली काल 06:05 – 07: 39अशुभ
अभिजित 11:57 – 12:47 शुभ
दूर मुहूर्त 07:46 – 08:36 अशुभ
वर्ज्यम 21:21 – 22:46 अशुभ
प्रदोष 18:38 – 20:57 शुभ

????पंचक ² अहोरात्र अशुभ

????चोघडिया, दिन
काल 06:05 – 07:39 अशुभ
शुभ 07:39 – 09:13 शुभ
रोग 09:13 – 10:48 अशुभ
उद्वेग 10:48 – 12:22 अशुभ
चर 12:22 – 13:56 शुभ
लाभ 13:56 – 15:30 शुभ
अमृत 15:30 – 17:04 शुभ
काल 17:04 – 18:38 अशुभ

????चोघडिया, रात
लाभ 18:38 – 20:04 शुभ
उद्वेग 20:04 – 21:30 अशुभ
शुभ 21:30 – 22:55 शुभ
अमृत 22:55 – 24:21* शुभ
चर 24:21* – 25:47* शुभ
रोग 25:47* – 27:13* अशुभ
काल 27:13* – 28:38* अशुभ
लाभ 28:38* – 30:04* शुभ

????होरा, दिन
शनि 06:05 – 07:08
बृहस्पति 07:08 – 08:11
मंगल 08:11 – 09:13
सूर्य 09:13 – 10:16
शुक्र 10:16 – 11:19
बुध 11:19 – 12:22
चन्द्र 12:22 – 13:24
शनि 13:24 – 14:27
बृहस्पति 14:27 – 15:30
मंगल 15:30 – 16:33
सूर्य 16:33 – 17:35
शुक्र 17:35 – 18:38

????होरा, रात
बुध 18:38 – 19:35
चन्द्र 19:35 – 20:32
शनि 20:32 – 21:30
बृहस्पति 21:30 – 22:27
मंगल 22:27 – 23:24
सूर्य 23:24 – 24:21
शुक्र 24:21* – 25:18
बुध 25:18* – 26:15
चन्द्र 26:15* – 27:13
शनि 27:13* – 28:10
बृहस्पति 28:10* – 29:07
मंगल 29:07* – 30:04

???? उदयलग्न प्रवेशकाल ????

मीन > 04:10 से 05:36 तक
मेष > 05:36 से 08:28 तक
वृषभ > 08:28 से 09:22 तक
मिथुन > 09:22 से 11:32 तक
कर्क > 11:32 से 14:02 तक
सिंह > 14:02 से 16:06 तक
कन्या > 16:06 से 18:22 तक
तुला > 18:22 से 20:12 तक
वृश्चिक > 20:12 से 22:36 तक
धनु > 22:36 से 00:36 तक
मकर > 00:36 से 02:38 तक
कुम्भ > 02:38 से 04:04 तक

????विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)

दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

????दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो लौंग अथवा कालीमिर्च खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

???? अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

15 + 12 + 7 + 1 = 35 ÷ 4 = 3 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

???????? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ????????

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

केतु ग्रह मुखहुति

???? शिव वास एवं फल -:

27 + 27 + 5 = 59 ÷ 7 = 3 शेष

वृषाभा रूढ़ = शुभ कारक

????भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

???????? विशेष जानकारी ????????

  • प्रदोष व्रत (शिवपूजन)

*श्री श्यामभट्टाचार्य,श्री बालकृष्ण शरण देवाचार्य पाटोत्सव

???????????? शुभ विचार ????????????

नाऽऽहारं चिन्तयेत्प्राज्ञो धर्ममेकं हि चिन्तयेत् ।
आहारो हि मनुष्याणां जन्मना सह जायते ।।
।। चा o नी o।।एक विद्वान व्यक्ति ने अपने भोजन की चिंता नहीं करनी चाहिए. उसे सिर्फ अपने धर्म को निभाने की चिंता होनी चाहिए. हर व्यक्ति का भोजन पर जन्म से ही अधिकार है.

???????????? सुभाषितानि ????????????

गीता -: ज्ञानकर्मसन्यास योग अo-04

तस्मादज्ञानसम्भूतं हृत्स्थं ज्ञानासिनात्मनः ।,
छित्वैनं संशयं योगमातिष्ठोत्तिष्ठ भारत ॥,

इसलिए हे भरतवंशी अर्जुन! तू हृदय में स्थित इस अज्ञानजनित अपने संशय का विवेकज्ञान रूप तलवार द्वारा छेदन करके समत्वरूप कर्मयोग में स्थित हो जा और युद्ध के लिए खड़ा हो जा॥,42॥,

???????? दैनिक राशिफल ????????

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

????मेष
प्रेम-प्रसंग में तनाव रहेगा। चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। पुराना रोग उभर सकता है। जोखिम न लें।

????वृष
जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। कानूनी अड़चन दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता बनी रहेगी।

????मिथुन
परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। पुराना रोग उभर सकता है। भूमि व भवन के कार्य बनेंगे।

????कर्क
विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। तनाव रहेगा।

????सिंह
शोक समाचार मिल सकता है। पुराना रोग उभर सकता है। विवाद को बढ़ावा न दें। जोखिम न लें। धैर्य रखें।

????‍♀कन्या
प्रयास सफल रहेंगे। कार्य की प्रशंसा होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता रहेगी। भागदौड़ रहेगी।

⚖तुला
शुभ समाचार प्राप्त होंगे। पुराने मित्र व संबंधी मिलेंगे। प्रसन्नता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। बेचैनी रहेगी।

????वृश्चिक
रोजगार मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। संतान की चिंता रहेगी।

????धनु
फालतू खर्च होगा। शारीरिक कष्ट संभव है। तनाव रहेगा। कार्य की गति धीमी रहेगी। जोखिम न उठाएं।

????मकर
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। मान-सम्मान मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। प्रसन्नता रहेगी।

????कुंभ
नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। नेत्र पीड़ा संभव है। लाभ होगा।

????मीन
धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कानूनी बाधा दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। जोखिम न लें। धनार्जन होगा।

????आपका दिन मंगलमय हो????
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599

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