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|| जय श्री राधे ||
???????? महर्षि पाराशर पंचांग ????????
???????????? अथ पंचांगम् ????????????
ll जय श्री राधे ll
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दिनाँक:- 10/06/2024, रविवार
दशमी, शुक्ल पक्ष,
ज्येष्ठ
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि———– दशमी 28:43:04 तक
पक्ष———————— शुक्ल
नक्षत्र————- हस्त 11:11:41
योग———- वरियान 21:01:06
करण———– तैतुल 15:40:32
करण————- गर 28:43:04
वार———————– रविवार
माह————————- ज्येष्ठ
चन्द्र राशि—– कन्या 24:34:01
चन्द्र राशि—————— तुला
सूर्य राशि—————— मिथुन
रितु————————- ग्रीष्म
आयन—————— उत्तरायण
संवत्सर——————– क्रोधी
संवत्सर (उत्तर) ————–कालयुक्त
विक्रम संवत—————- 2081
गुजराती संवत————– 2080
शक संवत—————— 1948
कलि संवत—————– 5125
वृन्दावन
सूर्योदय————— 05:24:57
सूर्यास्त————— 19:15:09
दिन काल————- 13:50:11
रात्री काल————- 10:09:56
चंद्रोदय—————- 14:04:37
चंद्रास्त—————- 25:44:44
लग्न—- मिथुन 1°9′ , 61°9′
सूर्य नक्षत्र—————– मृगशिरा
चन्द्र नक्षत्र——————- हस्त
नक्षत्र पाया——————- रजत
???????????? पद, चरण ????????????
ठ—- हस्त 11:11:41
पे—- चित्रा 17:53:37
पो—- चित्रा 24:34:01
???????????? ग्रह गोचर ????????????
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
सूर्य= मिथुन 01:10, मृगशिरा 3 का
चन्द्र=कन्या 29:30 , चित्रा 4 पो
बुध =मिथुन 04:53′ मृगशिरा 4 की
शु क्र= मिथुन 05°05, मृगशिरा ‘ 4 की
मंगल=मेष 11°30 ‘ अश्विनी ‘ 4 ला
गुरु=वृषभ 11°30 रोहिणी , 1 ओ
शनि=कुम्भ 25°00 ‘ पू o भा o ,2 सो
राहू=(व) मीन 17°50 रेवती , 1 दे
केतु=(व) कन्या 17°50 हस्त , 3 ण
???????????? शुभा$शुभ मुहूर्त ????????????
राहू काल 17:31 – 19:15 अशुभ
यम घंटा 12:20 – 14:04 अशुभ
गुली काल 15:48 – 17: 31अशुभ
अभिजित 11:52 – 12:48 शुभ
दूर मुहूर्त 17:24 – 18:20 अशुभ
वर्ज्यम 20:07 – 21:54 अशुभ
प्रदोष 19:15 – 21:18 शुभ
????चोघडिया, दिन
उद्वेग 05:25 – 07:09 अशुभ
चर 07:09 – 08:53 शुभ
लाभ 08:53 – 10:36 शुभ
अमृत 10:36 – 12:20 शुभ
काल 12:20 – 14:04 अशुभ
शुभ 14:04 – 15:48 शुभ
रोग 15:48 – 17:31 अशुभ
उद्वेग 17:31 – 19:15 अशुभ
????चोघडिया, रात
शुभ 19:15 – 20:31 शुभ
अमृत 20:31 – 21:48 शुभ
चर 21:48 – 23:04 शुभ
रोग 23:04 – 24:20* अशुभ
काल 24:20* – 25:36* अशुभ
लाभ 25:36* – 26:53* शुभ
उद्वेग 26:53* – 28:09* अशुभ
शुभ 28:09* – 29:25* शुभ
????होरा, दिन
सूर्य 05:25 – 06:34
शुक्र 06:34 – 07:43
बुध 07:43 – 08:53
चन्द्र 08:53 – 10:02
शनि 10:02 – 11:11
बृहस्पति 11:11 – 12:20
मंगल 12:20 – 13:29
सूर्य 13:29 – 14:38
शुक्र 14:38 – 15:48
बुध 15:48 – 16:57
चन्द्र 16:57 – 18:06
शनि 18:06 – 19:15
????होरा, रात
बृहस्पति 19:15 – 20:06
मंगल 20:06 – 20:57
सूर्य 20:57 – 21:48
शुक्र 21:48 – 22:38
बुध 22:38 – 23:29
चन्द्र 23:29 – 24:20
शनि 24:20* – 25:11
बृहस्पति 25:11* – 26:02
मंगल 26:02* – 26:53
सूर्य 26:53* – 27:43
शुक्र 27:43* – 28:34
बुध 28:34* – 29:25
???? उदयलग्न प्रवेशकाल ????
मिथुन > 04:24 से 07:04 तक
कर्क > 07:04 से 08:52 तक
सिंह > 08:52 से 11:32 तक
कन्या > 11:32 से 13:38 तक
तुला > 13:38 से 15: 40 तक
वृश्चिक > 15:40 से 18:12 तक
धनु > 18:12 से 20:02 तक
मकर > 20:02 से 22:14 तक
कुम्भ > 22:14 से 23:28 तक
मीन > 23:28 से 00:58 तक
मेष > 00:58 से 02:38 तक
वृषभ > 02:46 से 04:24 तक
????विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
????दिशा शूल ज्ञान————-पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा की चिरौजी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
???? अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
10 + 1 + 1 = 12 ÷ 4 = 0 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l
???????? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ????????
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
शुक्र ग्रह मुखहुति
???? शिव वास एवं फल -:
10 + 10 + 5 = 25 ÷ 7 = 1 शेष
कैलाश वास = शुभ कारक
????भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
???????? विशेष जानकारी ????????
*गंगा दशहरा (समी पूजा)
*बटुक भैरव जयंती
*यमुना महोत्सव द्वारिकाधिश जी मथुरा
*सर्वार्थ सिद्धि योग 11:12 तक
*नीलकंठ दर्शन
???????????? शुभ विचार ????????????
अनवस्थितकार्यस्य न जने न वने सुखम् ।
जनो दहति संसर्गाद्वनं संगविवर्जनात् ।।
।। चा o नी o।।
जिस के काम करने में कोई व्यवस्था नहीं, उसे कोई सुख नहीं मिल सकता. लोगो के बीच या वन में. लोगो के मिलने से उसका ह्रदय जलता है और वन में तो कोई सुविधा होती ही नहीं.
???????????? सुभाषितानि ????????????
गीता -: आत्मसंयम योग अo-06
प्रयत्नाद्यतमानस्तु योगी संशुद्धकिल्बिषः ।,
अनेकजन्मसंसिद्धस्ततो यात परां गतिम् ॥,
परन्तु प्रयत्नपूर्वक अभ्यास करने वाला योगी तो पिछले अनेक जन्मों के संस्कारबल से इसी जन्म में संसिद्ध होकर सम्पूर्ण पापों से रहित हो फिर तत्काल ही परमगति को प्राप्त हो जाता है॥,45॥,
???????? दैनिक राशिफल ????????
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
????मेष
किसी मांगलिक कार्य में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता प्राप्त करेगा। किसी वरिष्ठ प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार से लाभ होगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कष्ट व भय सताएंगे। भाग्य का साथ मिलेगा।
????वृष
राजभय रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। शारीरिक कष्ट संभव है। यात्रा में जल्दबाजी न करें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। भागदौड़ अधिक रहेगी। थकान व कमजोरी महसूस होगी। आय में निश्चितता रहेगी। व्यापार ठीक चलेगा। निवेश सोच-समझकर करें।
????मिथुन
कुबुद्धि हावी रहेगी। चोट व रोग से बचें। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। निवेश शुभ रहेगा। व्यापार मनोनुकूल लाभ देगा। किसी बड़ी समस्या से मुक्ति मिल सकती है। किसी न्यायपूर्ण बात का भी विरोध हो सकता है। विवाद न करें।
????कर्क
चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। यश बढ़ेगा। दूर से शुभ समाचारों की प्राप्ति होगी। घर में मेहमानों का आगमन होगा। कोई मांगलिक कार्य हो सकता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। प्रसन्नता बनी रहेगी।
????सिंह
प्रयास सफल रहेंगे। सामाजिक कार्यों में रुचि रहेगी। मान-सम्मान मिलेगा। नौकरी में प्रशंसा होगी। कार्यसिद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। चोट व रोग से बचें। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी व्यक्ति के बहकावे में न आएं। व्यापार ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। पारिवारिक सहयोग मिलेगा।
????♀️कन्या
शत्रु पस्त होंगे। सुख के साधनों की प्राप्ति पर व्यय होगा। धनलाभ के अवसर हाथ आएंगे। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी। बड़ा लाभ हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता मिलेगी। भाग्य का साथ रहेगा। शेयर मार्केट से लाभ होगा।
⚖️तुला
शरीर में कमर व घुटने आदि के दर्द से परेशानी हो सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। शत्रुभय रहेगा। कोर्ट व कचहरी के कार्य अनुकूल रहेंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। भाइयों का सहयोग मिलेगा। परिवार में मांगलिक कार्य हो सकता है।
????वृश्चिक
कुसगंति से बचें। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। पुराना रोग उभर सकता है। किसी दूसरे व्यक्ति की बातों में न आएं। कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर करें। व्यापार अच्छा चलेगा। नौकरी में मातहतों से कहासुनी हो सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें।
????धनु
धार्मिक अनुष्ठान पूजा-पाठ इत्यादि का कार्यक्रम आयोजित हो सकता है। कोर्ट-कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। मानसिक शांति रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। समय अनुकूल है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। शारीरिक कष्ट संभव है।
????मकर
सुख के साधन प्राप्त होंगे। नई योजना बनेगी। तत्काल लाभ नहीं मिलेगा। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक काम करने की इच्छा रहेगी। मान-सम्मान मिलेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में मातहतों का सहयोग मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।
????कुंभ
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। शारीरिक कष्ट संभव है। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। नौकरी में चैन रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। प्रमाद न करें।
????मीन
पुराना रोग उभर सकता है। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। किसी व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। स्वाभिमान को ठेस लग सकती है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी।
????आपका दिन मंगलमय हो????
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599











