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|| जय श्री राधे ||
???????? महर्षि पाराशर पंचांग ????????
???????????? अथ पंचांगम् ????????????
ll जय श्री राधे ll
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दिनाँक:- 17/07/2024, बुधवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष,
आषाढ
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि——– एकादशी 21:02:17 तक
पक्ष————————- शुक्ल
नक्षत्र——— अनुराधा 27:11:42
योग————– शुभ 07:02:53
करण———– वणिज 08:53:43
करण——- विष्टि भद्र 21:02:17
वार———————— बुधवार
माह———————– आषाढ
चन्द्र राशि—————– वृश्चिक
सूर्य राशि—————— कर्क
रितु————————– वर्षा
आयन—————– दक्षिणायण
संवत्सर——————— क्रोधी
संवत्सर (उत्तर) —————कालयुक्त
विक्रम संवत—————- 2081
गुजराती संवत————– 2080
शक संवत—————— 1946
वृन्दावन
कलि संवत—————– 5125
सूर्योदय————— 05:35:59
सूर्यास्त—————- 19:14:37
दिन काल————- 13:38:38
रात्री काल————- 10:21:51
चंद्रोदय—————- 15:40:30
चंद्रास्त—————- 26:06:25
लग्न—- कर्क 0°44′ , 90°44′
सूर्य नक्षत्र—————– पुनर्वसु
चन्द्र नक्षत्र—————- अनुराधा
नक्षत्र पाया——————- रजत
???????????? पद, चरण ????????????
ना—- अनुराधा 08:31:57
नी—- अनुराधा 14:48:07
नू—-अनुराधा 21:01:22
ने—- अनुराधा 27:11:42
???????????? ग्रह गोचर ????????????
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
सूर्य= मिथुन 00°05, पुनर्वसु 4 ही
चन्द्र=वृश्चिक 05°30 , अनुराधा 1 ती
बुध =कर्क 27°53′ अश्लेषा 4 डो
शु क्र= कर्क 12°05, पुष्य ‘ 3 हो
मंगल=वृषभ 03°30 ‘ कृतिका’ 2 ई
गुरु=वृषभ 17°30 रोहिणी , 3 वी
शनि=कुम्भ 25°10 ‘ पू o भा o ,2 सो
राहू=(व) मीन 16°16 रेवती , 1 दे
केतु=(व) कन्या 16°15 हस्त , 3 ण
???????????? शुभा$शुभ मुहूर्त ????????????
राहू काल 12:25 – 14:08 अशुभ
यम घंटा 07:18 – 09:01 अशुभ
गुली काल 10:43 – 12: 25अशुभ
अभिजित 11:58 – 12:53 अशुभ
दूर मुहूर्त 11:58 – 12:53 अशुभ
वर्ज्यम 06:26 – 08:07 अशुभ
प्रदोष 19:15 – 21:20 शुभ
????गंड मूल 27:12* – अहोरात्र
????चोघडिया, दिन
लाभ 05:36 – 07:18 शुभ
अमृत 07:18 – 09:01 शुभ
काल 09:01 – 10:43 अशुभ
शुभ 10:43 – 12:25 शुभ
रोग 12:25 – 14:08 अशुभ
उद्वेग 14:08 – 15:50 अशुभ
चर 15:50 – 17:32 शुभ
लाभ 17:32 – 19:15 शुभ
????चोघडिया, रात
उद्वेग 19:15 – 20:32 अशुभ
शुभ 20:32 – 21:50 शुभ
अमृत 21:50 – 23:08 शुभ
चर 23:08 – 24:26* शुभ
रोग 24:26* – 25:43* अशुभ
काल 25:43* – 27:01* अशुभ
लाभ 27:01* – 28:19* शुभ
उद्वेग 28:19* – 29:36* अशुभ
????होरा, दिन
बुध 05:36 – 06:44
चन्द्र 06:44 – 07:52
शनि 07:52 – 09:01
बृहस्पति 09:01 – 10:09
मंगल 10:09 – 11:17
सूर्य 11:17 – 12:25
शुक्र 12:25 – 13:34
बुध 13:34 – 14:42
चन्द्र 14:42 – 15:50
शनि 15:50 – 16:58
बृहस्पति 16:58 – 18:06
मंगल 18:06 – 19:15
????होरा, रात
सूर्य 19:15 – 20:06
शुक्र 20:06 – 20:58
बुध 20:58 – 21:50
चन्द्र 21:50 – 22:42
शनि 22:42 – 23:34
बृहस्पति 23:34 – 24:26
मंगल 24:26* – 25:17
सूर्य 25:17* – 26:09
शुक्र 26:09* – 27:01
बुध 27:01* – 27:53
चन्द्र 27:53* – 28:45
शनि 28:45* – 29:36
???? उदयलग्न प्रवेशकाल ????
मिथुन > 02:34 से 04:46 तक
कर्क > 04:46 से 07:04 तक
सिंह > 07:04 से 09:14 तक
कन्या > 09:14 से 11:28 तक
तुला > 11:28 से 13: 46 तक
वृश्चिक > 13:46 से 15:58 तक
धनु > 15:58 से 18:04 तक
मकर > 18:04 से 19:52 तक
कुम्भ > 19:52 से 21:22 तक
मीन > 21:22 से 22:52 तक
मेष > 22:52 से 00:28 तक
वृषभ > 00:28 से 02:28 तक
????विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
????दिशा शूल ज्ञान————उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
???? अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
11 + 4 + 1 = 16 ÷ 4 = 0 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l
???????? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ????????
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
शुक्र ग्रह मुखहुति
???? शिव वास एवं फल -:
11 + 11 + 5 = 27 ÷ 7 = 6 शेष
क्रीड़ायां = शोक, दुःख कारक
????भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
08:47 से रात्रि 21:02 तक
स्वर्ग लोक = शुभ कारक
???????? विशेष जानकारी ????????
*देवशयनी एकादशी व्रत (सर्वेषां)
*चातुर्मास नियम प्रारंभ
*पंडरपुर यात्रा
???????????? शुभ विचार ????????????
धर्माख्याने श्मशाने च रोगिणां या मतिर्भवेत् ।
सा सर्वदैव तिष्ठेच्चेत्को न मुच्येत बन्धनात् ।।
।। चा o नी o।।वह व्यक्ति क्यों मुक्ति को नहीं पायेगा जो निम्न लिखित परिस्थितियों में जो उसके मन की अवस्था होती है उसे कायम रखता है...
जब वह धर्म के अनुदेश को सुनता है.
जब वह स्मशान घाट में होता है.
जब वह बीमार होता है.
???????????? सुभाषितानि ????????????
गीता -: ज्ञानविज्ञानयोग अo-07
साधिभूताधिदैवं मां साधियज्ञं च ये विदुः ।,
प्रयाणकालेऽपि च मां ते विदुर्युक्तचेतसः ॥,
जो पुरुष अधिभूत और अधिदैव सहित तथा अधियज्ञ सहित (सबका आत्मरूप) मुझे अन्तकाल में भी जानते हैं, वे युक्तचित्तवाले पुरुष मुझे जानते हैं अर्थात प्राप्त हो जाते हैं॥,30॥,
???????? दैनिक राशिफल ????????
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
????मेष
यात्रा मनोरंजक रहेगी। कोई बड़ा काम होने से प्रसन्नता रहेगी। कारोबार में वृद्धि होगी। विरोधी सक्रिय रहेंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। समय अनुकूल है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। परिवार के साथ समय प्रसन्नतापूर्वक व्यतीत होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। जल्दबाजी न करें।
????वृष
भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। किसी बड़े काम को करने की योजना बनेगी। आत्मसम्मान बना रहेगा। व्यापार लाभदायक रहेगा। घर-परिवार में कोई मांगलिक कार्य का आयोजन हो सकता है। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा।
????मिथुन
मित्रों का सहयोग करने का मौका प्राप्त होगा। मेहनत का फल मिलेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। लेन-देन में सावधानी रखें। अपरिचितों पर अंधविश्वास न करें। कारोबार ठीक चलेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। भाग्य अनुकूल है। समय का लाभ लें।
????कर्क
विवाद को बढ़ावा न दें। कानूनी अड़चन से सामना हो सकता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। बुरी खबर मिल सकती है, धैर्य रखें। दौड़धूप से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। आय बनी रहेगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में कार्यभार रहेगा। जोखिम न लें।
????सिंह
रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा। पार्टी व पिकनिक का आयोजन हो सकता है। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें।
????♀️कन्या
स्थायी संपत्ति के कार्य मनोनुकूल लाभ देंगे। किसी बड़ी समस्या का हल सहज ही प्राप्त होगा। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का सहयोग मिलेगा। भाग्य अनुकूल है। व्यापार-व्यवसाय में वृद्धि होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। शत्रुओं का पराभव होगा। किसी व्यक्ति की बातों में न आएं। प्रसन्नता रहेगी।
⚖️तुला
किसी व्यक्ति विशेष का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार लाभदायक रहेगा। पारिवारिक सदस्यों का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। नौकरी में मातहतों से अनबन हो सकती है। शारीरिक कष्ट संभव है। जल्दबाजी से हानि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। धन प्राप्ति सुगम होगी।
????वृश्चिक
चोट व दुर्घटना से बड़ी हानि हो सकती है। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। किसी अपरिचित व्यक्ति पर अतिविश्वास न करें। किसी भी प्रकार के विवाद में न पड़ें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यापार ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। मित्रों के साथ समय अच्छा व्यतीत होगा।
????धनु
तीर्थदर्शन की योजना फलीभूत होगी। सत्संग का लाभ मिलेगा। आत्मशांति रहेगी। यात्रा संभव है। व्यापार ठीक चलेगा। संपत्ति के कार्य मनोनुकूल लाभ देंगे। नौकरी में चैन रहेगा। दूसरों की जवाबदारी न लें। थकान रह सकती है।
????मकर
कार्यस्थल पर परिवर्तन की योजना बनेगी। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। ऐश्वर्य व आरामदायक साधनों पर व्यय होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। जल्दबाजी से बचें। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी।
????कुंभ
डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। यात्रा मनोरंजक रहेगी। नौकरी में मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। शेयर मार्केट में जल्दबाजी न करें। व्यापार लाभदायक रहेगा। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। लेन-देन में सावधानी रखें। चोट व रोग से कष्ट संभव है। प्रमाद न करें।
????मीन
स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। फालतू खर्च होगा। किसी के व्यवहार से क्लेश होगा। जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। आय में निश्चितता रहेगी। नौकरी में कार्यभार बढ़ेगा। सहकर्मी साथ नहीं देंगे। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे।
????आपका दिन मंगलमय हो????
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599











