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|| जय श्री राधे ||
???????? महर्षि पाराशर पंचांग ????????
???????????? अथ पंचांगम् ????????????
ll जय श्री राधे ll
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दिनांक:- 05/11/2024, मंगलवार
चतुर्थी, शुक्ल पक्ष,
कार्तिक
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि————चतुर्थी 24:16:25 तक
पक्ष———————— शुक्ल
नक्षत्र———- ज्येष्ठा 09:44:23
योग———- अतिगंड 11:26:31
करण———– वणिज 11:53:31
करण——- विष्टि भद्र 24:16:25
वार——————– मंगलवार
माह——————— कार्तिक
चन्द्र राशि—– वृश्चिक09:44:23
चन्द्र राशि—————– धनु
सूर्य राशि—————— तुला
रितु———————— हेमंत
आयन—————- दक्षिणायण
संवत्सर (उत्तर)———— कालयुक्त
विक्रम संवत————– 2081
गुजराती संवत———— 2081
शक संवत——————1946
कलि संवत—————- 5125
वृन्दावन
सूर्योदय————– 06:34:00
सूर्यास्त—————- 17:31:12
दिन काल———— 10:57:11
रात्री काल————- 13:03:31
चंद्रोदय————– 09:59:29
चंद्रास्त—————- 20:10:20
लग्न—-तुला 18°54′ , 198°54′
सूर्य नक्षत्र—————– स्वाति
चन्द्र नक्षत्र—————— ज्येष्ठा
नक्षत्र पाया——————- ताम्र
???????????? पद, चरण ????????????
यू—- ज्येष्ठा 09:44:23
ये—- मूल 16:05:42
यो—- मूल 22:25:21
भा—- मूल 28:43:17
???????????? ग्रह गोचर ????????????
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
सूर्य= तुला 18°45, स्वाति 4 ता
चन्द्र=तुला 18°30 , ज्येष्ठा 4 ता
बुध =वृश्चिक 08°52 ‘ अनुराधा 2 नी
शु क्र= वृश्चिक 27°05, ज्येष्ठा ‘ 4 यू
मंगल=कर्क 06°30 ‘ पुष्य ‘ 1 हु
गुरु=वृषभ 25°30 मृगशिरा, 1 वे
शनि=कुम्भ 18°50 ‘ शतभिषा , 4 सू
राहू=(व) मीन 10°25 उo भा o, 3 झ
केतु= (व)कन्या 10°25 हस्त 1 पू
???????????? शुभा$शुभ मुहूर्त ????????????
राहू काल 14:47 – 16:09 अशुभ
यम घंटा 09:18 – 10:40 अशुभ
गुली काल 12:03 – 13: 25अशुभ
अभिजित 11:41 – 12:25 शुभ
दूर मुहूर्त 08:45 – 09:29 अशुभ
दूर मुहूर्त 22:44 – 23:28 अशुभ
प्रदोष 17:31 – 20:10 शुभ
????गंड मूल अहोरात्र अशुभ
????चोघडिया, दिन
रोग 06:34 – 07:56 अशुभ
उद्वेग 07:56 – 09:18 अशुभ
चर 09:18 – 10:40 शुभ
लाभ 10:40 – 12:03 शुभ
अमृत 12:03 – 13:25 शुभ
काल 13:25 – 14:47 अशुभ
शुभ 14:47 – 16:09 शुभ
रोग 16:09 – 17:31 अशुभ
????चोघडिया, रात
काल 17:31 – 19:09 अशुभ
लाभ 19:09 – 20:47 शुभ
उद्वेग 20:47 – 22:25 अशुभ
शुभ 22:25 – 24:03* शुभ
अमृत 24:03* – 25:41* शुभ
चर 25:41* – 27:19* शुभ
रोग 27:19* – 28:57* अशुभ
काल 28:57* – 30:35* अशुभ
????होरा, दिन
मंगल 06:34 – 07:29
सूर्य 07:29 – 08:24
शुक्र 08:24 – 09:18
बुध 09:18 – 10:13
चन्द्र 10:13 – 11:08
शनि 11:08 – 12:03
बृहस्पति 12:03 – 12:57
मंगल 12:57 – 13:52
सूर्य 13:52 – 14:47
शुक्र 14:47 – 15:42
बुध 15:42 – 16:36
चन्द्र 16:36 – 17:31
????होरा, रात
शनि 17:31 – 18:36
बृहस्पति 18:36 – 19:42
मंगल 19:42 – 20:47
सूर्य 20:47 – 21:52
शुक्र 21:52 – 22:58
बुध 22:58 – 24:03
चन्द्र 24:03* – 25:08
शनि 25:08* – 26:14
बृहस्पति 26:14* – 27:19
मंगल 27:19* – 28:24
सूर्य 28:24* – 29:29
शुक्र 29:29* – 30:35
???? उदयलग्न प्रवेशकाल ????
तुला > 04:10 से 06: 22 तक
वृश्चिक > 06:22 से 08:48 तक
धनु > 08:48 से 11:00 तक
मकर > 11:00 से 13:52 तक
कुम्भ > 13:52 से 14: 20 तक
मीन > 14:20 से 15:52 तक
मेष > 15:52 से 17:12 तक
वृषभ > 17:12 से 19:20 तक
मिथुन > 19:20 से 21:28 तक
कर्क > 21:28 से 00:06 तक
सिंह > 00:06 से 01:56 तक
कन्या > 01:56 से 04:08 तक
????विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
????दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
???? अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
4 + 3 + 1 = 8 ÷ 4 = 0 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l
???????? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ????????
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
बुध ग्रह मुखहुति
???? शिव वास एवं फल -:
4 + 4 + 5 =13 ÷ 7 = 6 शेष
क्रीड़ायां = शोक , दुःख कारक
????भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
11:50 से रात्रि 24:16 तक समाप्त
पाताल लोक = धनलाभ कारक
???????? विशेष जानकारी ????????
*विनायक चतुर्थी
*दुर्वा गणपति पूजा
- षष्ठी पूजा प्रारम्भ
???????????? शुभ विचार ????????????
एकेनापि सुपुत्रेण विद्यायुक्तेन साधुना ।
आल्हादितं कुलं सर्वं यथा चन्द्रेण शर्वरी ।।
।। चा o नी o।।
विद्वान एवं सदाचारी एक ही पुत्र के कारन सम्पूर्ण परिवार वैसे ही खुशहाल रहता है जैसे चन्द्रमा के निकालने पर रात्रि जगमगा उठती है.
???????????? सुभाषितानि ????????????
गीता -: विश्वरूपदर्शनयोग अo-11
ततः स विस्मयाविष्टो हृष्टरोमा धनञ्जयः ।,
प्रणम्य शिरसा देवं कृताञ्जलिरभाषत ॥,
उसके अनंतर आश्चर्य से चकित और पुलकित शरीर अर्जुन प्रकाशमय विश्वरूप परमात्मा को श्रद्धा-भक्ति सहित सिर से प्रणाम करके हाथ जोड़कर बोले॥,14॥,
???????? दैनिक राशिफल ????????
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
????मेष
भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। साझेदारी में नवीन प्रस्ताव प्राप्त हो सकेंगे। शत्रु सक्रिय रहेंगे। गर्व-अहंकार को दूर करें। राजनीतिक व्यक्तियों से लाभकारी योग बनेंगे। मनोबल बढ़ने से तनाव कम होगा।
????वृष
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा सफल रहेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। जोखिम न लें। अपने व्यसनों पर नियंत्रण रखें। पत्नी के बतलाए रास्ते पर चलने से लाभ की संभावना बनती है। यात्रा से लाभ। वाहन-मशीनरी खरीदी के योग हैं। व्यवसाय में अड़चनें आएंगी।
????मिथुन
फालतू खर्च होगा। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। विवाद को बढ़ावा न दें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यावसायिक योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं हो पाएगा। परिवार की चिंता रहेगी। आय से व्यय अधिक होंगे। अजनबियों पर विश्वास से हानि हो सकती है।
????कर्क
धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कोर्ट व कचहरी के कार्य बनेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। चोट व रोग से बचें। कार्य-व्यवसाय में लाभ होने की संभावना है। दांपत्य जीवन में अनुकूलता रहेगी। सामाजिक समारोहों में भाग लेंगे। सुकर्मों के लाभकारी परिणाम मिलेंगे।
????सिंह
प्रतिष्ठा बढ़ेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। यात्रा का शुभ योग होने के साथ ही कठिन कार्य में भी सफलता मिल सकेगी। रिश्तेदारों से संपत्ति संबंधी विवाद हो सकता है। व्यापार-नौकरी में लाभ होगा। पुराना रोग उभर सकता है। प्रयास सफल रहेंगे।
????♀️कन्या
पुराने मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। शुभ समाचार मिलेंगे। मान बढ़ेगा। प्रसन्नता रहेगी। मन में उत्साह रहेगा, जिससे कार्य की गति बढ़ेगी। आपके कार्यों को समाज में प्रशंसा मिलेगी। भागीदारी में आपके द्वारा लिए गए निर्णयों से लाभ होगा।
⚖️तुला
प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कानूनी अड़चन दूर होगी। भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य संबंधी समस्या हल हो सकेगी। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। अपनी वस्तुएँ संभालकर रखें। रुका धन मिलेगा। भ्रम की स्थिति बन सकती है।
????वृश्चिक
जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। विवाद को बढ़ावा न दें। मितव्ययिता को ध्यान में रखें। कुटुंबियों से संबंध सुधरेंगे। शत्रुओं से सावधान रहें। व्यापार लाभप्रद रहेगा। खर्चों में कमी करें। सश्रम किए गए कार्य पूर्ण होंगे।
????धनु
स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। अच्छे लोगों से भेंट होगी जो आपके हितचिंतक रहेंगे। योजनाएं फलीभूत होंगी। नौकरी में पदोन्नाति के योग हैं। आलस्य से बचकर रहें। परिवार की मदद मिलेगी।
????मकर
रोजगार में वृद्धि होगी। नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। अर्थ संबंधी कार्यों में सफलता से हर्ष होगा। सुखद भविष्य का स्वप्न साकार होगा। विचारों से सकारात्मकता बढ़ेगी। दुस्साहस न करें। व्यापार में इच्छित लाभ होगा।
????कुंभ
नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। मान-सम्मान मिलेगा। नेत्र पीड़ा हो सकती है। अधिकारी वर्ग विशेष सहयोग नहीं करेंगे। ऋण लेना पड़ सकता है। यात्रा आज नहीं करें। परिवार के कार्यों को प्राथमिकता दें। आपकी बुद्धिमत्ता सामाजिक सम्मान दिलाएगी।
????मीन
किसी के भरोसे न रहकर अपना कार्य स्वयं करें। महत्वपूर्ण कार्यों में हस्तक्षेप से नुकसान की आशंका है। परिवार में तनाव रहेगा। व्यापार-व्यवसाय मध्यम रहेगा। कष्ट, भय, चिंता व बेचैनी का माहौल बन सकता है। दु:खद समाचार मिल सकता है, धैर्य रखें।
????आपका दिन मंगलमय हो????
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599











