संपूर्ण पंचांग दैनिक राशिफल महर्षि पाराशर पंचांग  अथ पंचांगम् ll जय श्री राधे ll दिनांक 04/12/2024 बुधवार

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|| जय श्री राधे ||
???????? महर्षि पाराशर पंचांग ????????
???????????? अथ पंचांगम् ????????????
ll जय श्री राधे ll
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दिनांक:- 4/12/2024, बुधवार
तृतीया, शुक्ल पक्ष,
मार्गशीर्ष
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि———– तृतीया 13:09:52 तक
पक्ष———————— शुक्ल
नक्षत्र——– पूर्वाषाढा 17:14:00
योग————- गण्ड 13:55:29
करण————- गर 13:09:52
करण———- वणिज 25:02:05
वार———————– बुधवार
माह——————— मार्गशीर्ष
चन्द्र राशि———-धनु 23:18:53
चन्द्र राशि————— मकर
सूर्य राशि—————- वृश्चिक
रितु————————- हेमंत
आयन—————– दक्षिणायण
संवत्सर (उत्तर)————- कालयुक्त
विक्रम संवत—————- 2081
गुजराती संवत————– 2081
शक संवत—————— 1946
कलि संवत—————– 5125

वृन्दावन
सूर्योदय————– 06:56:07
सूर्यास्त————— 17:22:57
दिन काल———— 10:26:49
रात्री काल————- 13:33:53
चंद्रोदय————– 09:43:12
चंद्रास्त—————- 20:04:08

लग्न—-वृश्चिक 18°11′ , 228°11′

सूर्य नक्षत्र—————– ज्येष्ठा
चन्द्र नक्षत्र————– पूर्वाषाढा
नक्षत्र पाया——————- ताम्र

???????????? पद, चरण ????????????

फा—- पूर्वाषाढा 11:07:48

ढा—- पूर्वाषाढा 17:14:00

भे—- उत्तराषाढा 23:18:53

भो—- उत्तराषाढा 29:22:27

???????????? ग्रह गोचर ????????????

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य= वृश्चिक 18°45, ज्येष्ठा 1 नो
चन्द्र=धनु 21°30 , पू oषाo 3 फा
बुध =वृश्चिक 23°52 ‘ ज्येष्ठा 2 या
शु क्र= मकर 02°05, उ oषा०’ 2 भो
मंगल=कर्क 11°30 ‘ पुष्य ‘ 3 हो
गुरु=वृषभ 22°30 रोहिणी, 4 वू
शनि=कुम्भ 18°50 ‘ शतभिषा , 4 सू
राहू=(व) मीन 08°54 उo भा o, 2 थ
केतु= (व)कन्या 08°54 उ o फा o 4 पी

???????????? शुभा$शुभ मुहूर्त ????????????

राहू काल 12:10 – 13:28 अशुभ
यम घंटा 08:14 – 09:33 अशुभ
गुली काल 10:51 – 12: 10अशुभ
अभिजित 11:49 – 12:30 अशुभ
दूर मुहूर्त 11:49 – 12:30 अशुभ
वर्ज्यम 25:20* – 26:57* अशुभ
प्रदोष 17:23 – 20:09 शुभ

????चोघडिया, दिन
लाभ 06:56 – 08:14 शुभ
अमृत 08:14 – 09:33 शुभ
काल 09:33 – 10:51 अशुभ
शुभ 10:51 – 12:10 शुभ
रोग 12:10 – 13:28 अशुभ
उद्वेग 13:28 – 14:46 अशुभ
चर 14:46 – 16:05 शुभ
लाभ 16:05 – 17:23 शुभ

????चोघडिया, रात
उद्वेग 17:23 – 19:05 अशुभ
शुभ 19:05 – 20:46 शुभ
अमृत 20:46 – 22:28 शुभ
चर 22:28 – 24:10* शुभ
रोग 24:10* – 25:52* अशुभ
काल 25:52* – 27:33* अशुभ
लाभ 27:33* – 29:15* शुभ
उद्वेग 29:15* – 30:57* अशुभ

????होरा, दिन
बुध 06:56 – 07:48
चन्द्र 07:48 – 08:41
शनि 08:41 – 09:33
बृहस्पति 09:33 – 10:25
मंगल 10:25 – 11:17
सूर्य 11:17 – 12:10
शुक्र 12:10 – 13:02
बुध 13:02 – 13:54
चन्द्र 13:54 – 14:46
शनि 14:46 – 15:38
बृहस्पति 15:38 – 16:31
मंगल 16:31 – 17:23

????होरा, रात
सूर्य 17:23 – 18:31
शुक्र 18:31 – 19:39
बुध 19:39 – 20:46
चन्द्र 20:46 – 21:54
शनि 21:54 – 23:02
बृहस्पति 23:02 – 24:10
मंगल 24:10* – 25:18
सूर्य 25:18* – 26:26
शुक्र 26:26* – 27:33
बुध 27:33* – 28:41
चन्द्र 28:41* – 29:49
शनि 29:49* – 30:57

???? उदयलग्न प्रवेशकाल ????

वृश्चिक > 04:22 से 07:00 तक
धनु > 07:00 से 09:12 तक
मकर > 09:12 से 12:00 तक
कुम्भ > 12:00 से 12: 32 तक
मीन > 12:32 से 14:04 तक
मेष > 14:04 से 15:28 तक
वृषभ > 15:28 से 17:32 तक
मिथुन > 17:32 से 19:40 तक
कर्क > 19:40 से 22:12 तक
सिंह > 22:12 से 00:06 तक
कन्या > 00:06 से 02:22 तक
तुला > 02:22 से 04:32 तक

????विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)

दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

????दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

???? अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

3 + 4 + 1 = 8 ÷ 4 = 0 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

???????? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ????????

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

सूर्य ग्रह मुखहुति

???? शिव वास एवं फल -:

3 + 3 + 5 = 11 ÷ 7 = 4 शेष

सभायां = संताप कारक

????भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

रात्रि 24:29 से प्रारम्भ

पाताल लोक = धनलाभ कारक

???????? विशेष जानकारी ????????

*आत्म तृतीया

*भारतीय नौ सेना दिवस

???????????? शुभ विचार ????????????

आपदार्थे धनं रक्षेच्छ्रीमतां कुत अापदः ।
कदाचिच्चलते लक्ष्मीःसंचितोऽपिविनश्यति ।।
।। चा o नी o।।

भविष्य में आने वाली मुसीबतो के लिए धन एकत्रित करें। ऐसा ना सोचें की धनवान व्यक्ति को मुसीबत कैसी? जब धन साथ छोड़ता है तो संगठित धन भी तेजी से घटने लगता है।

???????????? सुभाषितानि ????????????

गीता -: विश्वरूपदर्शनयोग अo-11

तस्मात्प्रणम्य प्रणिधाय कायं
प्रसादये त्वामहमीशमीड्यम्‌।,
पितेव पुत्रस्य सखेव सख्युः
प्रियः प्रियायार्हसि देव सोढुम्‌॥,

अतएव हे प्रभो! मैं शरीर को भलीभाँति चरणों में निवेदित कर, प्रणाम करके, स्तुति करने योग्य आप ईश्वर को प्रसन्न होने के लिए प्रार्थना करता हूँ।, हे देव! पिता जैसे पुत्र के, सखा जैसे सखा के और पति जैसे प्रियतमा पत्नी के अपराध सहन करते हैं- वैसे ही आप भी मेरे अपराध को सहन करने योग्य हैं।, ॥,44॥,

???????? दैनिक राशिफल ????????

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

????मेष
व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। घर में तनाव रहेगा। पार्टनरों से मतभेद व कहासुनी हो सकती है। वाणी पर नियंत्रण रखें। किसी व्यक्ति विशेष से कहासुनी हो सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। बनते काम बि‍गड़ सकते हैं। चोट व दुर्घटना से बचें। नकारात्मकता बढ़ेगी।

????वृष
राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। सभी तरफ से सफलता प्राप्त होगी। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्‍य प्रभावित हो सकता है। थकान रहेगी। तंत्र-मंत्र में रुचि जागृत होगी। सत्संग का लाभ मिलेगा। कारोबार में वृद्धि होगी।

????मिथुन
रोजगार में वृद्धि होगी। सामाजिक कार्य करने का अवसर प्राप्त हो सकता है। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। नए काम मिल सकते हैं। बाहर जाने का मन बनेगा। प्रसन्नता तथा संतुष्टि रहेगी। जल्दबाजी न करें। नई योजना बनेगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन हो सकता है।

????कर्क
जीवनसाथी से असहयोग मिलेगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। लेन-देन में जल्दबाजी व लापरवाही न करें। धनहानि हो सकती है। विवाद से बचें। झंझटों से दूर रहें। आय में निश्चितता रहेगी। फालतू खर्च होगा। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा।

????सिंह
घर-बाहर जीवन सुखमय रहेगा। रुका हुआ धन मिलने के योग हैं, प्रयास करते रहें। यात्रा लाभदायक रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। रोजगार में वृद्धि होगी। आय बढ़ेगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। भाइयों का सहयोग प्रसन्नता में वृद्धि करेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें।

????‍♀️कन्या
भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। बेरोजगारी दूर होगी। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। निवेश शुभ रहेगा। भाग्य की अनुकूलता रहेगी। प्रमाद न करें। उत्साह व प्रसन्नता से काम कर पाएंगे। कोई बड़ा कार्य होने से प्रसन्नता में वृद्धि होगी।

⚖️तुला
व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नए मित्र बनेंगे। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। आय में निश्चितता रहेगी। आत्मसम्मान बना रहेगा। अच्छे समाचार मिलेंगे। अतिथियों का आगमन होगा। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। किसी बड़े काम को करने का मन बनेगा। जल्दबाजी न करें।

????वृश्चिक
निवेश शुभ रहेगा। मेहनत का फल प्राप्त होगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। नौकरी में प्रभाव वृद्धि होगी। उच्चाधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगी। पारिवारिक चिंता में वृद्धि होगी। श‍त्रुओं से सावधानी आवश्यक है।

????धनु
रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। कारोबारी व्यस्तता रहेगी। कोई आनंददायक यात्रा का आयोजन हो सकता है। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। घर-परिवार की चिंता रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। प्रभावशाली व्यक्तियों से परिचय होगा। प्रमाद न करें।

????मकर
व्यवसाय में मनोनुकूल लाभ होगा। आय बनी रहेगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें। मेहनत अधिक होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। शत्रु हानि पहुंचा सकते हैं। विवाद को बढ़ावा न दें। शोक समाचार मिल सकता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

????कुंभ
प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। नौकरी में प्रभाव वृद्धि होगी। सभी कार्य समय पर होंगे। निवेश शुभ रहेगा। आय में वृद्धि होगी। स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा।

????मीन
स्थायी संपत्ति में वृद्धि होगी। कोई बड़ा सौदा हो सकता है। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। कारोबार में वृद्धि होगी। घर-बाहर सभी तरफ से सहयोग प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। थकान व कमजोरी रहेगी।

????आपका दिन मंगलमय हो????
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09027214416

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