
नरयावली विधानसभा के बड़तूमा में निर्माणाधीन संत रविदास जी का भव्य मंदिर और विशाल स्मारक जीवन मूल्यों का दिव्य लोक— विधायक लारिया
(संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज की 648वीं जयंती पर विशेष स्मरण)
सागर/11.02.2025
आज देशवासी संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज की 648वीं जन्म जयंती हर्षोल्लास के साथ मना रहे है।
सामाजिक स्वीकार्यता के परिणामस्वरुप संत या गुरु समाज के पथ प्रदर्शक और मार्गदर्शक होते हैं।
शोषण और सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध पथ प्रदर्शन करने के लिए मानवतावादी मनस्वी चिंतक गुरु रविदास जी जैसे महापुरुषों का इस धरा पर जन्म होता है। ऐसे दिव्य संत रविदास जी की वाणी में शोषित वर्गों की मुक्ति के लिए संघर्ष का ओजस्वी स्वर था।
संत रविदास जी ने आध्यात्मिक होने के साथ-साथ समाज को बदलने का भी संदेश दिया। इतना ही नहीं उन्होंने अपने पवित्र आचरण और साधना से अपने युग में सामाजिक क्रांति का सूत्रपात कर परंपरागत रूढ़िवादिता से ऊपर उठकर कार्य किया। उन्होंने पारस्परिक प्रेम और विश्व बंधुत्व का अमर संदेश देकर हीन भावना को समाप्त कर समाज को नई राह प्रदान की।
संत रविदास जी जैसे मानवतावादी चिंतक की अमर वाणी और जीवन दर्शन को आवाम में चिरजीवंत रखने प्रदेश की भाजपा सरकार ने सौम्य कदम उठाकर ऐतिहासिक तिथि 12 अगस्त 2023 को देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से नरयावली विधानसभा के बड़तूमा में 11 एकड़ में 101 करोड़ की लागत से फूलों की पंखुड़ियां जैसे आकर से निर्मित होने वाले संत रविदास जी के भव्य मंदिर और विशाल स्मारक की वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य विधि विधान से आधारशिला रखी थी।
मंदिर और संग्रहालय की खासियत में संत रविदास जी का नागर शैली से पत्थरों का भव्य मंदिर का निर्माण लगभग 10000 वर्ग फीट क्षेत्रफल में किया जा रहा है साथ ही संस्कृति एवं रचनात्मक विशेषता के साथ-साथ संत के दर्शन का प्रदर्शन करने वाली एक विशेष शैली के इंटरप्रिटेशन म्यूजियम का निर्माण किया जा रहा है। म्यूजियम का कुल क्षेत्रफल 14000 वर्ग फिट होगा जिसके अंदर चार गैलरी निर्मित की जा रही है। प्रथम गैलरी में संत रविदास के महान जीवन को प्रदर्शित किया जाएगा। द्वितीय गैलरी में संत रविदास की भक्ति मार्ग तथा निर्गुण पंथ में योगदान पर आधारित होगा। तृतीय गैलरी में संत रविदास के दर्शन का विभिन्न मतों का पर प्रभाव तथा रविदासिया पथ पर केंद्रित रहेगा। चतुर्थ गैलरी में रविदास के काव्योंचित, साहित्य एवं समकालीन विवरण का समावेश होगा।इस मंदिर परिसर में संत रविदास मंदिर के समीप जल कुंड का निर्माण किया जा रहा है। भक्त निवास में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए सर्वसुविधायुक्त वार्तानुकूलित कक्षों का निर्माण हो रहा है।
आज संत रविदास लोक अपनी भव्यता और दिव्यता के साथ मूर्त रूप लेकर निर्माण की श्रृंखलाबद्ध पूर्णता की ओर अग्रसर हो रहा है।
यह संत रविदास लोक सिर्फ नगर शैली से पत्थरों का भव्य निर्माण ही नहीं हमारी संस्कृति एवं रचनात्मक विशेषताओं का मील का पत्थर सिद्ध होगा। जहां लोग संत रविदास जी के आदर्शों, चिंतन और दर्शन की राह पर चलकर अपनी चेतन,सुप्त और अवचेतन मन को सकारात्मकता से आंदोलित कर अपने चरित्र का नवनिर्माण कर सच्चे राष्ट्र प्रेमी बनेंगे।
यह सिद्ध क्षेत्र आने वाले समय में विश्वभर से पधारें साधकों,भक्तों, संशोधक, विद्वानों, यात्रियों के मानस पटेल की अनंत गहराइयों में सुखद स्मरण और ध्रुव नक्षत्र की भांति जीवन यात्रा को प्रकाशित करता रहेगा।
मैं संत शिरोमणि श्री रविदास जी महाराज की 648 वीं जन्म जयंती पर उनके श्रीचरणों में शत् शत् प्रणाम कर समस्त क्षेत्रवासियों एवं देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं व्यक्त करता हूं।
आलेख -इंजी.प्रदीप लारिया (विधायक नरयावली) की कलम से……











