संपूर्ण पंचांग दैनिक राशिफल  महर्षि पाराशर पंचांग  अथ पंचांगम् ll जय श्री राधे ll दिनांक 11/11/2025 मंगलवार

🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺
|| जय श्री राधे ||
🌺🙏 महर्षि पाराशर पंचांग 🙏🌺
🙏🌺🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌺🙏
ll जय श्री राधे ll
🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺

दिनाँक:-11/11/2025,मंगलवार
सप्तमी, कृष्ण पक्ष,
मार्गशीर्ष
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि———- सप्तमी 23:08:02. तक
पक्ष————————– कृष्ण
नक्षत्र————– पुष्य 18:16:50
योग————— शुभ 09:43:23
करण——– विष्टि भद्र 11:31:29
करण————— बव 23:08:02
वार———————– मंगलवार
माह———————- मार्गशीर्ष
चन्द्र राशि——————- कर्क
सूर्य राशि——————– तुला
रितु————————— हेमंत
आयन—————— दक्षिणायण
संवत्सर——————- विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर)————– सिद्धार्थी
विक्रम संवत—————- 2082
गुजराती संवत————– 2082
शक संवत—————— 1947
कलि संवत—————– 5126

वृन्दावन
सूर्योदय—————- 06:38:15
सूर्यास्त—————– 17:27:53
दिन काल————– 10:49:38
रात्री काल————– 13:11:06
चंद्रास्त—————– 12:27:25
चंद्रोदय—————– 23:20:28

लग्न—- तुला 24°40′ , 204°40′

सूर्य नक्षत्र—————– विशाखा
चन्द्र नक्षत्र——————— पुष्य
नक्षत्र पाया——————- रजत

🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩

हो—- पुष्य 12:19:53

ड—- पुष्य 18:16:50

डी—- आश्लेषा 24:16:46

डू—- आश्लेषा 30:19:43

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य= तुला 24°49 , विशाखा 2 तू
चन्द्र= कर्क 10°30 , पुष्य 3 हो
बुध = वृश्चिक 12°52 ‘ अनुराधा 3 नू
शु क्र= तुला 10°05, स्वाति , 2 रे
मंगल= वृश्चिक 10°30 ‘ अनुराधा 3 नू
गुरु= कर्क 00°30 पुनर्वसु, 4 ही
शनि=मीन 01°58 ‘ पूo भा o , 4 दी
राहू=(व) कुम्भ 20°45 पू o भा o, 1 से

केतु= (व) सिंह 20°45 पूoफा o 3 टी

🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩

राहू काल 14:45 – 16:07 अशुभ
यम घंटा 09:21 – 10:42 अशुभ
गुली काल 12:03 – 13:24 अशुभ
अभिजित 11:41 – 12:25 शुभ
दूर मुहूर्त 08:48 – 09:31 अशुभ
दूर मुहूर्त 22:44 – 23:27 अशुभ
प्रदोष 17:28 – 20:09. शुभ

🚩गंड मूल 18:17 – अहोरात्र अशुभ

💮चोघडिया, दिन

रोग 06:38 – 07:59 अशुभ
उद्वेग 07:59 – 09:21 अशुभ
चर 09:21 10:42 शुभ
लाभ 10:42 12:03 शुभ
अमृत 12:03 13:24 शुभ
काल 13:24 14:45 अशुभ
शुभ 14:45-16:07 शुभ
रोग 16:07 – 17:28 अशुभ

🚩चोघडिया, रात

काल 17:28 19:07 अशुभ
लाभ 19:07 – 20:46 शुभ
उद्वेग 20:46 – 22:25 अशुभ
शुभ 22:25 – 24:03* शुभ
अमृत 24:03* – 25:42* शुभ
चर 25:42– 27:21 शुभ
रोग 27:21* – 29:00* अशुभ
काल 29:0030:39 अशुभ

💮होरा, दिन

मंगल 06:38- 07:32
सूर्य 07:32- 08:27
शुक्र 08:27 -09:21
बुध 09:21- 10:15
चन्द्र 10:15-11:09
शनि 11:09- 12:03
बृहस्पति 12:03- 12:57
मंगल 12:57 -13:51
सूर्य 13:51- 14:45
शुक्र 14:45 -15:40
बुध 15:40 -16:34
चन्द्र 16:34- 17:28

🚩होरा, रात

शनि 17:28- 18:34
बृहस्पति 18:34 -19:40
मंगल 19:40- 20:46
सूर्य 20:46- 21:52
शुक्र 21:52- 22:58
बुध 22:58- 24:03
चन्द्र 24:03-25:09
शनि 25:09-26:15
बृहस्पति 26:15-27:21
मंगल 27:21-28:27
सूर्य 28:27-29:33
शुक्र 29:33-30:39

🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩

तुला > 04:50 से 07:02 तक
वृश्चिक > 07:02 से 09:22 तक
धनु > 09:22 से 11:30 तक
मकर > 11:30 से 13:02 तक
कुम्भ > 13:02 से 14:36 तक
मीन > 14:36 से 16:12 तक
मेष > 16:12 से 17:42 तक
वृषभ > 17:42 से 19:36 तक
मिथुन > 19:36 से 22:04 तक
कर्क > 22:04 से 00:12 तक
सिंह > 00:12 से 02:12 तक

कन्या > 02:22 से 04:52 तक

🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)

दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————- उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

15 + 7 + 3 + 1 = 26 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

गुरु ग्रह मुखहुति

💮 शिव वास एवं फल -:

22 + 22 + 5 = 49 ÷ 7 = 0 शेष

शमशान वास = मृत्यु कारक

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

प्रातः 11:48 तक समाप्ति

मृत्युलोक = सर्वकार्य विनाशिनी

💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮

*सर्वार्थ सिद्धि योग 18:47 से

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

निविषेणापि सर्पेण कर्तव्या महती फणा ।
विषमस्तु न चाप्यस्तु घटाटोप भयंकरः ।।
।।चाo नीo।।

यदि नाग अपना फना खड़ा करे तो भले ही वह जहरीला ना हो तो भी उसका यह करना सामने वाले के मन में डर पैदा करने को पर्याप्त है. यहाँ यह बात कोई माइना नहीं रखती की वह जहरीला है की नहीं.

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: सांख्ययोग – अo-2

ध्यायतो विषयान्पुंसः संगस्तेषूपजायते।
संगात्संजायते कामः कामात्क्रोधोऽभिजायते॥

विषयों का चिन्तन करने वाले पुरुष की उन विषयों में आसक्ति हो जाती है, आसक्ति से उन विषयों की कामना उत्पन्न होती है और कामना में विघ्न पड़ने से क्रोध उत्पन्न होता है
।।62।।

💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। थकान रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता रहेगी। भूमि, आवास की समस्या रह सकती है। आजीविका में नवीन प्रस्ताव मिलेगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। संतान से कष्ट रहेगा। मेहनत का फल मिलेगा।

🐂वृष
संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। धनार्जन होगा। समाज में प्रसिद्धि के कारण सम्मान में बढ़ौत्री होगी। आजीविका में नवीन प्रस्ताव मिलेंगे। परिवार की समस्याओं को अनदेखा न करें।

👫मिथुन
प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। राजकीय काम बनेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। चिंता रहेगी। जोखिम न उठाएं। संतान से मदद मिलेगी। आर्थिक स्थिति में प्रगति की संभावना है। अचानक धन की प्राप्ति के योग हैं। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें।

🦀कर्क
भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। मान बढ़ेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। अपनी बुद्धिमत्ता से आप सही निर्णय लेने में सक्षम होंगे। विकास की योजनाएं बनेंगी। निजीजनों में असंतोष हो सकता है। व्यापार में इच्छित लाभ होगा।

🐅सिंह
वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। वस्तुएं संभालकर रखें। स्वास्थ्य पर व्यय होगा। विवाद न करें। यात्रा में अपनी वस्तुओं को संभालकर रखें। कर्म के प्रति पूर्ण समर्पण व उत्साह रखें। अधीनस्थों की ओर ध्यान दें। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।

🙎‍♀️कन्या
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। आय बढ़ेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। अपने व्यसनों पर नियंत्रण रखते हुए कार्य करना चाहिए। व्यापार में कर्मचारियों पर अधिक विश्वास न करें। आर्थिक स्थिति मध्यम रहेगी।

⚖️तुला
दूसरों से अपेक्षा न करें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। थकान रहेगी। जोखिम न लें। विवाद से बचें। राजकीय सहयोग मिलेगा एवं इस क्षेत्र के व्यक्तियों से संबंध बढ़ेंगे। विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी। व्यापार अच्छा चलेगा। वाणी पर संयम रखें।

🦂वृश्चिक
लेन-देन में सावधानी रखें। विवाद न करें। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। सकारात्मक विचारों के कारण प्रगति के योग आएंगे। कार्यपद्धति में विश्वसनीयता बनाए रखें। समय ठीक नहीं है। वाहन, मशीनरी व अग्नि के प्रयोग में सावधानी रखें।

🏹धनु
किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। कामकाज में धैर्य रखने से सफलता मिल सकेगी। योजनाएं फलीभूत होंगी। मित्रों में आपका वर्चस्व बढ़ेगा। स्वास्थ्य की ओर ध्यान दें।

🐊मकर
नए अनुबंध होंगे। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। झंझटों में न पड़ें। शत्रु सक्रिय रहेंगे। कार्य की प्रवृत्ति में यथार्थता व व्यावहारिकता का समावेश आवश्यक है। व्यापार में नई योजनाओं पर कार्य नहीं होंगे। जीवनसाथी का ध्यान रखें।

🍯कुंभ
भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। जोखिम न लें। व्यावसायिक चिंता दूर हो सकेगी। स्वयं के सामर्थ्य से ही भाग्योन्नति के अवसर आएंगे। योजनाएं फलीभूत होंगी।

🐟मीन
धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। राजकीय बाधा दूर होगी। वरिष्ठजन सहयोग करेंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। बुद्धि एवं तर्क से कार्य में सफलता के योग बनेंगे। यात्रा कष्टप्रद हो सकती है। अतः उसका परित्याग करें। व्यापार लाभप्रद रहेगा।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺
आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599

Leave a Comment

Read More