नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को संसद में पारित नहीं होने देने पर विपक्षी दलों के खिलाफ सागर में निकली जन आक्रोश महिला पदयात्रा

नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को संसद में पारित नहीं होने देने पर विपक्षी दलों के खिलाफ सागर में निकली जन आक्रोश महिला पदयात्रा

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्षी दलों के कृत्य पर फूटा आक्रोश सागर में आयोजित सभा को सांसद, जिला अध्यक्ष,विधायक,महापौर, पूर्व विधायक व लीगल राइट्स काउंसिल की प्रदेश अध्यक्ष ने किया सम्बोधित

कांग्रेस व इंडी गठबंधन का किया पुतला दहन

सागर। देश की नारी शक्ति अब अपने अधिकारों और सम्मान के लिए पूरी तरह जागरूक हो चुकी है और किसी भी प्रकार के अन्याय को स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि लोकसभा में हुई हालिया चर्चा के दौरान विपक्षी दलों द्वारा नारी सम्मान के मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिससे देशभर की महिलाओं में आक्रोश है। इसी के परिणामस्वरूप आज गली-गली और मोहल्लों तक नारी शक्ति जागृत होकर सड़कों पर उतर आई है। सांसद वानखेड़े ने बताया कि संसद में इस विषय पर लंबी बहस चली और उन्होंने देर रात तक उपस्थित रहकर नारी शक्ति की आवाज को मजबूती से उठाया। उन्होंने कहा कि संसद की हर बात इतिहास में दर्ज होती है और देश की जनता सब देख रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं को आरक्षण देने के लिए संविधान संशोधन आवश्यक है, जिसके लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होता है। यह बात सांसद डॉ.लता वानखेड़े ने सागर में आयोजित जन आक्रोश सभा को संबोधित करते हुए कही।

कार्यक्रम को विधायक शैलेंद्र कुमार जैन महापौर संगीता तिवारी जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी लीगल राइट्स काउंसिल इंडिया की प्रदेश अध्यक्ष अनुश्री जैन एवं पूर्व विधायक सुधा जैन ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में सागर ग्रामीण जिला अध्यक्ष रानी पटेल नगर निगम अध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार कार्यक्रम सह संयोजक नेहा जैन मंचासीन रहीं। कार्यक्रम का संचालन भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष संध्या भार्गव एवं आभार कार्यक्रम संचालन टोली सहसंयोजक मेघा दुबे ने व्यक्त किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने नारी सम्मान के लिए सभी दलों से सहयोग मांगा, लेकिन अपेक्षित समर्थन नहीं मिल सका।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इतिहास साक्षी है—चाहे रामायण हो या महाभारत—नारी के अपमान के गंभीर परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि आज भी नारी शक्ति के साथ अन्याय को देश की जनता स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में महिलाओं की भूमिका निर्णायक है और उनके समर्थन के बिना कोई भी जनप्रतिनिधि आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आगे आएं और समाज में जागरूकता फैलाएं। सांसद वानखेड़े ने कहा कि यह स्थिति हार नहीं, बल्कि एक चुनौती है, जिसे स्वीकार कर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नारी शक्ति के संगठित प्रयासों से भविष्य में यह उद्देश्य अवश्य पूरा होगा।

आक्रोश सभा को संबोधित करते हुए महापौर संगीता तिवारी ने कहा कि आज की यह आक्रोश रैली नारी सम्मान, नारी अधिकार और नारियों के स्वाभिमान के समर्थन में निकली जन-जन की आवाज है।नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की आधी आबादी को अधिकार देने वाला एक ऐतिहासिक निर्णय है, जिसका देशभर की महिलाओं ने स्वागत किया है। आप सभी जानते हैं कि दशकों तक महिला आरक्षण का मुद्दा केवल फाइलों में दबाकर रखा गया, लेकिन इसे कानून बनाने का साहस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुआ।जो लोग वर्षों तक महिलाओं के अधिकारों को टालते रहे, आज वही इस ऐतिहासिक कदम पर भ्रम फैलाने की राजनीति कर रहे हैं। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहती हूं कि नारी सम्मान जैसे महत्वपूर्ण विषय पर राजनीति नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और स्पष्ट नीयत की आवश्यकता है—जैसा कि वर्तमान सरकार ने दिखाया है। यह अधिनियम केवल सीटों का आरक्षण नहीं है, बल्कि महिलाओं को नीति-निर्माण और नेतृत्व में सशक्त भागीदारी देने का संकल्प है। आज की यह आक्रोश रैली उन सभी विपक्षी शक्तियों को करारा जवाब है, जो महिला सशक्तिकरण को कमजोर करने का प्रयास करती हैं। हमारी सरकार ने ‘बेटी बचाओ’, ‘उज्ज्वला’, ‘मातृ वंदना’ जैसी योजनाओं से लेकर अब राजनीतिक प्रतिनिधित्व तक महिलाओं को सशक्त बनाने का कार्य किया है।लेकिन दुर्भाग्य से, महिलाओं के अधिकारों को लेकर विपक्ष की नीयत स्पष्ट नहीं दिखती।
मैं आज दृढ़ता से कहना चाहती हूं—जो नारी शक्ति का सम्मान करेगा, वही देश का नेतृत्व करेगा और जो इसका विरोध करेगा, उसे जनता स्वयं जवाब देगी।

जन आक्रोश सभा को संबोधित करते हुए विधायक शैलेन्द्र कुमार जैन ने कहा कि देशभर की नारी शक्ति अब अपने सम्मान और अधिकारों के लिए जागरूक होकर सड़कों पर उतर आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में विपक्षी दलों ने महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी की, जिसके विरोध में यह आंदोलन हो रहा है।उन्होंने सांसद डॉ. लता वानखेड़े की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने संसद में देर रात तक रहकर नारी शक्ति की आवाज बुलंद की।विधायक जैन ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने के लिए संविधान संशोधन आवश्यक है, जिसके लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विषय पर विपक्ष से सहयोग मांगा, लेकिन अपेक्षित समर्थन नहीं मिला।उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और लोकतंत्र में अपनी भूमिका को समझते हुए सही निर्णय लें। अंत में उन्होंने कहा कि यह विफलता नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है,और नारी शक्ति के एकजुट प्रयासों से भविष्य में यह उद्देश्य अवश्य पूरा होगा।

भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी ने कहा कि कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देश की आधी आबादी को उनका संवैधानिक अधिकार देने का ऐतिहासिक प्रयास किया था, लेकिन कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों ने इस ऐतिहासिक अवसर को विफल करने के लिए घिनौना प्रयास किया। कांग्रेस का इतिहास हमेशा महिलाओं के खिलाफ रहा है। कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के अधिकारों के अपमान से भरा पड़ा है। कांगेस पार्टी और उसके नेताओं ने महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित करने का काम किया है। अब महिलाएं अपने अधिकारों के लिए खड़ी हो चुकी हैं और किसी भी विरोधी ताकत को अपने रास्ते में रुकावट डालने की अनुमति नहीं देंगी। उन्होंने कहा कि आज हमारी बहनें सिर्फ एक आवाज नहीं हैं, वह एक बदलाव की आंधी बन चुकी हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने हमेशा महिलाओं को कमजोर करने का काम किया है, लेकिन अब महिलाएं अपना हक लेने के लिए तैयार हैं।

लीगल राइट्स काउंसिल इंडिया की प्रदेश अध्यक्ष अनुश्री जैन ने लोकसभा में बिल पर चर्चा के
दौरान के प्रत्यक्ष अनुभव को साझा करते हुए कहा कि ज़ब लोकसभा
में चर्चा हो रही थी वह मेरे लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का क्षण था।
क्यूंकि वहाँ मैंने महिलाओं की एक अद्भुत शक्ति देखी—मानो देवी स्वरूप में वे देश के भविष्य का निर्माण कर रही हों। आज मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहती हूँ कि यह कोई विफलता नहीं है, बल्कि यह एक नए मार्ग की शुरुआत है। हम सब जो आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं, वह परिवर्तन की दिशा में एक आवश्यक कदम है। उन्होने कहा कि हमने ही उन लोगों को वहाँ तक पहुँचाया है। जिन्होंने हमारा विरोध किया, उन्हें हमने ही चुनकर उस स्थान तक भेजा है। इसलिए अब समय है कि हम और अधिक सूझबूझ, समझदारी और जागरूकता के साथ आगे बढ़ें।
मैं दृढ़ता से मानती हूँ कि एक माँ, एक पत्नी, एक बहन—जो अपने परिवार को कुशलता से संभाल सकती है—वह देश को भी अत्यंत प्रभावी तरीके से चला सकती है। और हम सब मिलकर यह कर सकते हैं। आज के इस कार्यक्रम में आप सभी की सहभागिता सराहनीय है। मैं आपसे विनम्र आग्रह करती हूँ कि हम केवल यहाँ तक सीमित न रहें। हमारी बच्चियाँ, हमारा युवा वर्ग—उन्हें भी इस जागरूकता का हिस्सा बनाना होगा। यह परिवर्तन किसी एक रैली या एक सम्मेलन से नहीं आएगा।
यह बदलाव जड़ों से आएगा—हमारे घरों से, हमारे परिवारों से, हमारी सोच से। और इसके लिए हमें अभी से तैयारी करनी होगी।
मुझे विश्वास है कि सागर की यह शक्ति, आप सभी की यह एकजुटता, निश्चित रूप से एक बड़ा परिवर्तन लाएगी। आने वाले समय में हम न केवल अपनी अपेक्षाओं को पूरा करेंगे, बल्कि उससे भी बेहतर स्थान प्राप्त करेंगे।मेरा पूर्ण विश्वास है कि महिलाएँ राष्ट्र को और भी बेहतर दिशा दे सकती हैं।

पूर्व विधायक सुधा जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के माध्यम से देश की आधी आबादी को संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का अधिकार देने का कार्य कर रहे थे। विपक्षी दलों ने महिलाओं के अधिकार देने से रोका है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्षी दलों का कृत्य संपूर्ण नारी शक्ति का अपमान है। कांग्रेस का इतिहास हमेशा से महिला विरोधी रहा है।

जिला मीडिया प्रभारी श्रीकांत जैन ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लोकसभा में लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा पारित नहीं होने देने से महिलाएं आक्रोशित हैं। शनिवार को सागर के चकराघाट से तीन बत्ती तक महिलाओं द्वारा काले वस्त्र पहनकर जन आक्रोश महिला पदयात्रा निकाली गई।सैंकड़ो की संख्या में नारी शक्ति व आमजन आक्रोश पदयात्रा में शामिल हुए। जन आक्रोश महिला पदयात्रा में महिलाएं कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों को सबक सिखाने के लिए लगाए गए नारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो रहा था। बड़ी संख्या में बहनों ने विपक्षी दलों पर कटाक्ष की तख्तियां लेकर पदयात्रा में शामिल हुईं।
वहीं पदयात्रा के समापन के पूर्व उपस्तिथ मातृ शक्ति ने कांग्रेस व इंडी गठबंधन का पुतला दहन किया।
कार्यक्रम में रितु सिंह,दीपा तिवारी,शिवा ठाकुर गुंजा,तृप्ति सिंह, प्रतिभा चौबे सुनीता रैकवॉर,मीरा चौबे,संगीता सिंह,स्वाति तिवारी,डॉली सोनी,रूबी पटेल,शारदा कोरी,सोनिया तिवारी,जयंती मौर्य जी,आयुषी चौरसिया सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थिति रहीं।

Leave a Comment

Read More