
द्वादश वर्षीय स्वाध्याय पाठ्यक्रम की द्वितीय चरण परीक्षा संपन्न, अनुपस्थित विद्यार्थियों को मिला दूसरा अवसर
सागर।
शिवाजी वार्ड स्थित बालक हिल व्यू जैन मंदिर के अध्ययन एवं परीक्षा केंद्र पर द्वादश वर्षीय श्रमण संस्कृति स्वाध्याय पाठ्यक्रम (सत्र 2025–26) के द्वितीय चरण की परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
इससे पूर्व प्रथम चरण की परीक्षा 12 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी। जिन विद्यार्थी विशेष कारणों से उस परीक्षा में शामिल नहीं हो सके थे, उन्हें 26 अप्रैल को आयोजित द्वितीय चरण में सम्मिलित होने का अवसर प्रदान किया गया।
दोनों परीक्षाओं में प्रथम से पंचम वर्ष तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया। 12 अप्रैल को आयोजित परीक्षा के निदेशक मनीष भैया जी रहे, जबकि 26 अप्रैल की परीक्षा का संचालन श्रेयांश भैया द्वारा किया गया।
इस दौरान शिवाजी वार्ड केंद्र की प्रारंभकर्त्ता संयोजिका रश्मि-आलोक जैन एवं सहसंयोजिका सुनीता नाहर की सक्रिय उपस्थिति रही।
यह स्वाध्याय पाठ्यक्रम जगत पूज्य सुधासागर जी महाराज की प्रेरणा से संपूर्ण भारतवर्ष में संचालित किया जा रहा है। प्रतिवर्ष जहां भी आचार्य श्री विराजमान होते हैं, वहां अधिवेशन के दौरान संयोजकों का सम्मान तथा स्थानीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाता है।
उक्त जानकारी शिवाजी वार्ड सागर की संयोजिका रश्मि-आलोक जैन द्वारा प्रदान की गई।











