
अधिवक्ता की गिरफ्तारी को लेकर विरोध: शाहपुर में हत्या के विरोध में शराब दुकान में आग लगाने का मामला, एफआईआर रद्द करने की मांग
सागर के शाहपुर में शराब बेचने के संदेह में हुई दो लोगों की हत्या के बाद हुए विरोध प्रदर्शन में गुस्साई भीड़ ने शराब दुकान में आग लगाई थी। मामले में पुलिस ने शराब दुकान में आग लगाने और अभद्रता करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में लिया है। मामले में कार्रवाई करते हुए अधिवक्ता जगमोहन लोधी को गिरफ्तार किया गया। अधिवक्ता जनमोहन की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही अधिवक्ता और लोधी समाज के लोग थाने में जमा हो गए। गुरुवार सुबह मामले को लेकर अधिवक्ताओं ने बैठक की। जिसमें अधिवक्ता पर दर्ज हुई एफआईआर रद्द कराने की मांग उठाई गई। इसी दौरान ओबीसी क्रांति सेना समेत ओबीसी वर्ग के लोग भी एसपी कार्यालय पहुंच गए। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों को देख एसपी कार्यालय में बेरीकेड लगाए गए। लोगों को गेट पर रोक दिया गया। 10 सदस्यीय दल को अंदर भेजा गया। जहां एसपी अनुराग सुजानिया ने उनकी मांगे सुनी। उन्होंने ज्ञापन सौंपते हुए शाहपुर मामले में निर्दोषों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने और मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की। एसपी ने मामले में जांच कराकर आगे की कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
यह है पूरा मामला
9 मई को फरियादी सूरज अहिरवार उम्र 40 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 7 शाहपुर ने शिकायत की थी। शिकायत में बताया कि 8 मई की रात शराब बेचने के संदेह को लेकर आरोपी नीलेश पिता काशीराम अहिरवार निवासी शाहपुर, भगवत पिता कुंदन पटेल, अंशुल पिता रामप्रसाद यादव निवासी भड़राना, छोटू उर्फ हर्ष सिंह लोधी, अभिषेक पटेल निवासी शाहपुर ने फरियादी और नीरज प्रजापति का रास्ता रोककर गाली-गलौज की। लाठी, लोहे की रॉड से मारपीट की गई। मारपीट में गंभीर चोटे आने से नीरज प्रजापति की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि घायल सूरज अहिरवार जान बेहोशी की हालत में मिला था। सूरज की इलाज के दौरान 10 मई को मौत हो गई। इसी मामले को लेकर शाहपुर में विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने शराब दुकान में आग लगा दी थी। पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की गई थी। जिस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 40 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है।











