
विश्वविद्यालय : उन्नत अनुसंधान केंद्र द्वारा ट्रांसमिशन इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी तकनीक पर कार्यशाला का आयोजन
सागर | डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर के कुलपति प्रोफेसर यशवंत सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन व सी.ए.आर. की मुख्य समन्वयक, प्रोफेसर श्वेता यादव की पहल पर उन्नत अनुसंधान केंद्र (सी.ए.आर.) के द्वारा उन्नत माइक्रोस्कोपी और नैनोस्केल सामग्री लक्षण वर्णन में प्रतिभागियों की तकनीकी विशेषज्ञता को बढ़ाने के लिए ट्रांसमिशन इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप ( टी.ई.एम.) तकनीक पर एक दिवसीय हैंड्स ऑन प्रशिक्षण का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया।
डॉ. विवेक कुमार पांडेय (प्रभारी, सी.ए.आर.) ने केंद्र के संक्षिप्त परिचय के साथ सत्र की शुरुआत की और ऐसे कार्यक्रमों के महत्व के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी । उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सी.ए.आर. में उपलब्ध विभिन्न परिष्कृत उपकरणों पर कार्यशालाओं का आयोजन निरंतर किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को अत्याधुनिक माइक्रोस्कोपी तकनीकों का अनुभव प्रदान करके तकनीकी दक्षता का निर्माण करना और अनुसंधान उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है। व्याख्यान सत्र में मुख्य वक्ता डॉ. योगेश भार्गव रहे। डॉ. भार्गव ने वैज्ञानिक नवाचार और औद्योगिक गुणवत्ता विश्लेषण में इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी के बढ़ते महत्व पर जोर दिया। उन्होंने ने टी.ई.एम. की सैद्धांतिक नींव और व्यावहारिक अनुप्रयोगों दोनों पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे प्रतिभागियों को आधुनिक विश्लेषणात्मक तकनीकों के साथ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने में सक्षम बनाया गया। उनके द्वारा फिजिक्स, केमिस्ट्री, बॉटनी, जूलॉजी, फार्मास्युटिकल साइंस, फॉरेंसिक साइंस, मेडिकल साइंस, बायाटेक्नोलॉजी, जियोलॉजी, मटेरियल साइंस आदि विषयों में रिसर्च के लिए टी.ई.एम. तकनीक की उपयोगिता पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उनके द्वारा सैम्पल तैयार करने के बारे में बहुत ही बुनियादी से लेकर उन्नत स्तर तक जानकारी भी दी गई।
हैंड्स ऑन सत्र टी.ई.एम. उपकरण के हार्डवेयर भाग और इसके सहायक उपकरणों के संक्षिप्त परिचय के साथ शुरू हुआ, जिसमें विभिन्न पृष्ठभूमि से सैम्पल तैयार करने के बारे में बहुत ही बुनियादी से लेकर उन्नत स्तर तक जानकारी दी गई। सैम्पल तैयार करने के लिए प्रतिभागियों को समूहों में विभाजित किया गया। प्रत्येक प्रतिभागी ने सैम्पल तैयार किया और अपने सैम्पल का विश्लेषण किया। प्रतिभागियों को उच्च-रिजॉल्यूशन इमेजिंग, इलेक्ट्रॉन विवर्तन और अत्याधुनिक अनुसंधान और औद्योगिक अनुप्रयोगों में उपयोग की जाने वाली उन्नत विश्लेषणात्मक विधियों से भी परिचित कराया गया। प्रतिभागियों की रुचि के क्षेत्र से संबंधित प्रश्नों पर विचार किया गया एवं उनका उत्तर दिया गया। टी.ई.एम. तकनीक पर संपूर्ण हैंड्स ऑन सत्र सी.ए.आर. तकनीकी टीम के डॉ. विवेक कुमार पांडेय, श्री शिवप्रकाश सोलंकी, श्री सौरभ साह, श्री आशीष चढ़ार, श्री अरविन्द चडार और श्री चंद्रप्रकाश सैनी की तकनीकी देखरेख में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में इंटरैक्टिव व्याख्यान, प्रयोगशाला प्रदर्शन और चर्चा सत्र शामिल थे जो प्रतिभागियों को माइक्रोस्कोपी प्रौद्योगिकियों में व्यावहारिक चुनौतियों और हाल के विकास का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित करते है।











