जनजातीय समाज के सम्मान और आत्मनिर्भरता का राष्ट्रीय संकल्प है “आदि कर्मयोगी अभियान” : प्रदीप लारिया

जनजातीय समाज के सम्मान और आत्मनिर्भरता का राष्ट्रीय संकल्प है “आदि कर्मयोगी अभियान” : प्रदीप लारिया

सागर/25.05.2026:नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मड़ैयागौड़ में सोमवार को आयोजित “आदि कर्मयोगी अभियान” कार्यक्रम में नरयावली विधायक प्रदीप लारिया ने सहभागिता कर जनजातीय समाज के उत्थान, सामाजिक सम्मान और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शासन की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

इस अवसर पर विधायक  लारिया ने कहा कि “आदि कर्मयोगी अभियान” केवल एक शासकीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के सम्मान, स्वाभिमान, अधिकार और समग्र विकास का राष्ट्रीय संकल्प है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा अनुसूचित जनजाति समाज के विकास हेतु निरंतर संवेदनशील एवं दूरदर्शी प्रयास किए जा रहे हैं। वनवासी क्षेत्रों में सड़क, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, कौशल विकास एवं रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य तेजी से हुआ है।

विधायक  लारिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार भी जनजातीय अंचलों में योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार की मंशा है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचे और जनजातीय समाज आत्मनिर्भर एवं सशक्त बने।

उन्होंने कहा कि “आदि कर्मयोगी अभियान” की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि शासन स्वयं जनजातीय बस्तियों तक पहुंचकर समाज के बीच संवाद स्थापित कर रहा है। अभियान के माध्यम से स्थानीय युवाओं को नेतृत्व, सेवा और जागरूकता से जोड़कर ऐसे कर्मयोगी तैयार किए जा रहे हैं जो समाज और शासन के बीच सेतु का कार्य करेंगे।

विधायक  लारिया ने जनजातीय समाज को भारतीय संस्कृति, प्रकृति संरक्षण और श्रमशील जीवन मूल्यों का जीवंत प्रतीक बताते हुए कहा कि आदिवासी समाज का प्रकृति के प्रति सम्मान भारतीय सभ्यता की आत्मा है। इसलिए जनजातीय विकास केवल एक वर्ग का विकास नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का कार्य है।

उन्होंने युवाओं से सामाजिक जागरूकता, शिक्षा, नशामुक्ति, स्वच्छता एवं सामाजिक समरसता के लिए आगे आने का आह्वान किया और कहा कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म तथा कर्म ही सबसे बड़ी पूजा है।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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