कलेक्टर सह अध्यक्ष सागर स्मार्ट सिटी  प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक संपन्न

कलेक्टर सह अध्यक्ष सागर स्मार्ट सिटी  प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक संपन्न
भूमिगत जल व जलस्रोतों को स्वच्छ रखने के लिए सभी नालों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनाएं : कलेक्टर
सागर, 29 मई 2026।
भारत सरकार के स्मार्ट सिटीज मिशन अंतर्गत सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा संचालित पूर्ण एवं प्रगतिरत परियोजनाओं की समीक्षा कलेक्टर सह अध्यक्ष सागर स्मार्ट सिटी  प्रतिभा पाल ने स्मार्ट सिटी कार्यालय में आयोजित बैठक में की। इस दौरान निगमायुक्त सह कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ सागर स्मार्ट सिटी  राजकुमार खत्री सहित इंजीनियर्स, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक से पूर्व कलेक्टर  पाल ने स्मार्ट सिटी कार्यालय स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने ट्रैफिक पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम एवं राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों की मॉनिटरिंग व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहनों की जीपीएस ट्रैकिंग व्यवस्था का परीक्षण करते हुए नगर निगम की अनुबंधित एजेंसी रैमकी के मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर का अवलोकन किया। कलेक्टर ने वाहनों के समय पर निर्धारित क्षेत्रों में पहुंचने एवं कार्य पूर्ण कर लौटने की रिपोर्ट देखी तथा निर्देश दिए कि सभी सेवाएं बेहतर गुणवत्ता एवं समयबद्ध तरीके से संचालित हों।
बैठक में लाखा बंजारा झील कायाकल्प परियोजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि इस ऐतिहासिक झील के सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण कार्य की व्यापक सराहना हो रही है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत झील का कायाकल्प पर्यावरण संरक्षण और भूजल स्तर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने झील में गंदे नालों के प्रवेश को रोकने के लिए किए गए नाला टैपिंग कार्य की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सभी नालों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनाई जाए, ताकि शहर को “जीरो लिक्विड वेस्ट सिटी” बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि उपचारित जल का पुनः उपयोग सुनिश्चित कर जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जाए।
कलेक्टर  पाल ने स्ट्रीट लाइट परियोजना, स्मार्ट रोड कॉरिडोर, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, पार्क एवं प्ले एरिया विकास, आनंदाश्रम, स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम, हेरिटेज साइटों के कायाकल्प, फूड प्लाजा एवं बस टर्मिनल निर्माण जैसी परियोजनाओं की भी समीक्षा की।
उन्होंने निर्देश दिए कि शहर में स्ट्रीट लाइटों के संचालन का समय निर्धारित हो तथा उनकी ऑटोमेटिक मॉनिटरिंग व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए। साथ ही नियमित एनर्जी ऑडिट कर विद्युत बचत का आकलन किया जाए और दिन के समय कहीं भी स्ट्रीट लाइट चालू न रहे, यह सुनिश्चित किया जाए।
स्मार्ट सिटी इंजीनियर्स ने बताया कि स्ट्रीट लाइट परियोजना के तहत लगाए गए इलेक्ट्रिक पैनलों की सॉफ्टवेयर आधारित मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे विद्युत चोरी एवं अपव्यय को नियंत्रित करने में मदद मिली है। अनाधिकृत कनेक्शन की स्थिति में सॉफ्टवेयर के माध्यम से जानकारी प्राप्त होने पर विद्युत विभाग के सहयोग से कार्रवाई की जाती है।

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