
कर्रापुर में गूंजा शौर्य और विकास का महाघोष
(वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापना का भूमिपूजन, 2 करोड़ 8 लाख रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन संपन्न)
(जनसैलाब, शौर्य यात्रा और जयघोषों के बीच कर्रापुर ने रचा इतिहास)
कर्रापुर/17.06.2026; ज्येष्ठ मास की पावन रम्भा तीज, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप एवं बुंदेलखंड केशरी महाराजा छत्रसाल की जन्म जयंती के पावन अवसर पर नगर पंचायत कर्रापुर ने बुधवार को ऐसा ऐतिहासिक दृश्य देखा, जो आने वाले वर्षों तक जनमानस की स्मृतियों में अंकित रहेगा। नरयावली विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया के मुख्य आतिथ्य में आयोजित भव्य समारोह में लगभग 2 करोड़ 8 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण संपन्न हुआ।
सरस्वती शिशु मंदिर से प्रारंभ हुए आयोजन में नगर की गलियां जनसमूह से पट गईं। नगर भ्रमण एवं शौर्य यात्रा में हजारों लोगों की सहभागिता ने कार्यक्रम को जनोत्सव का स्वरूप प्रदान कर दिया। “महाराणा प्रताप अमर रहें”, “भारत माता की जय” और “वीरता हमारी पहचान” के जयघोषों से संपूर्ण कर्रापुर गुंजायमान हो उठा।
महाराणा प्रताप केवल प्रतिमा नहीं, राष्ट्र स्वाभिमान के शाश्वत प्रतीक हैं
(22 लाख रुपये लागत से स्थापित होगी वीर शिरोमणि की भव्य प्रतिमा)
कर्रापुर के मुख्य चौराहे पर शारदा मंदिर के समीप वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापना हेतु लगभग 22 लाख रुपये की लागत से बनने वाली प्रतिमा का विधिवत भूमिपूजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, शस्त्र पूजन एवं वरिष्ठजनों के आशीर्वाद के बीच हुए इस समारोह ने पूरे क्षेत्र में गौरव और आत्मसम्मान का भाव जागृत कर दिया।
महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास का वह तेजस्वी सूर्य हैं, जिन्होंने स्वाधीनता, स्वाभिमान और मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उनकी प्रतिमा केवल पत्थर या धातु की आकृति नहीं होगी, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति, त्याग, संघर्ष और अदम्य साहस की जीवंत प्रेरणा बनेगी।
इस अवसर पर क्षत्रिय समाज की अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिली। आयोजन समिति द्वारा समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान किया गया तथा युवा पीढ़ी को महाराणा प्रताप के आदर्शों से जोड़ने का संदेश दिया गया। मंचीय कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान कर शिक्षा और संस्कारों के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं महापुरुषों के पूजन से हुआ। मंच से वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के जीवन दर्शन, राष्ट्रभक्ति और आत्मसम्मान के मूल्यों को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया।
अपने उद्बोधन में विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन भारतीय संस्कृति की अमर धरोहर है। उनकी प्रतिमा कर्रापुर की पहचान बनेगी तथा युवाओं को राष्ट्र और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराएगी। उन्होंने कहा कि इतिहास केवल पढ़ने की वस्तु नहीं है, बल्कि उससे प्रेरणा लेकर भविष्य का निर्माण करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
विकास के पथ पर तेज गति से बढ़ रहा कर्रापुर
(1 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से मुख्य मार्ग का चौड़ीकरण एवं डिवाइडर निर्माण राष्ट्र को समर्पित)
समारोह के दूसरे प्रमुख आकर्षण के रूप में मुख्य मार्ग से शारदा मंदिर तक 1 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से निर्मित बी.टी. रोड चौड़ीकरण एवं डिवाइडर निर्माण कार्य का लोकार्पण किया गया।
यह मार्ग नगर पंचायत कर्रापुर की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देने के साथ-साथ सौंदर्यीकरण और सुरक्षित आवागमन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने इस विकास कार्य का स्वागत करते हुए इसे नगर के विकास में मील का पत्थर बताया।
लोकार्पण के अवसर पर विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने कहा कि उनका लक्ष्य संपूर्ण नरयावली विधानसभा क्षेत्र को विकास का ध्रुव तारा बनाना है। नगर पंचायत कर्रापुर सहित विधानसभा के प्रत्येक गांव और नगर में अधोसंरचना विकास, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कर्रापुर का समग्र विकास उनकी प्राथमिकता है और क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना उनका संकल्प है। विकास और विरासत के समन्वय से ही सशक्त समाज का निर्माण संभव है।
शौर्य, संस्कार और विकास का अद्भुत संगम बना कर्रापुर
बुधवार का दिन कर्रापुर और नरयावली विधानसभा क्षेत्र के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया। एक ओर जहां महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापना के माध्यम से वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया, वहीं दूसरी ओर करोड़ों रुपये के विकास कार्यों ने क्षेत्र की प्रगति को नई गति प्रदान की।
जनसैलाब, शौर्य यात्रा, दीप प्रज्वलन, शस्त्र पूजन, वरिष्ठजनों का सम्मान, मेधावी विद्यार्थियों का अभिनंदन और विकास कार्यों के लोकार्पण के बीच कर्रापुर ने यह संदेश दिया कि जहां इतिहास का सम्मान होता है, वहीं विकास की नई इबारत भी लिखी जाती है।
वीरता के प्रतीक महाराणा प्रताप और विकास के संकल्प के साथ कर्रापुर ने बुधवार को इतिहास रचा, जिसे आने वाली पीढ़ियां गौरव के साथ स्मरण करेंगी।
इस अवसर पर गोपाल सिंह दरोगा, राजकुमार सिंह राजपूत, प्रभु सिंह राजपूत, देवी सिंह राजपूत, राजा भैया राजपूत, महादेव सिंह, इमरत सिंह, फेरन सिंह, गोविंद सिंह, इन्द्राज सिंह, उमराव सिंह, देवी सिंह, चैन सिंह, अशोक सिंह, ब्लाक अध्यक्ष क्षत्रीय समाज जितेंद्र सिंह, भानूप्रताप सिंह, शैलेन्द्र सिंह, लोकेंद्र सिंह,माधव सिंह, राघवेंद्र सिंह, बलवंत सिंह, कपिल सिंह कुशवाहा, राजेश सिंह राजपूत, रत्नेश सिंह राजपूत, अरविंद घोषी, सोहन लोधी, कलेक्टर सिंह, हेमेंद्र सिंह, शिवराम सिंह, श्रीसिंह, अमित सिंह, हल्के भैया,नंदन परिहार, मृगेंद्र सिंह, निरपत सिंह, उदय सिंह, महेंद्र सिंह, विक्रम सिंह, सुरेंद्र सिंह,जय हिन्द सिंह,रामजी सिंह, वरिष्ठजन एवं श्रेष्ठजन सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजनों की गरिमामय उपस्थिति रहीं।











