
जिला सागर | दिनांक : 02.07.2026
सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत सागर पुलिस ने चलाया व्यापक साइबर जागरूकता अभियान
डीएसपी प्रतिमा जैन ने गर्ल्स डिग्री कॉलेज में छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव के बताए प्रभावी उपाय
सागर। पुलिस मुख्यालय, भोपाल के निर्देशन में संचालित राज्य स्तरीय साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान “सेफ क्लिक 2.0” के अंतर्गत दिवस-9 पर “व्यापारिक प्रतिष्ठान एवं बाजार जागरूकता दिवस” के अवसर पर जिला सागर में विभिन्न स्थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान का उद्देश्य आमजन, विद्यार्थियों एवं व्यापारियों को डिजिटल माध्यम से होने वाले साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करना है।
इसी क्रम में डीएसपी श्रीमती प्रतिमा जैन एवं महिला थाना प्रभारी निरीक्षक संतोषी कनासिया द्वारा गर्ल्स डिग्री कॉलेज, सागर में विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 150 छात्राओं सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में छात्राओं को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट, फर्जी KYC अपडेट, OTP धोखाधड़ी, UPI फ्रॉड, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन स्टॉक/मार्केटिंग एवं निवेश धोखाधड़ी, सोशल मीडिया सुरक्षा, ऑनलाइन यौन शोषण एवं ब्लैकमेलिंग, फर्जी लिंक एवं फिशिंग जैसे साइबर अपराधों के तरीकों एवं उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तार से जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने छात्राओं को बताया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंकिंग जानकारी, पासवर्ड अथवा व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें, सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा www.cybercrime.gov.in पर दर्ज कराएं।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई तथा साइबर सुरक्षा विषयक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। साथ ही महिलाओं एवं युवतियों के विरुद्ध साइबर माध्यम से होने वाले यौन उत्पीड़न, फर्जी प्रोफाइल, मॉर्फिंग, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग एवं अन्य साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी देकर जागरूक किया गया।
वहीं, “व्यापारिक प्रतिष्ठान एवं बाजार जागरूकता दिवस” के अंतर्गत जिले के विभिन्न बाजारों, दुकानों एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर व्यापारियों, दुकानदारों एवं पेट्रोल पंप संचालकों को QR कोड फ्रॉड एवं ऑनलाइन भुगतान सुरक्षा के संबंध में जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति से QR कोड के माध्यम से भुगतान प्राप्त कर उसके बदले नकद राशि न दें, क्योंकि साइबर अपराधी इस प्रकार ठगी की राशि को नकद में परिवर्तित कर मनी ट्रेल समाप्त करने का प्रयास करते हैं, जिससे अनजाने में निर्दोष व्यक्ति भी कानूनी कार्रवाई की जद में आ सकता है।
व्यापारियों को सलाह दी गई कि केवल विश्वसनीय ग्राहकों से ही डिजिटल भुगतान स्वीकार करें, प्रत्येक भुगतान की बैंक खाते में प्राप्ति की पुष्टि करें, फर्जी पेमेंट स्क्रीनशॉट से सतर्क रहें तथा किसी भी संदिग्ध लेन-देन की सूचना तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन या निकटतम पुलिस थाना को दें।
सागर पुलिस आमजन से अपील करती है कि साइबर अपराधियों के झांसे में न आएं, सतर्क रहें, जागरूक रहें और किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में बिना विलंब 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।











