
पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने खुरई में 131 करोड़ के कृषि महाविद्यालय की नींव रखी, गढ़ौला जागीर में 36 करोड़ के सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण किया
संबोधन में कहा कृषि महाविद्यालय और बीना नदी सिंचाई परियोजना का संगम सोने में सुहागा, खुरई की अर्थव्यवस्था समृद्ध होगी
सागर। पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने आज खुरई में 131 करोड़ की लागत से बन रहे स्वः अटल बिहारी वाजपेयी कृषि महाविद्यालय का भूमिपूजन किया। उसके पूर्व खुरई विधानसभा क्षेत्र की बड़ी ग्राम पंचायत गढ़ौला जागीर में 36 करोड़ की लागत से बने सांदीपनि उच्च माध्यमिक विद्यालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरबती गेंहू, कृषि यंत्रों के लिए प्रसिद्ध खुरई की समृद्धि के लिए 2027 में पूर्ण हो रही 5000 करोड़ की लागत वाली बीना सिंचाई परियोजना और यह कृषि महाविद्यालय सोने पर सुहागा साबित होगी। उल्लेखनीय है कि खुरई में पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह के कठिन परिश्रम के बाद खोला गया कृषि महाविद्यालय प्रदेश में पिछले 12 वर्षों में इकलौता कृषि महाविद्यालय है, इसी प्रकार गढ़ौला जागीर में लोकार्पित हुआ सांदीपनि विद्यालय ग्राम पंचायत मुख्यालय पर खोला गया इकलौता सांदीपनि विद्यालय है।
इस अवसर पर अपने संबोधन में पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि 2016-17 में सरकार ने मेरे बहुत आग्रह पर खुरई में कृषि महाविद्यालय स्वीकृत किया था और 2018 में हमारा यह महाविद्यालय प्रारंभ हो गया था। हम सब सौभाग्यशाली हैं की मध्य प्रदेश में पिछले 12 वर्षों में एकमात्र कृषि महाविद्यालय खुरई में बना है इसलिए यह बड़ी उपलब्धि है। हम सबको ध्यान है के बीच में जब 2019 में कुछ समय के लिए कांग्रेस की कमलनाथ सरकार आई थी तो कैसे इस कृषि महाविद्यालय को छिंदवाड़ा ट्रांसफर करने का निर्णय कैबिनेट से हो गया था। पर ईश्वर हमारे साथ था, सवा साल में कमलनाथ जी की सरकार बदली और फिर से अपनी सरकार बनी तो हमने कृषि महाविद्यालय फिर वापस अपने खुरई में स्थानांतरित कराया। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक रिसर्च सेंटर का भी इसमें प्रावधान है जिसके लिए ग्राम सुनैटी में 75 एकड़ शासकीय भूमि आवंटित की गई है। खुरई के इस कृषि महाविद्यालय के सर्वसुविधायुक्त भवन, छात्रावास निर्माण और परिसर के विकास के लिए कुल 131 करोड़ 20 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है तथा सिविल अस्पताल के बाजू में आरक्षित 12 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।
उन्होंने कहा कि कृषि महाविद्यालय वह धुरी है जिस पर हमारे भविष्य की खाद्य सुरक्षा और किसानों की असली समृद्धि टिकी हुई है। कृषि वैज्ञानिक नई तकनीक, उन्नत बीज और बेहतर फसल प्रबंधन के माध्यम से किसानों की लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने में सहायता करते हैं। इससे किसानों की आय में वृद्धि होती है। कृषि महाविद्यालय जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई, वर्षा जल संचयन और मृदा संरक्षण की वैज्ञानिक विधियाँ सिखाते हैं। इससे प्राकृतिक संसाधनों का टिकाऊ उपयोग सुनिश्चित होता है। इन संस्थानों में ऐसी फसल किस्मों पर शोध होता है जो अधिक उत्पादन देने वाली, रोग प्रतिरोधी और जलवायु परिवर्तन के अनुकूल होती हैं। इससे कृषि अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनती है। पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव द्वारा बीना नदी परियोजना हेतु 429 करोड़ रुपये का निवेश यह सिद्ध करता है कि कृषि शिक्षा को सुदृढ़ बुनियादी ढांचे और सिंचाई परियोजनाओं के साथ एकीकृत किया जा रहा है।
इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के कुलगुरु प्रो प्रमोद मिश्रा ने कहा कि यहां कृषि महाविद्यालय खोलने की अनुमति उस समय केबिनेट मंत्री के रूप में भूपेन्द्र सिंह के प्रयासों से विश्वविद्यालय को प्राप्त हुई थी। इसमें प्रथम चरण का महाविद्यालय का भवन और गर्ल्स हॉस्टल का हमने प्रस्ताव रखा है क्योंकि जो छात्राएं हैं उनको रहने में सबसे ज्यादा कठिनाई होती है। जैसे ही कन्या छात्रावास तैयार होगा तो आप सभी छात्र-छात्राएं पूरी संख्या में यहां पर उपस्थित होंगे। 2018 के बाद से 5 बैच यहां से पढ़ कर निकल चुके हैं जिनमें से बहुत से सेवाओं में हैं। कल से हमारा प्रवेश का उत्सव फिर से शुरू हुआ है उनके प्रवेश प्रक्रिया कल से ऑनलाइन शुरू हो चुकी है। यहां सागर जिले के अन्य सभी राज्यों तथा विदेश के छात्र भी बाद में आएंगे।
36 करोड़ की लागत से बना संदीपनि विद्यालय ग्रामीण प्रतिभाओं को देगा नई उड़ान – भूपेन्द्र सिंह
गढ़ौला जागीर में सांदीपनि विद्यालय के भव्य लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व गृहमंत्री एवं वरिष्ठ विधायक भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नए विद्यालय भवन बनाना नहीं, बल्कि ऐसी शैक्षणिक व्यवस्था विकसित करना है, जहां ग्रामीण क्षेत्र का प्रत्येक प्रतिभाशाली छात्र निजी विद्यालयों से भी बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सके। इसी सोच के साथ खुरई विकासखंड के मुख्यालय के बजाय ग्रामीण क्षेत्र में संदीपनि विद्यालय स्थापित कराया गया, ताकि आसपास के 10 से 15 किलोमीटर के दायरे के गांवों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शहरों पर निर्भर न रहना पड़े। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली संदीपनि आश्रम की प्रेरणा से स्थापित किया गया है, जिसका उद्देश्य संस्कार, आधुनिक शिक्षा और उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण का समन्वय करना है। उन्होंने कहा कि ने भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन स्थित संदीपनि आश्रम में गुरु संदीपनि के सान्निध्य में शिक्षा प्राप्त की थी। उसी प्रेरणा से प्रदेश सरकार ने संदीपनि विद्यालयों की अवधारणा विकसित की, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ संस्कारयुक्त शिक्षा मिल सके। प्रारंभिक योजना के अनुसार ऐसे विद्यालय विकासखंड मुख्यालयों पर स्थापित किए जाने थे, लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जहां पहले से अनेक निजी विद्यालय उपलब्ध हैं, वहां की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्र में ऐसा उत्कृष्ट संस्थान स्थापित किया जाए, जिससे गांवों के बच्चों को वास्तविक लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने इस सुझाव को स्वीकार किया और इसका परिणाम आज सभी के सामने है।
उन्होंने कहा कि लगभग 12 एकड़ भूमि में विकसित यह विद्यालय आधुनिक शैक्षणिक अधोसंरचना का उत्कृष्ट उदाहरण है। विद्यालय में जूनियर एवं सीनियर विद्यार्थियों के लिए पृथक शैक्षणिक ब्लॉक बनाए गए हैं। विशाल कक्षाएं, आधुनिक डाइनिंग हॉल, कैंटीन, फिजिक्स, केमिस्ट्री एवं कंप्यूटर लैब, विस्तृत परिसर और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था इसे प्रदेश के अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों की श्रेणी में स्थापित करती है। अब तक लगभग 28 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष कार्य भी तेजी से प्रगति पर हैं। श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि निर्माण के अगले चरण में छात्रावास, अत्याधुनिक खेल मैदान, वॉकिंग ट्रैक, बैडमिंटन कोर्ट, बास्केटबॉल कोर्ट, वॉलीबॉल कोर्ट तथा अन्य खेल सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। उनका उद्देश्य है कि यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों का विकास केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित न रहे, बल्कि खेल, शारीरिक दक्षता, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व विकास के क्षेत्र में भी उन्हें उत्कृष्ट अवसर प्राप्त हों। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शेष निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि इस विद्यालय का पहला परीक्षा परिणाम अत्यंत उत्साहवर्धक रहा है। कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम लगभग 90 प्रतिशत से अधिक रहा तथा अनेक विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट अंक प्राप्त किए। आठ विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री की लैपटॉप योजना का लाभ मिला, जबकि दो विद्यार्थियों को मेधावी छात्र योजना के अंतर्गत स्कूटी प्रदान की गई। यह उपलब्धि विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों की प्रतिबद्धता तथा विद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था का प्रमाण है। भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी विषयों के शिक्षकों के पद भरे जा चुके हैं। डिजिटल शिक्षा की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कंप्यूटर शिक्षकों की नियुक्ति भी की जा रही है, ताकि विद्यार्थी प्रारंभ से ही नई तकनीकों में दक्ष बन सकें। शिक्षा के साथ-साथ खेल, योग, संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी समान महत्व दिया गया है। विद्यालय में संगीत शिक्षकों तथा खेल प्रशिक्षकों के पद स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 1600 विद्यार्थियों की क्षमता वाले इस विद्यालय से आसपास के अनेक गांवों के बच्चों को लाभ मिलेगा।
लोकार्पण समारोह में विद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना, गणेश वंदना, स्वागत नृत्य, बधाई जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी से प्रशंसा पाई। सरपंच प्रतिनिधि शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि 18 जुलाई को गढ़ौला जागीर ग्राम पंचायत में 2100 पौधे रोपे जाएंगे। पूर्व मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने सांदीपनि विद्यालय के स्टाफ और छात्र छात्राओं से विद्यालय के 12 एकड़ परिसर में 18 जुलाई को वृक्षारोपण करने का आग्रह किया। कार्यक्रम में कार्यक्रम में जमना प्रसाद अहिरवार जनपद अध्यक्ष, नन्हीबाई अहिरवार नपा अध्यक्ष, राजेंद्र सिंह जनपद उपाध्यक्ष, राहुल चैधरी नपा उपाध्यक्ष, रविंद्र सिंह मंडल अध्यक्ष, राजपाल सिंह, अविनाश राजपूत, शत्रुघ्न सिंह ठाकुर, रामकुमार कटारे, हेमंत सिंह, मूरत सिंह जितेंद्र सिंह, हरिशंकर कुशवाहा, माधव सिंह सिलौधा, रघुराज सिंह, राघवेंद्र सिंह, सौभाग्य सिंह, प्रीतम सिंह, नरेंद्र द्विवेदी, चंदन सिंह, पुष्पेंद्र, मनोज राय, नीति राज पटेल, प्रबल सिंह ठाकुर, पंडित विशाल अवस्थी, दिलीप सिंह राजपूत, लखन लाल शर्मा, इंद्रराज सिंह राजपूत, वीरेंद्र सिंह ठाकुर, रामभरोसे अवस्थी, चंद्रहास सिंह ठाकुर, रामगुलाम सोनी, रामस्वरूप सोनी, मलखान सिंह राजपूत, राजनारायण दुबे, स्वागतकर्ता – शत्रुघ्न सिंह, लोकेंद्र सिंह, अविनाश सिंह, राजा सिंह, रामकुमार कटारे, जसबीर सिंह, अभिषेक अवस्थी, सचिन, हेमंत, चाहत जैन, विजय सेन, रोहित लोधी, नरेंद्र लोधी, राहुल, माधव, प्रदीप चैरसिया, वकील ठाकुर, मालक बालोप, गंधर्व मासाब उपस्थित रहे।
अटल बिहारी वाजपेयी कृषि महाविद्यालय खुरई के भूमिपूजन कार्यक्रम में प्रोफेसर प्रमोद कुमार मिश्रा कुलगुरु जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर, ए.के. जैन रजिस्ट्रार, रामनिवास महेश्वरी भाजपा नेता, हेमचंद बजाज वरिष्ठ भाजपा नेता, श्रीमती नन्हीबाई न.पा. अध्यक्ष खुरई, जमना प्रसाद अहिरवार, राहुल चैधरी उपाध्यक्ष न.पा. मंडल अध्यक्ष खुरई, रविन्द्र राजपूत नरोदा मंडल अध्यक्ष, डॉ एसआरएस रघुवंशी अधिष्ठाता, एसडीएम मनोज चैरसिया, एसडीओपी प्रवीण अस्थाना, तहसीलदार ऋतु राय, सीएमओ राजेश मेहतेल सहित सभी अधिकारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य जन उपस्थित थे।











