दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बारिश का असर, कई जगह सड़क क्षतिग्रस्त होने की तस्वीरें सामने आईं

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बारिश का असर, कई जगह सड़क क्षतिग्रस्त होने की तस्वीरें सामने आईं

नई दिल्ली/जयपुर/अहमदाबाद। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के बाद सड़क की स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो में कुछ स्थानों पर सड़क की सतह क्षतिग्रस्त, दरारें और गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता और मानसून के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

बताया जा रहा है कि राजस्थान के बूंदी सहित एक्सप्रेस-वे के विभिन्न हिस्सों में बारिश के बाद सड़क को नुकसान पहुंचने की शिकायतें सामने आई हैं। हालांकि, क्षति की वास्तविक स्थिति, उसका कारण और प्रभावित हिस्से की लंबाई का आधिकारिक आकलन संबंधित एजेंसियों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

NHAI की भूमिका पर भी उठे सवाल

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का निर्माण और रखरखाव राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की निगरानी में होता है। बारिश के बाद सामने आई सड़क संबंधी शिकायतों के बीच निर्माण गुणवत्ता, ड्रेनेज व्यवस्था और सड़क की मजबूती को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

यदि किसी निर्माण एजेंसी या अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, फिलहाल किसी भी एजेंसी या अधिकारी पर भ्रष्टाचार अथवा मिलीभगत का आरोप आधिकारिक जांच के निष्कर्ष के बिना प्रमाणित नहीं माना जा सकता।

बारिश ने बढ़ाई सड़क सुरक्षा की चिंता

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की रफ्तार काफी अधिक रहती है। ऐसे में सड़क पर गड्ढे, दरार या पानी भरने जैसी स्थिति वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ा सकती है। इसलिए क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है।

बड़ा सवाल—क्या बारिश से पहले थी पर्याप्त तैयारी?

मानसून की भारी बारिश के बाद सड़क के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचने से यह सवाल जरूर उठ रहा है कि एक्सप्रेस-वे के निर्माण में जल निकासी और बारिश से बचाव के मानकों का कितना प्रभावी तरीके से पालन किया गया।

अब निगाहें संबंधित अधिकारियों की जांच और कार्रवाई पर हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सड़क क्षतिग्रस्त होने के पीछे प्राकृतिक कारण, जल निकासी की समस्या, निर्माण संबंधी कमी या रखरखाव में लापरवाही जिम्मेदार है।

नोट: सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों/वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष मिलने के बाद ही नुकसान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

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