हाईवे जाम कर छात्रों ने जताया विरोध, अतिक्रमण हटने के बाद खत्म हुआ आंदोलन


रसेना स्कूल भवन निर्माण और खेल मैदान को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर सैकड़ों छात्र सड़क पर उतरे
देवरी (सागर)। ग्राम पंचायत रसेना के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने स्कूल भवन निर्माण, खेल मैदान को अतिक्रमण मुक्त कराने, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर सोमवार को महाराजपुर–सहजपुर–केसली हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। करीब दो घंटे तक हाईवे पर आवागमन प्रभावित रहा।
छात्रों का कहना है कि नई स्कूल बिल्डिंग को स्वीकृति मिले करीब एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। वर्तमान में स्कूल का संचालन कृषि विभाग के भवन में किया जा रहा है, जहां विद्यार्थियों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
खेल मैदान और हैंडपंप पर अतिक्रमण का आरोप
विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि स्कूल के लिए निर्धारित खेल परिसर और सरकारी हैंडपंप की भूमि पर स्थानीय निवासी दीपेश बैरागी एवं उनके परिवार द्वारा अतिक्रमण किया गया है। छात्रों के मुताबिक हैंडपंप तक पहुंच नहीं होने के कारण उन्हें पानी के लिए करीब एक किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा था। हालांकि अतिक्रमण से जुड़े आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक जांच के आधार पर ही होगी।
प्रशासन ने पहुंचकर हटाया अतिक्रमण
हाईवे जाम की सूचना के बाद करीब दो घंटे पश्चात नायब तहसीलदार चंद्रभान दीवान और महाराजपुर थाना प्रभारी अजय भदौरिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने स्थल का निरीक्षण कर खेल परिसर और सरकारी हैंडपंप की भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।
नायब तहसीलदार ने बताया कि स्कूल के खेल परिसर एवं हैंडपंप की भूमि पर अतिक्रमण की जानकारी मिली थी, जिसे मौके पर पहुंचकर हटवा दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूल भवन निर्माण का मामला शिक्षा विभाग से संबंधित है।
प्राचार्य ने लगाया धमकी का आरोप
स्कूल के प्राचार्य प्रभात लोधी ने आरोप लगाया कि अतिक्रमण करने वाले परिवार की ओर से उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने और झूठे मामलों में फंसाए जाने की आशंका को देखते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है। इन आरोपों की पुलिस एवं प्रशासनिक स्तर पर जांच आवश्यक है।
पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने अधिकारियों को घेरा
मामले में पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके द्वारा रसेना स्कूल की नई बिल्डिंग स्वीकृत कराई गई थी, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण करीब एक वर्ष बाद भी निर्माण शुरू नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित स्कूल भवन, पेयजल और खेल मैदान जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की मांग की।
अतिक्रमण हटने के बाद छात्रों का आंदोलन समाप्त हो गया, लेकिन नई स्कूल बिल्डिंग का निर्माण अब भी बड़ा सवाल बना हुआ है। विद्यार्थियों और ग्रामीणों की नजर अब शिक्षा विभाग पर है कि भवन निर्माण कब शुरू होता है और स्कूल की मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान कब होता है।

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