
सागर पुलिस कंट्रोल रूम में सेवानिवृत्त हुए दो पुलिस अधिकारियों को दी गई भावभीनी विदाई
दीर्घ एवं सराहनीय सेवाकाल को किया गया स्मरण, पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों ने दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
सागर, दिनांक 31 अगस्त 2026।
सागर पुलिस कंट्रोल रूम में आज जिला पुलिस बल के दो कर्तव्यनिष्ठ एवं समर्पित पुलिस अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने के अवसर पर गरिमामय एवं भावभीनी विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह में उनके दीर्घ सेवाकाल, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन एवं पुलिस विभाग के प्रति समर्पण को स्मरण करते हुए उनके योगदान की सराहना की गई।
समारोह में नगर पुलिस अधीक्षक ललित कश्यप, रक्षित निरीक्षक आशीष तिवारी, यातायात प्रभारी निरीक्षक मोहन सिंह, अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी तथा सेवानिवृत्त हो रहे अधिकारियों के परिजन उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों द्वारा सेवानिवृत्त अधिकारियों को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया तथा उनके स्वस्थ, सुखद, दीर्घायु एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
सेवानिवृत्त होने वाले पुलिस अधिकारियों का सेवा परिचय
- उप निरीक्षक रामनारायण मिश्रा
उप निरीक्षक रामनारायण मिश्रा, पिता स्व. तेजवलीराम मिश्रा, ने पुलिस विभाग में अपनी सेवा यात्रा दिनांक 17 जुलाई 1984 को जिला दमोह में आरक्षक के पद पर भर्ती होकर प्रारंभ की।
आज दीर्घ एवं सराहनीय पुलिस सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए।
- सहायक उप निरीक्षक शेख इरशाद
सहायक उप निरीक्षक शेख इरशाद, पिता हाजी इकरार अली, ने दिनांक 10 जुलाई 1987 को जिला सागर में आरक्षक के पद पर भर्ती होकर पुलिस विभाग में अपनी सेवा प्रारंभ की।
वर्तमान में थाना यातायात सागर में पदस्थ रहते हुए अपनी सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए।
कर्तव्यनिष्ठ सेवाओं को किया गया नमन
विदाई समारोह के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि दोनों सेवानिवृत्त अधिकारियों ने अपने चार दशक से अधिक लंबे सेवाकाल में अनुशासन, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा एवं समर्पण के साथ पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं दीं। उनके अनुभव एवं सेवाभाव ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
पुलिस परिवार की ओर से दोनों अधिकारियों को उनकी दीर्घ एवं सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानपूर्वक विदाई दी गई तथा कामना की गई कि सेवानिवृत्ति के पश्चात उनका जीवन स्वस्थ, सुखमय, शांतिपूर्ण एवं समृद्ध रहे।
समारोह का वातावरण भावुक एवं आत्मीय रहा। सहकर्मियों एवं परिजनों ने दोनों अधिकारियों के साथ बिताए सेवाकाल के अनुभवों को साझा करते हुए उनके आगामी जीवन के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं।











