
सागर, 31 अगस्त 2026। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक कृषि पद्धतियों के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ग्राम तिनसुवा में किसानों के खेतों का भ्रमण किया गया। इस दौरान प्राकृतिक खेती कर रहे किसानों के खेतों में पहुंचकर कृषि गतिविधियों का अवलोकन किया गया तथा किसानों से संवाद कर प्राकृतिक खेती के अनुभव और लाभों की जानकारी ली गई।
भ्रमण के दौरान आत्मा परियोजना के संचालक एम.के. प्रजापति, डॉ. शैलेष पाण्डेय, लोकेंद्र जाटव, विपिन जैन एवं मानव विकास सेवा संघ के संचालक फादर थॉमस फिलिप उपस्थित रहे।
टीम ने किसानों के खेतों में जीवामृत ट्यूब के माध्यम से तैयार किए जा रहे जैव अमृत की प्रक्रिया का अवलोकन किया। किसानों से जैव अमृत तैयार करने की विधि, खेतों में इसके उपयोग और इससे होने वाले लाभों की जानकारी ली गई।
किसानों ने बताया कि प्राकृतिक खेती में जैव अमृत का उपयोग उनके लिए काफी उपयोगी साबित हो रहा है। उन्होंने इस पद्धति को सरल, प्रभावी और लाभकारी बताते हुए प्राकृतिक खेती को आगे बढ़ाने में रुचि व्यक्त की।
मानव विकास सेवा संघ की किसान सहयोगी टीम के परियोजना समन्वयक चंद्रकिशोर नरवरे एवं निलेश पटेल ने खेत भ्रमण और किसानों से संवाद कराने में सहयोग प्रदान किया।











