

सागर, 21 सितंबर 2026।
‘कहानी सेवा की’ के तहत खेती-किसानी में आधुनिक तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में प्रधानमंत्री कुसुम योजना किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। विकासखंड केसली के ग्राम जनकपुर के प्रगतिशील किसान अरविंद लोधी ने योजना के माध्यम से अपने खेत में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर सिंचाई की व्यवस्था को आसान बनाया है।
बिजली और डीजल पर निर्भरता हुई कम
किसान अरविंद लोधी बताते हैं कि पहले खेतों की सिंचाई के लिए बिजली की अनियमित आपूर्ति और महंगे डीजल पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे समय के साथ खेती की लागत भी बढ़ती थी। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित होने के बाद सिंचाई के लिए बिजली और डीजल पर उनकी निर्भरता काफी कम हुई है।
सौर ऊर्जा से संचालित व्यवस्था के कारण अब खेत में जरूरत के अनुसार सिंचाई करना आसान हो गया है। इससे किसान को खेती के काम में सुविधा के साथ ऊर्जा की उपलब्धता को लेकर भी राहत मिली है।
खेत से लेकर घर तक उपयोगी साबित हो रही सौर ऊर्जा
अरविंद लोधी के अनुसार सौर ऊर्जा संयंत्र से प्राप्त बिजली का उपयोग खेती के साथ घरेलू जरूरतों के लिए भी किया जा रहा है। इसके प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं—
सिंचाई हुई आसान: सौर ऊर्जा से मोटर चलाकर फसलों की सिंचाई करना सुविधाजनक हुआ है।
डीजल पर निर्भरता कम: सिंचाई के लिए डीजल की आवश्यकता में कमी आई है।
घरेलू उपयोग: सौर ऊर्जा से प्राप्त बिजली का उपयोग घर के विभिन्न विद्युत उपकरणों के संचालन में किया जा रहा है।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता: सौर ऊर्जा उपलब्ध होने से पारंपरिक बिजली आपूर्ति पर निर्भरता कम हुई है।
अन्नदाता से ऊर्जादाता बनने की ओर किसान
प्रधानमंत्री कुसुम योजना किसानों को कृषि के साथ ऊर्जा के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक पहल के रूप में सामने आई है। अरविंद लोधी का अनुभव बताता है कि सौर ऊर्जा और आधुनिक तकनीक का उपयोग सिंचाई को सुगम बनाने तथा खेती में ऊर्जा संबंधी खर्च और निर्भरता कम करने में सहायक हो सकता है।
जनकपुर क्षेत्र में सौर ऊर्जा के इस प्रयोग से अन्य किसानों में भी आधुनिक कृषि तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने के प्रति रुचि बढ़ रही है। अरविंद लोधी की पहल किसानों को पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के साथ-साथ सौर ऊर्जा के विकल्प का उपयोग करने के लिए प्रेरित कर रही है।







