
डेढ़ साल पुराने प्रकरण में महाराजपुर पुलिस को बड़ी सफलता, अहमदाबाद से नाबालिग बालिका दस्तयाब
तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर गुजरात तक पहुंची पुलिस, सकुशल परिजनों को सौंपा
सागर, 21 सितंबर 2026। नाबालिग बालक-बालिकाओं की सुरक्षा और उनकी सकुशल दस्तयाबी को लेकर सागर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष प्रयासों के तहत महाराजपुर पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। करीब डेढ़ वर्ष पुराने प्रकरण में पुलिस टीम ने लगातार पतासाजी करते हुए तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर गुजरात के अहमदाबाद से नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब किया।
पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देश पर जिले के सभी थाना प्रभारियों को नाबालिग बच्चों से संबंधित लंबित प्रकरणों में गंभीरता से कार्रवाई करते हुए तकनीकी, वैज्ञानिक और मानवीय सूचनाओं का समन्वय कर दस्तयाबी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
22 मार्च 2025 को दर्ज हुआ था प्रकरण
थाना महाराजपुर में अपराध क्रमांक 45/2025, धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। घटना 22 मार्च 2025 की थी। प्रकरण दर्ज होने के बाद से ही पुलिस द्वारा नाबालिग बालिका की तलाश और सकुशल दस्तयाबी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे।
समय बीतने के बावजूद पुलिस ने मामले में प्रयास जारी रखे। संभावित स्थानों, संपर्क सूत्रों और उपलब्ध जानकारियों की लगातार पड़ताल की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर प्रकरण की दोबारा गहन समीक्षा करते हुए उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से नए सिरे से पतासाजी की गई।
तकनीकी साक्ष्यों से अहमदाबाद तक पहुंची पुलिस
पतासाजी के दौरान सामने आए सुरागों और तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों का पुलिस टीम द्वारा विश्लेषण किया गया। इनसे महत्वपूर्ण जानकारी मिलने के बाद महाराजपुर पुलिस की टीम को गुजरात के अहमदाबाद भेजा गया।
अहमदाबाद में पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए नाबालिग बालिका का पता लगाया और उसे सकुशल दस्तयाब कर लिया। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद 21 सितंबर 2026 को बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
बेटी की वापसी से परिजनों में खुशी
लंबे समय से अपनी बेटी की सकुशल वापसी की प्रतीक्षा कर रहे परिजनों ने बालिका के दस्तयाब होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। परिजनों ने महाराजपुर थाना पुलिस और सागर पुलिस का आभार जताते हुए पुलिस टीम को धन्यवाद दिया।
इन पुलिसकर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी अजय प्रताप सिंह, प्रधान आरक्षक अमित थापा, प्रधान आरक्षक वीरेंद्र ठाकुर एवं आरक्षक कंचन की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।
नाबालिगों की दस्तयाबी को लेकर लगातार अभियान
सागर पुलिस के अनुसार नाबालिग बच्चों से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्रवाई की जा रही है। ऐसे मामलों में स्थानीय स्तर से लेकर अन्य राज्यों तक उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ मैदानी पतासाजी, सूचना तंत्र और अन्य राज्यों की पुलिस से समन्वय के माध्यम से लंबित मामलों में भी लगातार दस्तयाबी के प्रयास किए जा रहे हैं।
सागर पुलिस का उद्देश्य नाबालिग बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ उन्हें सकुशल उनके परिवारों तक पहुंचाना है।







