नोडल कॉलेज में हुआ पांच दिवसीय बहुआयामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का भव्य समापन: स्वरोजगार और कौशल विकास से युवाओं को मिली नई दिशा

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प्राचार्य प्रो. सरोज गुप्ता के नेतृत्व में निखरा विद्यार्थियों का हुनर; प्रतिष्ठित लोक गायक रामरतन यादव ने बुंदेली लोकगीत से बांधा समां, विशेषज्ञों ने बताया रोजगारपरक शिक्षा का अनुकरणीय मॉडल

सागर/ पंडित दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य (अग्रणी) महाविद्यालय, सागर में स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ एवं पीएम उषा (PM-USHA) परियोजना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच विभिन्न रोजगारपरक एवं कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों का गरिमामय समारोह के साथ भव्य समापन हुआ। स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना के तहत कैरी बैग निर्माण, ब्यूटी पार्लर कोर्स, व्यक्तित्व विकास एवं रंगमंच तथा पारंपरिक लोक नृत्य और पीएम उषा योजना के अंतर्गत रोजगारपरक पत्रकारिता प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया, जिसमें महाविद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थियों व शोधार्थियों ने सहभागिता कर अपनी कला और हुनर को निखारा। इन प्रशिक्षणों में प्रतिभागियों को डॉ. आशीष द्विवेदी, श्रीमती सलमा खान, बादल, सूरज राज, तुलसीराम एवं शारदा रावत द्वारा व्यावहारिक एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

“बहुआयामी शिक्षा से सृजित होंगे रोजगार के नए अवसर”: प्राचार्य प्रो. सरोज गुप्ता

आयोजित समापन समारोह का विधिवत शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन एवं विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मधुर सरस्वती वंदना से हुआ। इसके उपरांत अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया। स्वागत उद्बोधन देते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. सरोज गुप्ता ने सभी का अभिवादन किया और कहा कि हमारे विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें बहुआयामी शिक्षा और व्यावहारिक हुनर से जोड़ने के उद्देश्य से इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। ये प्रशिक्षण विद्यार्थियों के जीवन में आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी प्रतिभागी इस सीख का भविष्य में पूरा लाभ उठाएंगे।
समारोह के प्रारंभ में प्रशिक्षण के मुख्य उद्देश्यों एवं प्राप्त परिणामों पर स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. प्रतिभा जैन द्वारा विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।

लोक गायक रामरतन यादव के बुंदेली लोकगीत से आह्लादित हुआ सभागार

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रतिष्ठित लोक गायक रामरतन यादव ने महाविद्यालय में निरंतर हो रहे नवाचारों और रोजगारपरक गतिविधियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसका श्रेय प्राचार्य प्रो. सरोज गुप्ता की कार्यशैली को दिया। उन्होंने अपने हास्य एवं आनंद से परिपूर्ण प्रसिद्ध बुंदेली लोकगीत “बाबूलाल बाबूलाल तेल की मिठाई…” की सुरीली प्रस्तुति देकर पूरे आदि गुरु शंकराचार्य सभागार को तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान और आह्लादित कर दिया।
समापन कार्यक्रम में डॉ. आशीष द्विवेदी ने कहा कि शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय द्वारा किए जा रहे यह अभिनव प्रयास पूरे संभाग के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि नियमित शिक्षा के साथ-साथ हुनर और प्रशिक्षण विद्यार्थियों के लिए रोजगार की नई संभावनाओं का सृजन करता है। कार्यक्रम में मशहूर शायर अशोक मिज़ाज, आदर्श दुबे एवं नईम खान की विशिष्ट उपस्थिति तथा डॉ. नीना वैश्य एवं श्रीमती सपना यादव की सारस्वत अतिथि के रूप में गरिमामयी मौजूदगी ने मंच की शोभा बढ़ाई।
कार्यक्रम का अत्यंत सफल एवं कुशल संचालन डॉ. अभिलाषा जैन ने किया तथा अंत में सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों के प्रति औपचारिक आभार प्रदर्शन डॉ. राणा कुंजर सिंह द्वारा व्यक्त किया गया।
महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. संदीप सबलोक ने बताया कि प्राचार्य प्रो. सरोज गुप्ता की कुशल निर्देशन में संपन्न इन कौशल संवर्धन आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में व्यावहारिक दक्षता विकसित कर उन्हें आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है।

इस गरिमामय समापन अवसर पर विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के समन्वयक डॉ. संगीता मुखर्जी, डॉ. शुचिता अग्रवाल, डॉ. अवधेश प्रताप सिंह, श्री सुरेन्द्र यादव, डॉ. कनिष्क तिवारी, श्री प्रमोद सेन, डॉ. शिखा चौबे, डॉ. रश्मि दुबे, डॉ. ऋतु त्रिपाठी सहित महाविद्यालय परिवार के प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
प्राचार्य जी के निर्देशानुसार
भवदीय,
डॉ. संदीप सबलोक
मीडिया प्रभारी

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