
सागर। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर समाधिस्थ आचार्य विद्यासागर जी महाराज एवं वर्तमान आचार्य समय सागर जी महाराज के अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में कुंडलपुर अतिशय क्षेत्र में निबंध लेखन एवं झांकी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। निर्यापक मुनि समता सागर जी महाराज की प्रेरणा से आयोजित इन प्रतियोगिताओं में बच्चों एवं विभिन्न धार्मिक संगठनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
प्रतियोगिताओं के अंतर्गत 21 अक्टूबर को पांच विषयों पर निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें श्री सद्भावना पार्श्वनाथ पाठशाला, बाघराज के बच्चों ने भाग लिया। पाठशाला के संयोजक आलोक जैन, संचालक एवं शिक्षिका रश्मि जैन के मार्गदर्शन में बच्चों ने निबंध लेखन किया। प्रतियोगिता के पुरस्कार दीपावली के बाद प्रदान किए जाएंगे।
झांकियों में दिखी जैन तीर्थों की भव्यता
25 अक्टूबर को आयोजित झांकी प्रतियोगिता में अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन महिला परिषद की सद्भावना शाखा एवं शुभकामना परिवार की सद्भावना शाखा की अध्यक्ष रश्मि जैन ने कुंडलपुर के बड़े बाबा की गगन विहार झांकी प्रस्तुत की। इस झांकी में प्राचीन मंदिर, गगन विहार एवं नवीन मंदिर की भव्यता को दर्शाया गया।
वहीं, श्री सद्भावना पार्श्वनाथ पाठशाला, बाघराज के बच्चों, शिक्षिका, संचालक एवं संयोजक ने भाग्योदय तीर्थ की आकर्षक झांकी प्रस्तुत की। दोनों झांकियों के माध्यम से जैन धर्म की आस्था, तीर्थों की महिमा और धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया गया।
दर्शकों ने की सराहना
आयोजन के दौरान मुनि संघ, निर्णायक मंडल, अन्य झांकी प्रतियोगियों एवं उपस्थित दर्शकों ने दोनों झांकियों की खूब सराहना की। प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों में धार्मिक संस्कारों, रचनात्मकता और जैन संस्कृति के प्रति जागरूकता को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।







