सागर। जिला न्यायालय, परिवार न्यायालय और जिले के सभी तहसील न्यायालयों में शनिवार, 12 दिसंबर 2026 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसमें विभिन्न प्रकार के लंबित न्यायालयीन प्रकरणों और मुकदमा पूर्व विवादों का आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के आधार पर निराकरण किया जाएगा।
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार आयोजित होने वाली इस नेशनल लोक अदालत का आयोजन प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एम.के. शर्मा के मार्गदर्शन में किया जाएगा।
इन मामलों का होगा निराकरण
नेशनल लोक अदालत में आपराधिक शमनीय प्रकरण, परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत चेक बाउंस के मामले, बैंक एवं धन वसूली संबंधी प्रकरण, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावे, श्रम एवं रोजगार विवाद, विद्युत एवं जलकर-बिल संबंधी शमनीय प्रकरण, वैवाहिक विवाद और दीवानी मामलों का निराकरण किया जाएगा।
इसके अलावा मुकदमा पूर्व यानी प्री-लिटिगेशन प्रकरणों में ई-ट्रैफिक चालान, धन वसूली, श्रम विवाद, विद्युत एवं जलकर-बिल संबंधी मामले, दूरसंचार कंपनियों के बकाया लैंडलाइन एवं मोबाइल बिल तथा अन्य पात्र प्रकरणों को भी शामिल किया जाएगा। नियमानुसार विद्युत संबंधी प्री-लिटिगेशन प्रकरणों में छूट का लाभ भी दिया जाएगा।
आमजन से लोक अदालत का लाभ लेने की अपील
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन एवं संबंधित पक्षकारों से अपील की है कि वे अपने विवादों का आपसी सहमति से निराकरण कराने के लिए संबंधित न्यायालय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अथवा तहसील विधिक सेवा समिति से संपर्क करें।
पक्षकारों से कहा गया है कि वे आवश्यक कार्यवाही पूरी कर अपने प्रकरण नेशनल लोक अदालत में प्रस्तुत करें और सुलह-समझौते के माध्यम से विवादों का समाधान कराएं। लोक अदालत के जरिए विवादों का आपसी सहमति से निराकरण कराकर पक्षकार न्यायिक प्रक्रिया को सरल बनाने और अनावश्यक विवादों से राहत पाने का लाभ उठा सकते हैं।
लोकेशन–सागर







