
🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺
|| जय श्री राधे ||
🌺🙏 महर्षि पाराशर पंचांग 🙏🌺
🙏🌺🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌺🙏
ll जय श्री राधे ll
🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺
दिनाँक:-27/10/2026,मंगलवार
प्रतिपदा, कृष्ण पक्ष,
कार्तिक
“””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि—‐— प्रतिपदा 07:00:55 तक
तिथि— द्वितीया 28:06:12 (क्ष य)
पक्ष———————— कृष्ण
नक्षत्र——— भरणी 15:38:17
योग———- सिद्धि 10:52:12
करण——– कौलव 07:00:55
करण——— तैतुल 17:34:50
करण———— गर 28:06:12
वार——————– मंगलवार
माह——————– कार्तिक
चन्द्र राशि——- मेष 21:05:39
चन्द्र राशि—————– वृषभ
सूर्य राशि——————- तुला
रितु———————— हेमंत
आयन—————- दक्षिणायन
संवत्सर—————– पराभव
संवत्सर (उत्तर)—————– रौद्र
शक संवत—————- 1948
कलि संवत————— 5127
वृन्दावन
सूर्योदय————- 06:27:30
सूर्यास्त————– 17:38:12
दिन काल———– 11:10:42
रात्री काल———– 12:49:57
चंद्रोदय————– 18:18:41
चंद्रास्त————– 30:46:43
लग्न—- तुला 9°23′, 189°23′
सूर्य नक्षत्र—————– स्वाति
चन्द्र नक्षत्र—————- भरणी
नक्षत्र पाया—————– स्वर्ण
🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩
ले—- भरणी 10:10:13
लो—- भरणी 15:38:17
अ—- कृत्तिका 21:05:39
ई—- कृत्तिका 26:32:28
💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
सूर्य= तुला 09°30 , स्वाति 1 रू
चन्द्र= मेष 20°30 , अश्विनी , 3 ले
बुध = तुला 26°52 ‘ विशाखा 2 तू
शु क्र= तुला 04°05, चित्रा 4 री
मंगल= कर्क 21°17 आश्लेषा 2 डू
गुरु= कर्क 29°33 आश्लेषा , 4 डो
शनि=मीन 15°10 ‘ उoभाo , 4 ञ
राहू=(व) कुम्भ 02°11 धनिष्ठा , 3 गु
केतु= (व) सिंह 02°11 मघा 1 मा
🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩
राहू काल 14:51 – 16:14 अशुभ
यम घंटा 09:15 – 10:39 अशुभ
गुली काल 12:03 – 13:27 अशुभ
अभिजित 11:41 – 12:25 शुभ
दूर मुहूर्त 08:42 – 09:26 अशुभ
दूर मुहूर्त 22:46 – 23:31 अशुभ
वर्ज्यम 26:32* – 27:59* अशुभ
प्रदोष 17:38 – 20:15. शुभ
🚩ब्रह्म मुहूर्त 28:46* – 29:37* शुभ
💮चोघडिया, दिन
रोग 06:28 – 07:51 अशुभ
उद्वेग 07:51 – 09:15 अशुभ
चर 09:15 10:39 शुभ
लाभ 10:39 – 12:03 शुभ
अमृत 12:03 – 13:27 शुभ
काल 13:27 14:51 अशुभ
शुभ 14:51 – 16:14 शुभ
रोग 16:14 – 17:38 अशुभ
🚩चोघडिया, रात
काल 17:38 19:14 अशुभ
लाभ 19:14 20:51 शुभ
उद्वेग 20:51 – 22:27 अशुभ
शुभ 22:27 – 24:03* शुभ
अमृत 24:03* – 25:39* शुभ
चर 25:39* – 27:16* शुभ
रोग 27:16* – 28:52* अशुभ
काल 28:52* – 30:28* अशुभ
💮होरा, दिन
मंगल 06:28‐ 07:23
सूर्य 07:23 -08:19
शुक्र 08:19- 09:15
बुध 09:15 -10:11
चन्द्र 10:11- 11:07
शनि 11:07- 12:03
बृहस्पति 12:03- 12:59
मंगल 12:59 -13:55
सूर्य 13:55- 14:51
शुक्र 14:51- 15:46
बुध 15:46 -16:42
चन्द्र 16:42- 17:38
🚩होरा, रात
शनि 17:38- 18:42
बृहस्पति 18:42 -19:47
मंगल 19:47- 20:51
सूर्य 20:51 -21:55
शुक्र 21:55- 22:59
बुध 22:59 -24:03
चन्द्र 24:03-25:07
शनि 25:07- 26:12
बृहस्पति 26:12-27:16
मंगल 27:16-28:20
सूर्य 28:20-29:24
शुक्र 29:24-30:28
🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩
तुला > 05:56 से 08:04 तक
वृश्चिक > 08:04 से 10:32 तक
धनु > 10:32 से 12:24 तक
मकर > 12:24 से 14:18 तक
कुम्भ > 14:18 से 15:54 तक
मीन > 15:54 से 17:50 तक
मेष > 17:050 से 18:00 तक
वृषभ > 18:00 से 20:50 तक
मिथुन > 20:0 से 23:02 तक
कर्क > 23:02 से 01:16 तक
सिंह > 01:16 से 03:36 तक
कन्या > 03:36 से 05:50 तक
🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
💮दिशा शूल ज्ञान————- उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं।।
महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त,
राहुणां नित्यनैमित्यके कार्ये,
अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
15 + 1 + 3 + 1 = 19 ÷ 4 = 3 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l
🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
चन्द्र ग्रह मुखहुति
💮 शिव वास,फल एवं परिहार -:
श्रावणेऽधिकमासे च आर्द्रायाञ्च गते रवी।
शिवभेन्दुगते योगे, शुक्ले च व्यतिपातके ।।
हरानङ्गहरीणाञ्च तिथिषु करणे चतुष्पदे ।
सोमवारे शुभे ब्राह्मे प्रदोषाख्येऽभिजित्क्षणे ।।
शिवरात्र्यादि पर्वेषु उत्सवेषु निमित्तके ।
नित्याराधनकाले च शिववासं न चिन्तयेत् ।।
16 + 16 + 5 = 37 ÷ 7 = 2 शेष
गौरी सन्निध्यौ= शुभ कारक
🚩भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮
*सर्वार्थ सिद्धि योग 15:35 से
*द्वितीया क्षय
💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮
अग्निर्देवो द्विजातीनां मुनीनां हृदि दैवतम् ।
प्रतिमा त्वल्पबुध्दीनां सर्वत्र समदर्शिनाम् ।।
।।चाoनीo।।
द्विज अग्नि में भगवान् देखते है.
भक्तो के ह्रदय में परमात्मा का वास होता है.
जो अल्प मति के लोग है वो मूर्ति में भगवान् देखते है.
लेकिन जो व्यापक दृष्टी रखने वाले लोग है, वो यह जानते है की भगवान सर्व व्यापी है.
🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩
गीता -: विश्वरूपदर्शन योग अo-11
इत्यर्जुनं वासुदेवस्तथोक्त्वा
स्वकं रूपं दर्शयामास भूयः।
आश्वासयामास च भीतमेनं
भूत्वा पुनः सौम्यवपुर्महात्मा॥
संजय बोले- वासुदेव भगवान ने अर्जुन के प्रति इस प्रकार कहकर फिर वैसे ही अपने चतुर्भुज रूप को दिखाया और फिर महात्मा श्रीकृष्ण ने सौम्यमूर्ति होकर इस भयभीत अर्जुन को धीरज दिया
॥50॥
💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
🐏मेष
नई योजनाओं पर काम करने के लिए दिन अनुकूल है। व्यापारिक सौदों में बड़ा फायदा हो सकता है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। वित्तीय लाभ मिलने के योग हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, ऊर्जा बनी रहेगी। शिवलिंग पर जल अर्पित करें।
🐂वृषभ
सहकर्मियों का सहयोग कार्य को आसान बनाएगा। व्यापार में नया मोड़ आएगा, लाभ होगा। जीवनसाथी के साथ तालमेल बेहतर होगा। रुका पैसा वापस आ सकता है। सेहत सामान्य रहेगी, ताजगी महसूस करेंगे। चंद्र देव को अर्घ्य दें।
👫मिथुन
आपके काम की दफ्तर में प्रशंसा होगी। व्यावसायिक यात्राओं से फायदा मिलेगा। पारिवारिक माहौल सुखद रहेगा। आय में सुधार की संभावना है। मानसिक शांति मिलेगी, सेहत अच्छी रहेगी। ॐ नमः शिवाय का जप करें।
🦀कर्क
पदोन्नति या नए अधिकार मिल सकते हैं। व्यापार में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे। परिजनों के साथ संबंध प्रगाढ़ होंगे। धन संचय के प्रयास सफल रहेंगे। सेहत उत्तम रहेगी, ऊर्जा महसूस करेंगे। शिवलिंग पर कच्चा दूध चढ़ाएं।
🐅सिंह
आपके फैसले कार्यस्थल पर सराहे जाएंगे। व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। प्रेम जीवन में खुशी और नवीनता रहेगी। आर्थिक पक्ष मजबूत बना रहेगा। शारीरिक रूप से चुस्त रहेंगे। पार्वती जी की पूजा करें।
🙎♀️कन्या
दफ्तर में सजगता और सावधानी से काम लें। व्यापारिक लेन-देन में सतर्कता बरतें। परिजनों के साथ बातचीत में संयम रखें। बजट के अनुसार ही खर्च करें। खान-पान का ध्यान रखें, सेहत सामान्य रहेगी। किसी गरीब को अनाज का दान करें।
⚖️तुला
प्रभाव और दायरा बढ़ने के संकेत हैं। साझेदारी के कारोबार से लाभ होगा। पारिवारिक सुख-सौहार्द बना रहेगा। धन आगमन का मार्ग सुगम होगा। सेहत अच्छी रहेगी, ऊर्जावान महसूस करेंगे। चंद्र मंत्रों का जप करें।
🦂वृश्चिक
विरोधियों पर विजय मिलेगी, काम बनेंगे। व्यापार में मुनाफे के नए स्रोत बनेंगे। परिवार का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा। अचानक धन लाभ होने के योग हैं। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, तनाव से बचें। शिव जी को आंकड़े के फूल चढ़ाएं।
🏹धनु
रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। व्यापार में नए निवेश का मन बना सकते हैं। संतान पक्ष से खुशी का समाचार मिलेगा। आय में वृद्धि के स्पष्ट योग हैं। ताजगी और स्फूर्ति बनी रहेगी। शिव चालीसा का पाठ करें।
🐊मकर
जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, धैर्य रखें। कागजी काम ध्यानपूर्वक निपटाएं। परिवार में मिलकर मसले सुलझाएं। खर्चों पर नियंत्रण रखें। विश्राम करें, थकावट महसूस हो सकती है। शिवलिंग पर काले तिल चढ़ाएं।
🍯कुंभ
बुद्धिमानी से सभी कार्य आसानी से बनेंगे। नए सौदों पर मुहर लग सकती है। मित्रों के साथ समय अच्छा बीतेगा। वित्तीय स्थिति सुदृढ़ होगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, फुर्ती रहेगी। सफेद फूल जल में प्रवाहित करें।
🐟मीन
आपके सुझावों को सराहना मिलेगी। व्यापार में लाभ के मौके बढ़ेंगे। घर में मांगलिक माहौल रहेगा। धन संचय में सफलता मिलेगी। मानसिक शांति और सेहत अच्छी रहेगी। शिव मंदिर में दूध का दान करें।
🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺
आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599







