एक मशीन से शुरू किया कारोबार, आज 30 लोगों को दे रहे रोजगार; योगेश जैन की सफलता की कहानी बनी युवाओं के लिए प्रेरणा
सागर, 30 अक्टूबर 2026।
किसी भी बड़े सपने को साकार करने के लिए मजबूत इच्छाशक्ति, मेहनत और सही दिशा में प्रयास जरूरी हैं। यदि शासन की योजनाओं का सहयोग मिल जाए तो छोटे स्तर से शुरू किया गया कारोबार भी सफलता की बड़ी मिसाल बन सकता है। ऐसी ही प्रेरक कहानी मालथौन के उद्यमी योगेश जैन की है, जिन्होंने एक मशीन से केबल निर्माण का कारोबार शुरू किया और आज अपने उद्योग के माध्यम से 30 लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं।
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान 2026 के अंतर्गत विकासखंड मालथौन में आयोजित खंड स्तरीय शिविर एवं उद्यम संवाद कार्यक्रम में स्थानीय उद्यमियों और शासकीय योजनाओं के सफल हितग्राहियों ने अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान युवाओं को स्वरोजगार अपनाने, उद्योग स्थापित करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
एक मशीन से शुरू हुआ सफर, आज 2.5 करोड़ तक पहुंचा निवेश
कार्यक्रम में उद्यमी योगेश जैन ने अपनी सफलता की कहानी बताते हुए कहा कि उन्होंने देवी अहिल्या बाई होलकर कॉलेज, इंदौर से एमएससी (डायटेटिक्स) की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने अपने गृह क्षेत्र में ही उद्योग स्थापित कर स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का संकल्प लिया।
इसी उद्देश्य से उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत ऋण प्राप्त कर एक मशीन के माध्यम से केबल निर्माण इकाई ‘एवी कैबल्स’ की शुरुआत की। शुरुआती दौर में उनकी इकाई में केवल 5 से 6 लोग काम करते थे, लेकिन निरंतर मेहनत और शासन की योजनाओं के सहयोग से कारोबार का विस्तार होता गया। आज यह उद्योग करीब 2.5 करोड़ रुपये के निवेश स्तर तक पहुंच चुका है और यहां 30 स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है।
पिता की छोटी आटा चक्की को बनाया आधुनिक आटा मिल
कार्यक्रम में सुधांशु जैन ने भी अपनी उद्यम यात्रा साझा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के माध्यम से 10 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कराकर अपने पिता की छोटी आटा चक्की का विस्तार किया और आधुनिक आटा मिल स्थापित की। आज उनकी इकाई से 5 से 6 लोगों को नियमित रोजगार मिल रहा है।
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से युवाओं को मिल रहा अवसर
उद्यम संवाद के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना का उद्देश्य युवाओं को स्वयं का व्यवसाय एवं उद्योग स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।
योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाता है। इसके साथ ही ऋण गारंटी शुल्क की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति शासन द्वारा किए जाने का प्रावधान है। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आठवीं उत्तीर्ण तथा आयु सीमा 18 से 45 वर्ष निर्धारित की गई है।
युवाओं से आगे आने की अपील
कार्यक्रम में अधिकारियों ने युवाओं और नागरिकों से शासन की स्वरोजगार योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने का आह्वान किया।
योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी और मार्गदर्शन के लिए इच्छुक आवेदक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, तिली रोड, सागर में संपर्क कर सकते हैं।
मालथौन का यह उद्यम संवाद इस बात का संदेश दे गया कि रोजगार पाने के साथ-साथ रोजगार देने वाला बनने का सपना भी पूरा किया जा सकता है। जरूरत है तो केवल पहल करने और उपलब्ध अवसरों का सही उपयोग करने की।







