साहस और तत्परता की मिसाल — सागर पुलिस टीम ने बस हादसे में बचाई दर्जनों जानें

साहस और तत्परता की मिसाल — सागर पुलिस टीम ने बस हादसे में बचाई दर्जनों जानें

बस के पीछे चल रहे 2 आरक्षकों की तत्परता एवं त्वरित कार्यवाही बनी मिसाल

बीती रात सागर से इंदौर जा रही यात्री बस, राहतगढ़ थाना अंतर्गत महसुरहाई तिराहे ग्राम बरखेड़ी के पास अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। संयोगवश, बस के ठीक पीछे पुलिस लाइन सागर में पदस्थ आरक्षक अंकित गुरु एवं देवेंद्र रैकवार जा रहे थे। उन्होंने बिना देर किए, अपनी जान की परवाह न करते हुए गाड़ी से डंडा निकालकर बस के कांच तोड़े और यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया।

दोनों आरक्षकों ने तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम सागर के डायल 100 प्रभारी आर.के.एस. चौहान को हादसे की सूचना दी। कंट्रोल रूम द्वारा तुरंत पुलिस अधीक्षक सागर  विकाश कुमार शाहवाल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर  लोकेश कुमार सिंहा को अवगत कराया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल समस्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करते हुए जिला अस्पताल और बीएमसी मेडिकल कॉलेज के स्टाफ को भी तैयार रहने के निर्देश दिए।

कंट्रोल रूम ने साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों, थाना प्रभारी राहतगढ़, सिहोरा चौकी प्रभारी, सागर के रात्रि गश्त अधिकारी, एसडीओपी राहतगढ़ एवं अन्य स्थानों के पुलिस बल को सूचित किया। तत्परता दिखाते हुए तीन डायल 100 वाहन, 108 एंबुलेंस और अन्य पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा।

संयुक्त प्रयास से सभी घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया। विशेष रूप से, बस में फंसे दो गंभीर रूप से घायल यात्रियों को निकालना बेहद कठिन था। एनएचएआई की क्रेन बुलाने की प्रक्रिया जारी थी, लेकिन क्रेन पहुंचने से पहले ही दोनों आरक्षकों ने भीड़ को प्रेरित कर सामूहिक प्रयास से बस को हिलाकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें एक महिला के पैरों में और एक व्यक्ति के हाथ में गंभीर चोटें आईं, परंतु सभी की जान बचाई जा सकी।
जिन यात्रियों को किसी भी तरह की चोट नहीं थी सभी को उनके सामान सहित थाना प्रभारी राहतगढ़ एवं चौकी प्रभारी सिहोरा द्वारा वाहनों की व्यवस्था कर सागर उनके घर तक सुरक्षित छुड़वाया गया

इस घटना में पुलिस कंट्रोल रूम की त्वरित प्रतिक्रिया, वरिष्ठ अधिकारियों का त्वरित मार्गदर्शन, डायल 100 टीम का समय पर पहुंचना, और दोनों आरक्षकों की साहसिक भूमिका अत्यंत सराहनीय रही।

साथ ही, कल रात बस दुर्घटना में मौके पर शीघ्रता से पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में एसडीओपी राहतगढ़ श्री योगेन्द्र सिंह भदौरिया, थाना प्रभारी राहतगढ़ मुकेश सिंह ठाकुर, रात्रि गश्त प्रभारी सागर TI मनीष सिंघल, चौकी प्रभारी राम अवतार धाकड़, ASI भगवानदास अहिरवार, HC राजा दागी, आरक्षक देवेश सिंह सिकरवार, आर. केसलाल मार्को, आर. वैभव शुक्ला, आर. मुनेंद्र तोमर, आर. नीरज राय, आर. हिमान सिंह, डायल 100 पायलट जयदीप राजपूत, प्राइवेट ड्राइवर कमलेश पटवा और सचिन आठिया की भूमिका भी प्रशंसनीय रही।


???? विशेष प्रशंसा:
आरक्षक अंकित गुरु एवं आरक्षक देवेंद्र रैकवार का यह साहसिक कदम न केवल उनकी ड्यूटी के प्रति समर्पण का प्रमाण है, बल्कि मानवता की सच्ची मिसाल भी है।
सागर पुलिस की संयुक्त टीम ने जिस त्वरितता, समन्वय और पेशेवर दक्षता से राहत कार्य किया, वह सभी के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।

Leave a Comment

Read More