विश्वविद्यालय : राजभाषा संवाद से कार्यालयीन कामकाज में हिंदी के प्रयोग को मिलेगा बढ़ावा

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सागर। डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के माननीय कुलपति प्रो. वाय.एस. ठाकुर के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय के केन्द्रीय राजभाषा प्रकोष्ठ द्वारा हिंदी माह– 2026 के अंतर्गत मंगलवार को विश्वविद्यालय के जनसंपर्क कार्यालय में राजभाषा संवाद एवं आंतरिक राजभाषा निरीक्षण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग, राजभाषा संबंधी प्रावधानों के अनुपालन तथा हिंदी में पत्राचार को लेकर जनसम्पर्क कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संवाद किया गया।
इस दौरान प्रभारी राजभाषा अधिकारी श्री संतोष सोहगौरा, संयुक्त कुलसचिव एवं हिंदी माह–2026 के संयोजक ने जनसंपर्क कार्यालय में राजभाषा कार्यान्वयन संबंधी कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यालयीन पत्राचार, टिप्पणियों, पत्रों एवं अन्य अभिलेखों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर जोर दिया। श्री सोहगौरा ने कहा कि राजभाषा निरीक्षण का उद्देश्य केवल औपचारिक रूप से कार्यों की समीक्षा करना नहीं, बल्कि कार्यालयीन कार्यसंस्कृति में हिंदी के सहज और प्रभावी प्रयोग को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि हिंदी में काम करने से प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुगम, स्पष्ट और जनसुलभ बनाया जा सकता है। प्रत्येक कार्यालय में हिंदी के प्रयोग को नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाने के लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे अपने दैनिक कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को प्राथमिकता दें और राजभाषा संबंधी प्रावधानों के अनुरूप कार्य करते हुए हिंदी के प्रगतिशील प्रयोग को आगे बढ़ाएं।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रभारी जनसंपर्क अधिकारी डॉ. विवेक जायसवाल ने कहा कि जनसंपर्क कार्यालय का कार्य सीधे तौर पर विश्वविद्यालय और समाज के बीच संवाद स्थापित करने से जुड़ा है। ऐसे में हिंदी का सरल, सहज और प्रभावी प्रयोग संचार को अधिक व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विश्वविद्यालय की गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए हिंदी में प्रभावी संचार को प्राथमिकता दी जा रही है। इस अवसर पर केन्द्रीय राजभाषा प्रकोष्ठ से श्री अभिषेक सक्सेना एवं श्री विनोद रजक तथा जनसंपर्क कार्यालय से श्री चंदन सिंह लोधी एवं श्री कमल गायरी राउत आदि उपस्थित रहे।
ध्यातव्य है कि विश्वविद्यालय में 01 से 30 सितंबर 2026 तक हिंदी माह–2026 मनाया जा रहा है। इसके तहत विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए विभिन्न हिंदी प्रतियोगिताएं एवं गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में दिनांक 23 सितम्बर, 2026 को विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों हेतु ‘काव्यांजलि एवं स्वरचित रचनापाठ’ का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में सहभागिता हेतु विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यगण गूगल फार्म के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

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