रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों का अनुभव आज भी उपयोगी, नशे के खिलाफ अभियान में ली जा सकती है मदद: भूपेंद्र सिंह

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पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक ने सेवानिवृत्त राजपत्रित पुलिस अधिकारी संघ की वर्कशॉप को किया संबोधित, अनुभवों के उपयोग के लिए व्यवस्थित तंत्र बनाने की बात कही

सागर। सेवानिवृत्त राजपत्रित पुलिस अधिकारियों के अनुभव आज भी समाज और पुलिस व्यवस्था के लिए उपयोगी हैं। उनके अनुभवों का लाभ वर्तमान पुलिस अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ नशे के विरुद्ध अभियान और अन्य सामाजिक सेवा प्रकल्पों में भी लिया जा सकता है। इसके लिए एक व्यवस्थित तंत्र विकसित करने की आवश्यकता है। इस विषय पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा की जाएगी।

यह बात पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने इंटीग्रेटेड सेवानिवृत्त राजपत्रित पुलिस अधिकारी संघ द्वारा आयोजित वर्कशॉप को संबोधित करते हुए कही।

नए पुलिस अधिकारियों को मिलेगा अनुभव का लाभ

भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सेवानिवृत्त राजपत्रित पुलिस अधिकारियों ने अपने सेवाकाल में पदोन्नति के साथ पुलिस विभाग के विभिन्न स्तरों पर काम करते हुए व्यापक अनुभव अर्जित किया है। इन अनुभवों का लाभ नवागत पुलिस अधिकारियों को मिलना चाहिए। इससे उनकी कार्यप्रणाली अधिक दक्ष बनेगी और समाजहित में उनकी रचनात्मक भूमिका को भी मजबूती मिलेगी।

उन्होंने सुझाव दिया कि सेवानिवृत्त अधिकारी जिस जिले में निवास कर रहे हैं, वहां आवश्यकता के अनुसार महीने में एक या अधिक बार वर्तमान पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर अपने अनुभव साझा कर सकते हैं। इससे पुलिस व्यवस्था को मजबूत बनाने और नई चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी।

नशे के खिलाफ अभियान में निभा सकते हैं महत्वपूर्ण भूमिका

पूर्व गृहमंत्री ने कहा कि नशा आज समाज के सामने एक बड़ी चुनौती है। इसकी प्रभावी रोकथाम के लिए सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों का अनुभव, उनकी जानकारी और कार्यक्षेत्र की समझ महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इसके अलावा कई ऐसे सामाजिक सेवा प्रकल्प हैं, जिनमें ये अधिकारी अपनी सक्रिय भागीदारी से समाज को लाभ पहुंचा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद सेवा नियमों के कारण अधिकारियों की भूमिका बदल सकती है, लेकिन उनकी सामाजिक सक्रियता बनी रहनी चाहिए। भूपेंद्र सिंह ने अपने द्वारा संचालित सेवा प्रकल्पों में मार्गदर्शन के लिए सेवानिवृत्त अधिकारियों को समय-समय पर आमंत्रित करने की बात भी कही।

100 से अधिक सक्रिय सदस्य संघ से जुड़े

भूपेंद्र सिंह ने कहा कि महाकौशल, विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र के सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों को एकजुट और सक्रिय रखने के उद्देश्य से संघ की शुरुआत की गई है। इसके लिए सभी पदाधिकारी और सदस्य बधाई के पात्र हैं। अधिकारियों के बीच इस तरह का मेलजोल प्रदेश और समाज के हित में महत्वपूर्ण सुझाव सामने लाने का माध्यम बन सकता है।

उन्होंने अपने गृहमंत्री कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि वे इनमें से अधिकांश अधिकारियों के कार्यों और उपलब्धियों से परिचित हैं। इन अधिकारियों ने अपने सेवाकाल में समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसका लाभ सेवानिवृत्ति के बाद भी लिया जा सकता है।

संघ के अध्यक्ष एवं डीआईजी एमएस वर्मा ने कहा कि सभी सदस्य अपने सार्वजनिक जीवन में उत्कृष्ट पुलिस अधिकारी रहे हैं। उन्होंने समाज को सेवा, त्याग और प्रेम दिया है। यदि सेवानिवृत्त अधिकारियों की समाज में कोई रचनात्मक भूमिका हो सकती है, तो वे उसके लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि संघ के 100 से अधिक सक्रिय सदस्य बन चुके हैं। सेवानिवृत्ति के बाद जीवन एकाकीपन, उपेक्षा और रिक्तता से भरा होने के बजाय सक्रिय एवं आनंदपूर्ण होना चाहिए। संघ इसी भावना के साथ अधिकारियों को एक मंच पर लाने का प्रयास कर रहा है।

वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित

कार्यक्रम में पूर्व सांसद राजबहादुर सिंह, आईटीआई मिथलेश शुक्ला, डीआईजी एमएस वर्मा, डीआईजी तिलक सिंह, एडीएसपी तिलक सिंह, एडीएसपी राजेश तिवारी, एसपी गोपाल खंडेल, एडीएसपी सुरेंद्र सिंह, एडीएसपी मनोज वर्मा सहित बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त राजपत्रित पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का आभार सेवानिवृत्त डीएसपी वीरेंद्र बहादुर सिंह ने व्यक्त किया, जबकि संचालन सेवानिवृत्त डीएसपी राकेश पांडे ने किया।

लोकेशन – सागर

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