
संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन लाइबेरिया में निभा चुके हैं महत्वपूर्ण जिम्मेदारी, लोकायुक्त में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई से लेकर नक्सल गतिविधियों की निगरानी तक रहा अनुभव
सागर। जिले में पुलिस प्रशासन को नया नेतृत्व मिल गया है। आईपीएस अधिकारी संजीव सिंहा ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को सागर जिले के पुलिस अधीक्षक के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया। इससे पहले वे 14वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल (SAF), ग्वालियर में सेनानी के पद पर पदस्थ थे और पुलिस अधीक्षक ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे।
संजीव सिंहा का पुलिस सेवा में तीन दशक से अधिक का अनुभव रहा है। उन्होंने 1 जुलाई 1996 को मध्यप्रदेश राज्य पुलिस सेवा में उप पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी सेवाएं शुरू की थीं। वर्ष 2016 में उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में पदोन्नति मिली। अपने लंबे सेवाकाल में उन्होंने प्रदेश के कई जिलों और महत्वपूर्ण पुलिस इकाइयों में काम करते हुए कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, नक्सल गतिविधियों की निगरानी और भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई में जिम्मेदारियां निभाई हैं।
कई जिलों में संभालीं महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
संजीव सिंहा ने उज्जैन, इंदौर, होशंगाबाद, बिलासपुर, अलीराजपुर, मंडला, सिंगरौली, धार, डिंडोरी और गुना सहित विभिन्न स्थानों पर सेवाएं दी हैं। अलीराजपुर में गोधरा की घटना के बाद उत्पन्न सांप्रदायिक तनावपूर्ण परिस्थितियों में शांति और सौहार्द बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। नर्मदा बचाओ आंदोलन के दौरान भी उन्होंने कानून-व्यवस्था के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली।
मंडला में पदस्थापना के दौरान कान्हा राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में वन्यजीवों के अवैध शिकार की रोकथाम के लिए WWF के साथ समन्वय किया। इसके अलावा मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियों की निगरानी में भी योगदान दिया।
संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में निभाई अंतरराष्ट्रीय भूमिका
उनके सेवाकाल का एक महत्वपूर्ण अनुभव संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के अंतर्गत लाइबेरिया में रहा। यहां डिप्टी ऑपरेशंस कोऑर्डिनेटर के रूप में उन्होंने 29 में से 19 संयुक्त राष्ट्र पुलिस स्टेशनों और 200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय पुलिस अधिकारियों के कार्यों के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी संभाली। लाइबेरिया की राष्ट्रीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समन्वय कर आधुनिक पुलिसिंग पद्धतियों को लागू करने में भी योगदान दिया। उनके कार्यों की संयुक्त राष्ट्र पुलिस प्रमुख ने सराहना की थी।
लोकायुक्त में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई
मार्च 2017 से मई 2022 तक विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त संगठन में पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कई महत्वपूर्ण मामलों में कार्रवाई और अनुसंधान का नेतृत्व किया। इनमें सतना नगर निगम आयुक्त से संबंधित 12 लाख रुपये की रिश्वत का ट्रैप प्रकरण भी शामिल रहा।
गुना में पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थापना के दौरान हनुमान टेकरी डकैती मामले में पुलिस टीम का नेतृत्व करते हुए 12 किलोग्राम चांदी की बरामदगी में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कानून-व्यवस्था की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में किया नेतृत्व
सिंगरौली में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थ रहते हुए तीन दिवसीय कर्फ्यू की स्थिति में पुलिस बल का नेतृत्व किया और शासकीय संपत्ति को न्यूनतम नुकसान पहुंचने देने के लिए प्रयास किए। क्षेत्र में कबाड़, कोयला और डीजल चोरी जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई की। राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (SISF) की द्वितीय वाहिनी के प्रथम सेनानी के रूप में नई वाहिनी की स्थापना में भी योगदान दिया।
धार में भोजशाला क्षेत्र में रंगपंचमी के आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए विभिन्न धार्मिक समूहों के साथ संवाद और समन्वय स्थापित किया। वर्ष 2016 में उज्जैन सिंहस्थ मेले के दौरान उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा सिंहस्थ ज्योति पदक से सम्मानित किया गया।
सागर में अपराध नियंत्रण और जनोन्मुखी पुलिसिंग पर रहेगा फोकस
पुलिस अधीक्षक के रूप में नई जिम्मेदारी संभालने के बाद संजीव सिंहा के सामने जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने, अपराधों की रोकथाम, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित निराकरण प्रमुख प्राथमिकताएं रहेंगी।
उनके अनुभव का उपयोग जिले में पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाने में किस तरह होता है, इस पर अब सागरवासियों की नजर रहेगी।
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