
दिनांक 09/12/2025
चौकी मंडीबामोरा थाना आगासौद
जिला सागर
17 वर्ष बाद गुम हुई नाबालिग बालिका सकुशल दस्तयाब — इंस्टाग्राम रील बनी मिलन का माध्यम
पुलिस की संवेदनशीलता से रो पड़ा पूरा परिवार— बचपन में गुम हुई बेटी सकुशल मिली
थाना बीना एवं चौकी मंडीबामोरा पुलिस की सराहनीय एवं भावनात्मक कार्यवाही
दिनांक 11.02.2008 को चौकी मंडी बामोरा क्षेत्र से 10 वर्षीय नाबालिग बालिका के गुम होने पर परिजन की रिपोर्ट पर गुम इंसान कायम किया गया था। बाद में माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार गुमशुदा नाबालिगों के प्रकरण में अपराध दर्ज किए जाने के निर्देश के पालन में थाना बीना में अपराध क्र. 516/2014 धारा 363 IPC पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
मार्मिक घटना का संक्षिप्त विवरण
साल 2008 में यह बच्ची किसी तरह ट्रेन में बैठकर अहमदाबाद पहुंच गई, जहाँ कुछ सामाजिक संवेदनशील लोगों को वह मिली, जिन्होंने वर्षो तक उसे सुरक्षित रखकर पाला-पोसा और शिक्षा दी। बच्ची अपने नाना-नानी (भोपाल) का स्थान बता पाती थी, इसलिए वे लोग उसे भोपाल भी लेकर पहुँचे, परंतु सटीक पता न मिलने के कारण परिवार का मिलान नहीं हो पाया।
कई वर्षों बाद, अब बालिग हो चुकी बालिका ने इंस्टाग्राम पर रील देखते समय एक वीडियो में मंडीबामोरा रेलवे स्टेशन का बोर्ड देखा, जिसे देखकर उसकी पुरानी यादें ताज़ा हो गईं। उसने यह बात अपने पति को बताई और दोनों ने मंडीबामोरा पुलिस चौकी से संपर्क किया।
चौकी प्रभारी एवं स्टाफ ने इस संवेदनशील मामले को अत्यधिक गंभीरता से लेते हुए बच्ची और उसके पति को मंडीबामोरा बुलाया व परिवार की खोज कर उन्हें चौकी पर बुलाया। इस दौरान बच्ची अपने माता-पिता को पहचान नहीं पाई, किंतु पिता ने बेटी को देखते ही उसके माथे पर पुराने चोट के निशान के आधार पर पहचान लिया।
यह मिलन का क्षण अत्यंत भावुक और मार्मिक रहा—सभी की आँखें नम हो गईं और परिवारजन व उपस्थित लोग रो पड़े। परिवार ने पुलिस प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके जीवन का सबसे बड़ा सुखद क्षण है।
इस उल्लेखनीय कार्य में विशेष भूमिका
एस डी ओ पी बीना श्री नीतेश पटेल के निर्देशन में
उप निरीक्षक प्रदीप कुमार
उप निरीक्षक निशांत भगत
प्रधान आरक्षक 230 सुशील सिंह चौहान
आरक्षक 1667 रवि भदौरिया
आरक्षक 1062 रोहित
आरक्षक 1563 गजेन्द्र
प्रधान आरक्षक चालक 845 बनवारी लाल पटेल
महिला आरक्षक 1775 निधि पटेल
पुलिस की संवेदनशीलता और सतर्कता का उत्कृष्ट उदाहरण
यह कार्यवाही पुलिस की मानवता, संवेदनशीलता एवं कर्तव्यपरायणता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिससे यह सिद्ध होता है कि परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों, आशा का दीप कभी नहीं बुझता।
जिला सागर पुलिस निरंतर समाज में सुरक्षा, विश्वास एवं सेवा की भावना को मजबूत बनाने हेतु प्रतिबद्ध है।











