सागर में साध्वी प्रज्ञा का बयान: मुगल काल से शुरू हुआ किन्नरों का धर्मांतरण, प्रशासन से की कठोर कार्रवाई की मांग

सागर में पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा का बयान, किन्नर जिहाद मामले पर कहा, मुगल काल से शुरू हुआ भारत में किन्नरों का धर्मांतरण
मुगलों ने किन्नरों का किया चरित्र हनन , समझा भोग की वस्तु

सागर। सागर में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में शामिल होने पहुंचीं पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने जिले में चल रहे कथित “किन्नर जिहाद” मामले को लेकर बयान दिया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि किन्नर सनातन धर्म में पूजनीय माने जाते हैं और हिंदू परंपरा में उनका विशेष स्थान रहा है। उन्होंने कहा कि शुभ अवसरों पर किन्नरों को सम्मान देने की परंपरा रही है, जो सनातन संस्कृति की पहचान है।
पूर्व सांसद ने अपने वक्तव्य में कहा कि मुस्लिम काल के आगमन के बाद किन्नर समाज पर अत्याचार शुरू हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुगलों के समय किन्नरों को भोग की वस्तु के रूप में देखा गया और उसी दौर में उनका धर्मांतरण शुरू किया गया। साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि मुगल काल में ही किन्नरों की सबसे अधिक दुर्गति हुई और उनके चरित्र का हनन किया गया।
साध्वी प्रज्ञा ने यह भी दावा किया कि वर्तमान समय में ब्राह्मण और बनिया समाज के बच्चों को मुस्लिम बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर विषय है और समाज को इसे लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जो लोग किन्नरों का जबरन धर्मांतरण कर रहे हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
उल्लेखनीय है कि सागर का कथित किन्नर जिहाद मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं, यह प्रकरण राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के संज्ञान में भी आया है। आयोग द्वारा मामले की जांच कराई जा रही है और संबंधित पक्षों से रिपोर्ट तलब की गई है।
विराट हिंदू सम्मेलन में बड़ी संख्या में साधु-संत, सामाजिक संगठन और हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे। सम्मेलन के दौरान धर्म, संस्कृति और सामाजिक मुद्दों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे और सनातन परंपराओं की रक्षा पर जोर दिया।

Byte: साध्वी प्रज्ञा सिंह

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