
जैसीनगर। कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत विकासखंड जैसीनगर में विभागीय खंड स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में ई-विकास प्रणाली, धरती माता बचाओ अभियान, नरवाई प्रबंधन, सॉइल हेल्थ कार्ड एवं विभागीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार और सफल क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में जनपद अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह, जिला किसान मोर्चा संघ अध्यक्ष धीरज सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष हरनाम सिंह राजपूत, कृषि स्थाई समिति सभापति सौरभ शुक्ला, किसान श्रमिक जनशक्ति यूनियन प्रदेश अध्यक्ष संदीप ठाकुर, जनपद सदस्य रामाधार सिंह, किसान मोर्चा उपाध्यक्ष रघुवीर सिंह (बरौंदा सागर) सहित जनपद सदस्य एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इसके साथ ही जिला सहकारी बैंक प्रबंधक, मार्कफेड जैसीनगर, उर्वरक सहकारी समितियों (जैसीनगर, रिछई, हीरापुर, सहजपुरी बुजुर्ग), उर्वरक-बीज एवं कीटनाशक विक्रेता, एफपीओ सोया समृद्धि जैसीनगर तथा लगभग 100 कृषक बैठक में शामिल हुए। उन्नतशील कृषकों में अंकित गौतम अगरिया, हरप्रसाद पटेल (कंकरकुइयां), देवेंद्र पांडे (बरखेड़ा जागीर), चतुर्भुज कुर्मी (करहद), उत्तम सिंह लोधी (शोभापुर), सुरेंद्र सिंह (मिडवासा) एवं हरिनारायण कुर्मी (तोड़ा तरफदार) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
नरवाई जलाने पर सख्ती
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी जैसीनगर एस.के. जैन ने कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट सागर के निर्देशानुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत गेहूं एवं अन्य फसलों के डंठलों में आग लगाने पर प्रतिबंध की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बिना स्ट्रा रीपर/स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम के कंबाइन हार्वेस्टर चलाने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पर्यावरण क्षतिपूर्ति अर्थदंड प्रावधान (Prevention and Control of Pollution Act 1981 के अंतर्गत):
2 एकड़ से कम भूमि: ₹2500
5 एकड़ से कम भूमि: ₹5000
5 एकड़ से अधिक भूमि: ₹15000 प्रति घटना
बैठक में भूसा मैनेजमेंट सिस्टम, स्ट्रा रीपर, सुपर सीडर, प्राकृतिक खेती एवं “धरती माता बचाओ अभियान” पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही सॉइल हेल्थ कार्ड के महत्व और उपयोगिता पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में कृषि विस्तार अधिकारी रंजीत सिंह ठाकुर, दीपक कुमार ओसारी, अखिलेश पाटीदार, सुनील मुकाती, सत्येंद्र सिंह मौर्य, कमलेश कुर्मी, लैब टेक्नीशियन अनुज मिश्रा सहित कृषि विभाग का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
कुल मिलाकर बैठक में किसानों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया











