बिना चीरा, बेहतर इलाज: आईएमए सागर में इंटरवेंशनल रेडियोलोजी पर उच्चस्तरीय सेमिनार

बिना चीरा, बेहतर इलाज: आईएमए सागर में इंटरवेंशनल रेडियोलोजी पर उच्चस्तरीय सेमिनार

सागर 28 फ़रवरी – इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की सागर शाखा ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय सेमिनार का आयोजन किया, जिसका पूरा फोकस इंटरवेंशनल रेडियोलोजी के ज़रिए विभिन्न प्रकार के बीमारियों का बिना बड़े चीरा लगाए इलाज के मामलों को गहराई से समझने और उनके सबसे प्रभावी, आधुनिक उपचार के तरीकों पर केंद्रित था।
इस विशेषज्ञ सत्र के मुख्य वक्ता के रूप में भोपाल के जाने-माने इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट विशेषज्ञ डॉ. अगम्य सक्सेना और डॉ श्रेया ठाकुर ने शिरकत की। उन्होंने अत्यंत रोचक और व्यवस्थित ढंग से विभिन्न प्रकार के इंटरवेंशनल रेडियोलोजी द्वारा विभिन्न बीमारियों के वास्तविक केस प्रस्तुत किए। उन्होंने कई जटिल और चुनौतीपूर्ण मरीजों के केस स्टडीज के माध्यम से बहुत ही स्पष्टता के साथ बताया कि:

  • शुरुआती निदान में आने वाली मुख्य दिक्कतें क्या होती हैं
  • सही समय पर सही जांच कैसे करनी चाहिए
  • आज के आधुनिक उपचार विकल्प कौन-कौन से उपलब्ध हैं
  • इन उपचारों से कितने प्रतिशत मरीजों को बहुत अच्छे परिणाम मिल रहे हैं
    उनकी प्रस्तुति और केस-आधारित चर्चा इतनी प्रभावशाली थी कि उपस्थित सभी चिकित्सकों को बेहद उपयोगी और व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई।
    सत्र की अध्यक्षता सागर के वरिष्ठ एवं सम्मानित चिकित्सकों डॉ.रीता जैन और डॉ. पुण्य प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से की। दोनों ने अत्यंत कुशलता से सत्र का संचालन किया, समय का बेहतरीन प्रबंधन किया तथा चर्चा के दौरान आने वाले महत्वपूर्ण सवालों पर भी अपने अनुभवपूर्ण विचार रखे।
    कार्यक्रम की शोभा बढ़ाते हुए मुख्य अतिथि के रूप में डॉ.मिथलेश चौबे उपस्थित रहे। उनकी गरिमामय और प्रेरणादायक उपस्थिति ने पूरे आयोजन को और अधिक प्रतिष्ठा प्रदान की।
    आईएमए, सागर के अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने बताया के इंटरवेंशनल रेडियोलोजी द्वारा विभिन्न प्रकार के रोगों का इलाज पर इस प्रकार की विस्तृत, केस-आधारित चर्चा स्थानीय चिकित्सकों के लिए एक नई खिड़की खोलती है। इससे प्रारंभिक एवं सटीक निदान की क्षमता बढ़ती है, उपचार में विलंब कम होता है और अंततः मरीजों को अधिक प्रभावी, समयबद्ध एवं जीवन-रक्षक उपचार मिल पाता है। ऐसे शैक्षणिक आयोजन चिकित्सा जगत में निरंतर सीखने, अपडेट रहने और बेहतर बनने की प्रक्रिया को सशक्त बनाते हैं।
    डॉ. तल्हा साद ने सभी को बधाई देते हुए बताया के इस सत्र में मात्र दो महीने से भी कम समय में 102 नए सदस्य जोड़े जा चुके हैं जो के संघठन को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा .
    सेमिनार में सागर तथा आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में चिकित्सकों ने उत्साह एवं सक्रियता के साथ भाग लिया। डॉक्टरों ने विभिन्न केसों पर गहन प्रश्नोत्तरी की, अपने क्लिनिकल अनुभव साझा किए और एक-दूसरे से सीखा, जिसके कारण पूरा सत्र अत्यधिक इंटरैक्टिव, ज्ञानवर्धक एवं व्यावहारिक बना रहा।मंच संचालन आईएमए सचिव डॉ रोशी जैन ने किया.
    आईएमए सागर शाखा ऐसे ही निरंतर, उच्च-स्तरीय शैक्षणिक एवं व्यावहारिक सेमिनारों के माध्यम से चिकित्सकों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने तथा सागर एवं आसपास के मरीजों को बेहतर, आधुनिक एवं संवेदनशील चिकित्सा उपलब्ध कराने की दिशा में समर्पित प्रयास कर रही है।

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