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|| जय श्री राधे ||
🌺🙏 महर्षि पाराशर पंचांग 🙏🌺
🙏🌺🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌺🙏
ll जय श्री राधे ll
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दिनाँक:-31/03/2026,मंगलवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष,
चैत्र
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि——– त्रयोदशी 06:55:20 तक
पक्ष———————— शुक्ल
नक्षत्र— पूर्वा फाल्गुनी 15:19:54
योग————- गण्ड 15:40:22
करण———–तैतुल 06:55:20
करण————- गर 18:57:25
वार——————– मंगलवार
माह————————- चैत्र
चन्द्र राशि—— सिंह 21:31:47
चन्द्र राशि ——————– कन्या
सूर्य राशि ———————— मीन
रितु————————– वसंत
आयन——————- उत्तरायण
संवत्सर——————– पराभव
संवत्सर (उत्तर)——————- रौद्र
विक्रम संवत—————- 2083
गुजराती संवत————– 2082
शक संवत—————— 1948
कलि संवत—————– 5127
वृन्दावन
सूर्योदय————— 06:12:18
सूर्यास्त————— 18:34:48
दिन काल————- 12:22:30
रात्री काल————- 11:36:23
चंद्रोदय————— 17:07:30
चंद्रास्त—————- 29:31:18
लग्न—- मीन 16°6′ , 346°6′
सूर्य नक्षत्र———- उत्तराभाद्रपदा
चन्द्र नक्षत्र———– पूर्वा फाल्गुनी
नक्षत्र पाया——————- रजत
🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩
टी—- पूर्वा फाल्गुनी 09:09:29
टू—- पूर्वा फाल्गुनी 15:19:54
टे—- उत्तरा फाल्गुनी 21:31:47
टो—- उत्तरा फाल्गुनी 27:45:10
💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
सूर्य= मीन 16°12 , उoफाo 4 ञ
चन्द्र= सिंह 12°30 , पूoफाo 3 टी
बुध = कुम्भ 18°52 ‘ शतभिषा 4 सू
शु क्र= मेष 06°05, अश्विनी 2 चे
मंगल= कुम्भ 28°03 पूo भाo 3 दा
गुरु= मिथुन 21°33 पुनर्वसु, 1 के
शनि=मीन 11°13 ‘ उoभा o , 3 झ
राहू=(व) कुम्भ 13°18 शतभिषा, 3 सी
केतु= (व) सिंह 13°18 पूoफाo 1 मो
🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩
राहू काल 15:29 – 17:02 अशुभ
यम घंटा 09:18 – 10:51 अशुभ
गुली काल 12:24 – 13:56 अशुभ
अभिजित 11:59 – 12:48 शुभ
दूर मुहूर्त 08:41 – 09:30 अशुभ
दूर मुहूर्त 23:14 – 24:03* अशुभ
वर्ज्यम 22:46 – 24:26* अशुभ
प्रदोष 18:35 – 20:56 शुभ
💮चोघडिया, दिन
रोग 06:12 – 07:45 अशुभ
उद्वेग 07:45 – 09:18 अशुभ
चर 09:18 10:51 शुभ
लाभ 10:51 12:24 शुभ
अमृत 12:24 – 13:56 शुभ
काल 13:56 15:29 अशुभ
शुभ 15:29 – 17:02 शुभ
रोग 17:02 – 18:35 अशुभ
🚩चोघडिया, रात
काल 18:35 20:02 अशुभ
लाभ 20:02 21:29 शुभ
उद्वेग 21:29 – 22:56 अशुभ
शुभ 22:56 – 24:23* शुभ
अमृत 24:23* – 25:50* शुभ
चर 25:50– 27:17 शुभ
रोग 27:17* – 28:44* अशुभ
काल 28:4430:11 अशुभ
💮होरा, दिन
मंगल 06:12- 07:14
सूर्य 07:14- 08:16
शुक्र 08:16- 09:18
बुध 09:18- 10:20
चन्द्र 10:20- 11:22
शनि 11:22 -12:24
बृहस्पति 12:24 -13:25
मंगल 13:25- 14:27
सूर्य 14:27- 15:29
शुक्र 15:29- 16:31
बुध 16:31 -17:33
चन्द्र 17:33 -18:35
🚩होरा, रात
शनि 18:35- 19:33
बृहस्पति 19:33- 20:31
मंगल 20:31- 21:29
सूर्य 21:29- 22:27
शुक्र 22:27- 23:25
बुध 23:25- 24:23
चन्द्र 24:23-25:21
शनि 25:21 -26:19
बृहस्पति 26:19-27:17
मंगल 27:17-28:15
सूर्य 28:15-29:13
शुक्र 29:13-30:11
🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩
मीन > 05:36 से 07:02 तक
मेष > 07:02 से 08:38 तक
वृषभ > 08:38 से 10:38 तक
मिथुन > 10:38 से 14:02 तक
कर्क > 14:02 से 15:12 तक
सिंह > 15:12 से 18:18 तक
कन्या > 18:18 से 19:38 तक
तुला > 19:38 से 22:00 तक
वृश्चिक > 22:00 से 00:06 तक
धनु > 00:06 से 02:00 तक
मकर > 02:00 से 03:56 तक
कुम्भ > 03:56 से 05:30 तक
🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
💮दिशा शूल ज्ञान————- उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
13 + 3 + 1 = 17 ÷ 4 = 1 शेष
पातल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l
🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
चंद्र ग्रह मुखहुति
💮 शिव वास एवं फल -:
13 + 13 + 5 = 31 ÷ 7 = 3 शेष
वृषाभारूढ = शुभ कारक
🚩भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮
*महावीर जयंती
💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮
धर्मं धनं च धान्यं च गुरोर्वचनमौषधम् ।
सुगृहीतं च कर्त्तव्यमन्यथा तु न जीवति ।।
।।चाoनीo।।
हम निम्न लिखित बाते प्राप्त करे और उसे कायम रखे.
हमें पुण्य कर्म के जो आशीर्वाद मिले.
धन, अनाज, वो शब्द जो हमने हमारे अध्यात्मिक गुरु से सुने.
कम पायी जाने वाली दवाइया.
हम ऐसा नहीं करते है तो जीना मुश्किल हो जाएगा.
🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩
गीता -: आत्मसंयमयोग अo-6
समं कायशिरोग्रीवं धारयन्नचलं स्थिरः।
सम्प्रेक्ष्य नासिकाग्रं स्वं दिशश्चानवलोकयन्॥
काया, सिर और गले को समान एवं अचल धारण करके और स्थिर होकर, अपनी नासिका के अग्रभाग पर दृष्टि जमाकर, अन्य दिशाओं को न देखता हुआ
॥13॥
💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
🐏मेष
प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। भेंट व उपहार देना पड़ सकते हैं। बेवजह तनाव रह सकता है। सिर में चोट लग सकती है। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। घर में अतिथियों का आगमन होगा। व्यय बढ़ेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कोई बड़ा काम करने तथा यात्रा पर जाने का मन बनेगा। आय बनी रहेगी।
🐂वृष
जल्दबाजी से चोट लग सकती है। कुसंगति से बचें। कोई अप्रत्याशित खर्च सामने आएगा। कर्ज लेना पड़ सकता है। असमंजस की स्थिति बनेगी। लेन-देन में जल्दबाजी व लापरवाही न करें। भावनाओं को वश में रखें। मन की बात किसी को न बतलाएं। प्रतिष्ठा में कमी हो सकती है।
👫मिथुन
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। मित्रों तथा पारिवारिक सदस्यों के साथ समय सुखमय व्यतीत होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। प्रमाद न करें।
🦀कर्क
किसी भी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। बातचीत में संयम रखें। शत्रुता में कमी रहेगी। स्थायी संपत्ति की खरीदी-बिक्री की योजना बनेगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। पार्टनरों तथा मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं।
🐅सिंह
यात्रा लंबी तथा मनोरंजक रह सकती है। अप्रत्याशित लाभ के योग हैं। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। जीवन सुखमय व्यतीत होगा। प्रसन्नता तथा उत्साह से ओत-प्रोत रहेंगे। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। चोट-रोग व चोरी-विवाद से बचें।
🙍♀️कन्या
ऐश्वर्यादि पर खर्च होगा। यश बढ़ेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नए काम मिल सकते हैं। आर्थिक वृद्धि के लिए योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। नौकरी में जवाबदारी बढ़ सकती है। थकान व कमजोरी रह सकती है। विरोधी सक्रिय रहेंगे।
⚖️तुला
बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बन सकता है। सृजनशीलता का विकास होगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। व्यापार-व्यवसाय सुखद रहेगा। जल्दबाजी न करें। शारीरिक कष्ट संभव है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। संतान संबंधी बुरी सूचना प्राप्त हो सकती है।
🦂वृश्चिक
शत्रु पीठ पीछे षड्यंत्र रच सकते हैं। प्रियजनों के साथ रिश्तों में खटास आ सकती है। विवाद को बढ़ावा न दें। दूर से दु:खद समाचार मिल सकता है। पुराने रोग को नजरअंदाज न करें। व्यय होगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यापार-व्यवसाय की गति धीमी रहेगी।
🏹धनु
परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य संबंधी चिंता रहेगी। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। परिवार में कोई मांगलिक कार्य का आयोजन हो सकता है। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। शत्रुभय रहेगा। नौकरी में मातहतों का सहयोग मिलेगा।
🐊मकर
सुख के साधन जुटेंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। मित्रों का साथ मिलेगा। प्रयास सफल रहेंगे। किसी विवाद में विजय मिल सकती है। सामाजिक काम करने का मन बनेगा। पराक्रम व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। कारोबारी कामकाज चलते रहेंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।
🍯कुंभ
विवेक से कार्य करें, लाभ होगा। किसी धार्मिक स्थल के दर्शन का कार्यक्रम बन सकता है। मित्रों से भेंट होगी। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का सहयोग व मार्गदर्शन प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। जीवनसाथी की चिंता रहेगी। घर में सुख-शांति बनी रहेगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी।
🐟मीन
वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। अनहोनी की आशंका निर्मूल नहीं हो सकती है। पुराना रोग उभर सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। दूसरों के मामलों में हाथ न डालें। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी व्यक्ति के व्यवहार से क्लेश होगा। आय होगी। जोखिम न उठाएं।
🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599










