महापौर, निगम अध्यक्ष एवं निगमायुक्त को दैनिक वेतन भोगी, मस्टरकर्मी एवं स्थाईकर्मियों के नियमितीकरण किए जाने हेतु ज्ञापन सौंपा

महापौर, निगम अध्यक्ष एवं निगमायुक्त को दैनिक वेतन भोगी, मस्टरकर्मी एवं स्थाईकर्मियों के नियमितीकरण किए जाने हेतु ज्ञापन सौंपा
सागर/27.7.26/ नगर निगम में कार्यरत स्थायीकर्मी, दैनिक वेतनभोगी एवं मस्टरकर्मियों ने नियमित किए जाने के संबंध में महापौर  संगीता सुशील तिवारी, निगम अध्यक्ष  वृंदावन अहिरवार एवं निगमायुक्त राजकुमार खत्री को ज्ञापन सौंपकर रिक्त पदों पर नियमित करने की मांग की।
ज्ञापन में लेख किया गया है कि आपके द्वारा दिए गए आदेश के परिपालन में समस्त दैनिक वेतन भोगी मस्टरकर्मी एवं स्थाईकर्मियों ने आपके द्वारा दिए गए निर्धारित प्रारूप में आवेदन जमा कर दिए गए हैं। नगर निगम सागर में वर्तमान में दैनिक वेतनभोगी मस्टरकर्मी एवं स्थाईकर्मियों की अनुमानित कुल संख्या 415 है। नगर निगम सागर में 50 से अधिक पार्कों का निर्माण हो चुका है और 50 से ज्यादा वर्तमान में मंगल भवन/सामुदायिक भवन है। नगर निगम सागर में चतुर्थ श्रेणी के पदों में वृद्धि का अधिकार निगम परिषद को है। नगरीय प्रशासन के इस संबंध में स्पष्ट आदेश हैं अवलोकन करने का कष्ट करें। अतः चतुर्थ श्रेणी के (माली एवं चौकीदार) के पद संख्या में वृद्धि की जा सकती है इसमें कोई संदेह नहीं है। वर्तमान में दैनिक वेतन भोगी, मस्टर कर्मी एवं स्थाईकर्मियों के मासिक भुगतान में लगभग एक करोड़ व्यय हो रहा है यदि इन समस्त कर्मचारियों को चतुर्थ श्रेणी के पदों पर पूर्ण नियमित किया जाएगा तो संस्था को लगभग 1 करोड़ 20 लाख का मासिक वहन करना होगा। जिससे नगर निगम सागर की आर्थिक स्थिति पर गंभीर प्रभाव नहीं पड़ेगा।
शासन द्वारा वर्तमान परिप्रेक्ष्य में समस्त श्रेणी समाप्त कर केवल नियमित, संविदा एवं आउटसोर्स श्रेणियां निर्धारित कर दी गई है। यदि उक्त समस्त दैनिक
वेतनभोगी, मस्टरकर्मी एवं स्थाईकर्मियों को चतुर्थ श्रेणी (माली, चौकीदार) के पदों पर नियमित किया जाता है तो निगम की वित्तीय स्थिति पर कोई भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। इस व्यवस्था को लागू करने पर सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा उक्त परिप्रेक्ष्य में लागू किए गए आदेश का भी पालन हो जाएगा। इस संबंध में चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियमित किए जाने हेतु किसी भी प्रकार की योग्यता का ना होना निर्धारित किया गया है। जिससे दैनिक वेतन भोगी मस्टरकर्मी एवं स्थाई कर्मियों को चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियमित किए जाने में निगम को कोई भी व्यवधान उत्पन्न होने की आशंका प्रतीत नहीं होती है। इस संबंध में नगर निगम इंदौर द्वारा दैनिक वेतन भोगी मास्टर कर्मी एवं स्थाई कर्मियों को पूर्ण चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियमित किया जा चुका है (प्रति संलग्न)। माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा भी इस संबंध में कई याचिकाओं के माध्यम से आदेश पारित कर दैनिक वेतन भोगी मस्टर कर्मी एवं स्थाई कर्मियों को नियमित की जाने के आदेश पारित किया जा चुके हैं।
अतःमहापौर  अध्यक्ष  एवं  आयुक्त से विनम्र निवेदन है कि चतुर्थ श्रेणी के पदों में वृद्धि कर दैनिक वेतनभोगी, मस्टरकर्मी एवं स्थाई कर्मियों को पूर्ण नियमित किए जाने की कृपा करें।
निगमायुक्त ने सभी स्थायी कर्मियों, दैनिक वेतनभोगी एवं मस्टरकर्मियों को नियमित करने की कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

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