
मां का अधूरा सपना पूरा करने बेटी ने रचा इतिहास, NCC के जरिए रूस में लहराएंगी तिरंगा, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ राज्य से केवल एक छात्रा का चयन
सागर। मध्य प्रदेश के सागर स्थित डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के लिए गर्व का क्षण तब आया जब विश्वविद्यालय की होनहार छात्रा सारा पांडे का चयन राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के प्रतिष्ठित यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम (YEP) 2026 के लिए रूस प्रतिनिधिमंडल में हुआ। यह कार्यक्रम 30 मई 2026 से 7 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें भारत के चुनिंदा कैडेट्स देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। खास बात यह है कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ (MP & CG) क्षेत्र से सारा पांडे ही एकमात्र छात्रा हैं, जिन्हें इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है।
सारा पांडे की यह उपलब्धि न केवल विश्वविद्यालय बल्कि पूरे बुंदेलखंड और प्रदेश के लिए गर्व का विषय बन गई है। उनकी इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
सारा पांडे पहले भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। वे गणतंत्र दिवस शिविर (RDC Camp) में भी भाग ले चुकी हैं, जो NCC का सबसे प्रतिष्ठित और कठिन प्रशिक्षण शिविर माना जाता है। इस शिविर में MP & CG क्षेत्र से केवल एक ही छात्रा का चयन हुआ था, और वह सारा पांडे ही थीं। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर पूरे देश के टॉप 10 कैडेट्स में भी स्थान प्राप्त किया है, जो उनकी क्षमता और समर्पण को दर्शाता है।
सारा की सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत के साथ-साथ एक भावनात्मक प्रेरणा भी जुड़ी हुई है। सारा बताती हैं कि उन्हें NCC में जाने की प्रेरणा अपनी मां से मिली। उनकी मां भी NCC से जुड़ी रही हैं और उन्हें देखकर ही सारा के मन में देश सेवा का जज़्बा जागा। बचपन से ही मां को NCC गतिविधियों में सक्रिय देखकर सारा प्रभावित हुईं और उन्होंने ठान लिया कि वे भी एक दिन NCC का हिस्सा बनेंगी।
सारा कहती हैं, “मैंने NCC इसलिए जॉइन की क्योंकि मैं अपनी मां का अधूरा सपना पूरा करना चाहती थी। उन्हें देखकर ही मुझे प्रेरणा मिली और आज जो भी हासिल किया है, उसमें उनका बहुत बड़ा योगदान है।” सारा अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं और उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ NCC को भी पूरा समय और समर्पण दिया।
उनकी दिनचर्या काफी अनुशासित रही है। एक ओर जहां वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान देती थीं, वहीं दूसरी ओर NCC के प्रशिक्षण, परेड, कैंप और अन्य गतिविधियों में भी पूरी लगन से भाग लेती थीं। यही संतुलन और मेहनत उन्हें आज इस मुकाम तक लेकर आई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन, NCC इकाई और प्राध्यापकगणों ने सारा पांडे की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि सारा ने न केवल संस्थान का नाम रोशन किया है, बल्कि आने वाले विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणास्रोत भी बनी हैं।
NCC के अधिकारियों के अनुसार, यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम (YEP) एक अंतरराष्ट्रीय मंच है, जहां विभिन्न देशों के कैडेट्स आपसी सांस्कृतिक आदान-प्रदान, सैन्य प्रशिक्षण और नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन करते हैं। इस कार्यक्रम में भाग लेना किसी भी कैडेट के लिए बेहद सम्मान की बात होती है।
अब सारा पांडे रूस में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए देश की संस्कृति, अनुशासन और युवाओं की प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। विश्वविद्यालय को पूर्ण विश्वास है कि वे इस अवसर का भरपूर लाभ उठाते हुए भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगी।
सारा की यह सफलता न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह कहानी बताती है कि अगर इरादे मजबूत हों और परिवार का साथ मिले, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता।
आज सागर की इस बेटी ने यह साबित कर दिया है कि मां के सपनों को अपनी मेहनत से हकीकत में बदला जा सकता है, और अब वह दिन दूर नहीं जब रूस की धरती पर तिरंगा लहराते हुए सारा पांडे पूरे देश का मान बढ़ाएंगी
सारा बताती है कि इस सफलता के पीछे 7 MP बटालियन और विश्विद्यालय की ANO सुमन पटेल का विशेष योगदान रहा है











