
पाल ने मंगलवार को शाहगढ़ विकासखंड स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) का औचक निरीक्षण कर वहां भर्ती कुपोषित बच्चों एवं हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने माताओं से बातचीत कर बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और उपचार संबंधी जानकारी प्राप्त की।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों को केवल केंद्र में भर्ती कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि डिस्चार्ज के बाद भी उनका नियमित फॉलो-अप बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे का कम से कम पांच बार स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए, ताकि उनके स्वास्थ्य में निरंतर सुधार सुनिश्चित हो सके।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर का संवेदनशील व्यवहार भी देखने को मिला। उन्होंने एक हाई रिस्क गर्भवती महिला की पुत्री को बैट-बल्ला और गेंद भेंट की तथा चॉकलेट देकर स्नेह जताया। साथ ही उपस्थित महिलाओं को संतुलित आहार, स्वच्छता और बेहतर पोषण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ माता ही स्वस्थ शिशु की मजबूत नींव होती है।
कलेक्टर ने फील्ड स्तर पर कार्यरत सुपरवाइजर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि वे घर-घर जाकर बच्चों के वजन और स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करें। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस दौरान विवेक के. वी., नवीन सिंह ठाकुर तथा भरत सिंह ठाकुर सहित स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने केंद्र परिसर में आंवला का पौधा रोपित किया और मुनगा के पौधे लगाने के भी निर्देश दिए।











