
ग्राम पंचायत भुसौरा में विकास कार्यों पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने लगाए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
देवरी/केसली। सागर जिले की देवरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जनपद पंचायत केसली की ग्राम पंचायत भुसौरा में कराए गए विभिन्न निर्माण कार्यों को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों ने पंचायत में पूर्व में निर्मित सीसी सड़क, आंगनवाड़ी भवन, घाट निर्माण एवं पंचायत भवन निर्माण कार्यों में व्यापक अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये की लागत से कराए गए कई निर्माण कार्य गुणवत्ता के मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं। वहीं आंगनवाड़ी भवन की मरम्मत का कार्य पिछले लगभग छह माह से जारी है, लेकिन आज तक कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। ग्रामीणों का आरोप है कि मरम्मत कार्य के लिए राशि का आहरण किए जाने के बावजूद मौके पर निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है, जिससे बच्चों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामवासियों ने पंचायत प्रशासन पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी विफल रहने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि भीषण गर्मी के बावजूद गांव में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा लगाए गए हैंडपंप कई स्थानों पर बंद पड़े हैं, जिसके कारण लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। वहीं केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री जल जीवन मिशन योजना का लाभ भी ग्रामीणों को अपेक्षित रूप से नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि पंचायत में मनरेगा कार्यों के तहत फर्जी मास्टर रोल तैयार कर राशि के आहरण का खेल चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायक द्वारा मनरेगा पोर्टल पर कथित रूप से फर्जी मजदूरों के नाम दर्ज कर सरकारी राशि निकाली जा रही है। मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग लगातार उठ रही है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जनपद पंचायत एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा गांव में पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जांच और कार्रवाई नहीं की गई तो वे जनआंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।संभावित शीर्षक:
“भुशोरा पंचायत में विकास कार्यों पर भ्रष्टाचार के आरोप, अधूरी आंगनवाड़ी मरम्मत और पेयजल संकट से ग्रामीण परेशान”











