सागर पुलिस बनी मसीहा: उत्तर प्रदेश से भटककर पहुंची 12 वर्षीय बालिका को सुरक्षित परिजनों से मिलाया

सागर पुलिस बनी मसीहा: उत्तर प्रदेश से भटककर पहुंची 12 वर्षीय बालिका को सुरक्षित परिजनों से मिलाया
सागर। सागर पुलिस ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और मानवीय कार्यशैली का परिचय देते हुए उत्तर प्रदेश से भटककर सागर पहुंची 12 वर्षीय बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाकर सराहनीय कार्य किया है। पुलिस की तत्परता और दोनों राज्यों की पुलिस के समन्वय से बालिका को महज कुछ घंटों में उसके पिता तक पहुंचाने का रास्ता साफ हो गया।
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के महरौनी क्षेत्र निवासी 12 वर्षीय बालिका अपने पिता के साथ बाजार गई थी। इसी दौरान वह अनजाने में एक बस में बैठ गई और सागर पहुंच गई। मानसिक रूप से कुछ कमजोर बताई जा रही बालिका जब सागर बस स्टैंड क्षेत्र में रोते हुए भटकती मिली, तब एक जागरूक नागरिक ने डायल-112 को सूचना दी।
सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और बालिका को सुरक्षित संरक्षण में लेकर थाना कोतवाली पहुंचाया। यहां प्रधान आरक्षक कमलेश ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कंट्रोल रूम प्रभारी उपनिरीक्षक आर.के.एस. चौहान को जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बालिका से बेहद संवेदनशीलता के साथ बातचीत कर उसकी पहचान और निवास संबंधी जानकारी जुटाने का प्रयास किया।
बालिका केवल अपने पिता का नाम और थाना महरौनी क्षेत्र का जिक्र कर सकी। इसके बाद सागर पुलिस ने तत्काल उत्तर प्रदेश के महरौनी थाने से संपर्क स्थापित कर बालिका का फोटो और उपलब्ध जानकारी साझा की। दोनों राज्यों की पुलिस के संयुक्त प्रयासों से करीब दो घंटे के भीतर बालिका के पिता का पता लगा लिया गया।
रात्रि होने के कारण पिता उसी समय सागर नहीं पहुंच सके। इस दौरान थाना कोतवाली में पदस्थ महिला आरक्षक अंजली बंसल ने बालिका की देखभाल की जिम्मेदारी निभाई और उसे पूरी सुरक्षा एवं संरक्षण प्रदान किया।
शनिवार को बालिका के पिता सागर पहुंचे, जहां आवश्यक सत्यापन और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बालिका को सुरक्षित उनके सुपुर्द कर दिया गया। अपनी बेटी को सकुशल वापस पाकर पिता भावुक हो गए और सागर पुलिस का आभार व्यक्त किया।
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली मनीष सिंघल, उपनिरीक्षक आर.के.एस. चौहान, प्रधान आरक्षक कमलेश, महिला आरक्षक अंजली बंसल तथा डायल-112 स्टाफ की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही।
सागर पुलिस का यह प्रयास केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के प्रति उसकी संवेदनशील जिम्मेदारी और मानवीय चेहरे को भी उजागर करता है।

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