
300 साल पुराने चमेली चौक नागेश्वर मंदिर के सामने स्थित चोपड़ा की बदहाल स्थिति, गंदगी और पूजन सामग्री से दूषित हो रहा जल, मछलियां भी मर रहे
सागर शहर के चमेली चौक स्थित नागेश्वर मंदिर के सामने बना लगभग 300 वर्ष पुराना ऐतिहासिक चोपड़ा इन दिनों उपेक्षा का शिकार है। साफ-सफाई के अभाव में चोपड़ा का पानी हरा और बदबूदार हो गया है। वहीं श्रद्धालुओं द्वारा लगातार पूजन सामग्री इसमें डाले जाने से स्थिति और खराब होती जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार चोपड़ा के आसपास गंदगी फैली हुई है और दूषित पानी के कारण बड़ी संख्या में मछलियां भी मर रही हैं। रात के समय यहां शराबखोरी होने की शिकायत भी सामने आई है। परिसर में शराब की खाली बोतलें पड़ी दिखाई देती हैं। लोगों का आरोप है कि न तो संबंधित ट्रस्ट इस ओर ध्यान दे रहा है और न ही नगर निगम प्रशासन।
सोमवार दोपहर 1 बजे मंदिर के पुजारी दीपक नागाईच ने बताया कि श्रद्धालुओं को कई बार चोपड़ा में पूजन सामग्री नहीं डालने की समझाइश दी गई है, लेकिन इसके बावजूद लोग सामग्री जल में विसर्जित कर देते हैं। उन्होंने कहा कि चोपड़ा की नियमित साफ-सफाई और संरक्षण की दिशा में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
श्रद्धालु संतोष सोनी (मारुति ज्वेलर्स) ने बताया कि यह चोपड़ा शहर की ऐतिहासिक धरोहर है। एक समय था जब शहर में पानी की कमी होने पर आसपास के लोग इसके पानी का उपयोग करते थे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे चोपड़ा में गंदगी और पूजन सामग्री न डालें। इसकी स्वच्छता बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की भी है।
गौरतलब है कि इस प्राचीन चोपड़ा का कुछ वर्ष पहले स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लाखों रुपये खर्च कर जीर्णोद्धार कराया गया था, लेकिन देखरेख के अभाव में यहां फिर से गंदगी और अव्यवस्था का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से चोपड़ा की नियमित सफाई, सुरक्षा और संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।











